सुप्रीम कोर्ट से Pawan Khera को बड़ी राहत, गिरफ्तारी पर रोक
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा को आज शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट से अग्रिम जमानत मिल गई है.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा को आज शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट से अग्रिम जमानत मिल गई है.
खेड़ा ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी पर कई पासपोर्ट और विदेश में अघोषित संपत्तियां होने के आरोपों से जुड़े मामले में अग्रिम जमानत मांगी थी. कल गुरुवार को इस मामले में सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था.
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा को आज शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट से सशर्त अग्रिम जमानत मिल गई है. साथ ही कोर्ट ने आदेश दिया कि जांच के दौरान उन्हें सहयोग करना होगा.खेड़ा ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी पर कई पासपोर्ट और विदेश में अघोषित संपत्तियां होने के आरोपों से जुड़े मामले में अग्रिम जमानत मांगी थी. कल गुरुवार को इस मामले में सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था.
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा को आज शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट से सशर्त अग्रिम जमानत मिल गई है. साथ ही कोर्ट ने आदेश दिया कि जांच के दौरान उन्हें सहयोग करना होगा.खेड़ा ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी पर कई पासपोर्ट और विदेश में अघोषित संपत्तियां होने के आरोपों से जुड़े मामले में अग्रिम जमानत मांगी थी. कल गुरुवार को इस मामले में सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था.कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा को आज शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट से सशर्त अग्रिम जमानत मिल गई है. साथ ही कोर्ट ने आदेश दिया कि जांच के दौरान उन्हें सहयोग करना होगा.खेड़ा ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी पर कई पासपोर्ट और विदेश में अघोषित संपत्तियां होने के आरोपों से जुड़े मामले में अग्रिम जमानत मांगी थी. कल गुरुवार को इस मामले में सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था.
सुप्रीम कोर्ट में कल सुनवाई के दौरान जस्टिस जे.के. महेश्वरी और जस्टिस ए.एस. चंदुरकर की बेंच ने कांग्रेस नेता की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था. खेड़ा ने अपना पक्ष रखते हुए कहा था कि यदि उन्हें दर्ज मामले में अग्रिम जमानत नहीं दी जाती है, तो गिरफ्तारी पूर्व जमानत का पूरा मकसद ही खत्म हो जाएगा.
गिरफ्तार कर अपमानित करना जरूरी नहीं’
कांग्रेस नेता खेड़ा की ओर से कोर्ट में पेश सीनियर एडवोकेट अभिषेक सिंघवी ने कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप सुनवाई के विषय हैं और उन्हें गिरफ्तार कर अपमानित करना आवश्यक नहीं है. साथ ही उन्होंने यह भी दलील दी कि उनके खिलाफ लगाई गई धाराओं में से कुछ जमानती भी हैं, जबकि अन्य में गिरफ्तारी की जरूरत नहीं है.
हालांकि असम सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि पवन खेड़ा ने सीएम हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी के पासपोर्ट की फर्जी और छेड़छाड़ की गई प्रतियां पेश की हैं. खेड़ा फरार हैं और लगातार वीडियो जारी कर रहे हैं. मुख्यमंत्री की पत्नी की कई नागरिकताएं होने के सभी आरोप भी गलत हैं.
मेहता ने कोर्ट से कहा कि अमेरिका में रजिस्टर्ड एक कंपनी से संबंधित कुछ फर्जी दस्तावेज भी दिखाए गए और खेड़ा से हिरासत में पूछताछ यह पता लगाना जरूरी है कि उनके साथ और कौन लोग हैं, साथ ही यह जानने के लिए भी कि क्या शिकायतकर्ता के नाम पर पासपोर्ट बनाने में विदेशी लोगों का हाथ है. उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस द्वारा जुटाई गई पूरी जानकारी इस समय बताई नहीं जा सकती.
गुवाहाटी HC ने जमानत से किया था इनकार
कांग्रेस नेता खेड़ा ने पिछले महीने 24 अप्रैल के गुवाहाटी हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें उन्हें अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया गया था. उनकी ओर से लगाए गए आरोपों के बाद सीएम सरमा की पत्नी रिंकी भुइयां शर्मा ने खेड़ा और अन्य के खिलाफ गुवाहाटी क्राइम ब्रांच थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की अलग-अलग धाराओं के तहत आपराधिक मामले दर्ज कराए थे.
इससे पहले तेलंगाना हाई कोर्ट ने खेड़ा को 7 दिन की ट्रांजिट अग्रिम जमानत दी थी, लेकिन असम पुलिस इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई. शीर्ष अदालत ने अंतरिम आदेश देते हुए ट्रांजिट अग्रिम जमानत पर रोक लगा दी थी और खेड़ा को गुवाहाटी हाई कोर्ट जाने को कहा था.



