अपराधियों की उल्टी गिनती शुरू, भारत का ‘ऑपरेशन ग्लोबल हंट’ बना बड़ा हथियार
'ऑपरेशन ग्लोबल हंट' से भारतीय एजेंसियां विदेशों में छिपे भगोड़े माफिया, ड्रग तस्करों और गैंगस्टरों को पकड़ने का अंतरराष्ट्रीय अभियान चला रही हैं.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: ‘ऑपरेशन ग्लोबल हंट’ से भारतीय एजेंसियां विदेशों में छिपे भगोड़े माफिया, ड्रग तस्करों और गैंगस्टरों को पकड़ने का अंतरराष्ट्रीय अभियान चला रही हैं. NCB, CBI, ED, NIA इंटरपोल के साथ मिलकर काम कर रही हैं. इस मिशन का लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स सिंडिकेट, साइबर व आर्थिक अपराधियों को भारत वापस लाना है.
भारत में अपराध करके विदेशों में छिपे बैठे माफिया, ड्रग तस्करों और गैंगस्टरों के खिलाफ भारतीय एजेंसियों ने अब तक का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय अभियान शुरू कर दिया है. इस ऑपरेशन का नाम रखा गया है ऑपरेशन ग्लोबल हंट. इस मिशन के तहत करीब 100 भगोड़े अपराधियों को पकड़ने का लक्ष्य रखा गया है. इसके लिए NCB, CBI, ED और NIA जैसी केंद्रीय एजेंसियां इंटरपोल के साथ मिलकर दुनिया भर में संयुक्त कार्रवाई करेंगी.
सूत्रों के मुताबिक, इंटरनेशनल सिंडिकेट से जुड़े अपराधियों की लोकेशन पता करने के लिए इंटरपोल के जरिए सिल्वर नोटिस का इस्तेमाल किया जा रहा है. भारतीय एजेंसियां अब सिर्फ प्रत्यर्पण प्रक्रिया पर निर्भर नहीं रहना चाहतीं, बल्कि कई मामलों में विशेष विमान के जरिए आरोपियों को सीधे भारत लाने की तैयारी की जा रही है.
ड्रग्स, साइबर और आर्थिक अपराधियों पर फोकस
इस ऑपरेशन का मुख्य निशाना अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स सिंडिकेट, साइबर अपराधी, आर्थिक अपराधी और संगठित गैंग हैं. एजेंसियों का कहना है कि कई अपराधी विदेशों में बैठकर भारत में ड्रग्स सप्लाई और संगठित अपराध चला रहे हैं. भारतीय एजेंसियों ने इस अभियान की रणनीति इंटरपोल सदस्य देशों की कॉन्फ्रेंस में तैयार की थी. मकसद साफ है- विदेशों में छिपे अपराधियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करवाना और भारत वापस लाना.
दाऊद के करीबी सलीम डोला को भारत लाया जा चुका
हाल ही में भारतीय एजेंसियां दाऊद इब्राहिम के करीबी रहे सलीम डोला को तुर्की के इस्तांबुल से डिपोर्ट कर भारत ला चुकी हैं. जांच एजेंसियों का कहना है कि यह सिर्फ अपराध नहीं, बल्कि ड्रग टेरर नेटवर्क है, जो विदेश से ऑपरेट होकर भारत में नशे का कारोबार फैला रहा है.
जांच एजेंसियों के रडार पर ये बड़े नाम
आसिफ इकबाल मेमन
हाजरा इकबाल मेमन
जुनैद इकबाल मेमन
हरमीत सिंह
प्रदीप सिंह
परमजीत ढालीवाल
सनी गोसलविस
जसविंदर सिंह
टिसन बिश्नोई
हाजी सलीम
संदीप धुनिया
बताया जा रहा है कि जसविंदर उर्फ जैज और सनी कालरा फिलहाल दुबई पुलिस की हिरासत में हैं.
भारत की एंटी-नारकोटिक्स मुहिम के बड़े आंकड़े
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 2025 में करीब 1.33 लाख किलो ड्रग्स जब्त किए गए, जिसकी कीमत लगभग रूपए 2000 करोड़ बताई गई. 77 हजार किलो ड्रग्स नष्ट किए गए, जिनकी कीमत करीब रूपए 3889 करोड़ थी. 265 ड्रग्स अपराधियों को सजा दिलाई गई. इंटरपोल के जरिए 37 नोटिस जारी किए गए. अब तक 5 भगोड़ों को भारत वापस लाने में सफलता मिली है. भारतीय एजेंसियों का कहना है कि आने वाले समय में ऑपरेशन ग्लोबल हंट के तहत और बड़े खुलासे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं.



