युद्ध क्षेत्र से लौटे नाविकों ने खोल दी सरकार की पोल

युद्ध क्षेत्र से वापस लौटे नाविकों ने वतन वापसी का श्रेय फॉरवर्ड सीमेन यूनियन ऑफ इंडिया (एफएसयूआई) के महासचिव मनोज कुमार यादव को दिया

नहीं मिली सरकारी मदद, श्रमिक संगठनों की मदद से वापसी
संगठन का दावा अभी भी फंसे हैं 20 हजार से ज्यादा लोग

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। यह खबर आंखे खोल देने वाली है और युद्ध क्षेत्र की भयानकता को बताने के लिए काफी है। मौत के मुहाने से जिंदा लौटे कुछ नाविकों ने युद्ध का आखों देखा हाल मीडिया को सुनाया है । इस हाल को जिसने भी सुना उसके रोंगटे खड़े हो गये। उत्तर प्रदेश के मनन सिंह चौहान पिछले साल अक्टूबर में तेहरान गए थे और एक जहाज पर ट्रेनी वाइपर के तौर पर काम कर रहे थे।
मनन हाल ही में युद्धग्रस्त ईरान से भारत लौटे है उन्होंने बताया कि उनके आस-पास ही मिसाइलें दागी जा रही थीं और उन्हें अपने जहाज के कप्तान से साइन-ऑफ (जहाज छोडऩे की अनुमति) भी नहीं मिल रही थी, जिसके चलते उन्होंने घर लौटने की सारी उम्मीदें खो दी थीं। उन्होंने अपनी और अपने साथियों की वतन वापसी का श्रेय फॉरवर्ड सीमेन यूनियन ऑफ इंडिया (एफएसयूआई) के महासचिव मनोज कुमार यादव को दिया और कहा कि हम ऐसी स्थिति में फंस गए थे जहाँ हमें कैप्टन से साइन-ऑफ नहीं मिल रहा था।

केबिन में जमीन को हिलते हुए महसूस किया

मीडिया से बात करते हुए उन्होंने बताया कि जब भी मिसाइलें गिरती थीं, तो ऐसा लगता था कि हम बच नहीं पाएंगे, लेकिन शायद हम अपने माता-पिता के आशीर्वाद की वजह से बच पाए। ईद के दिन, लगभग 7०-8० मिसाइलें गिरीं। मैं अपने केबिन में जमीन को हिलते हुए महसूस कर सकता था। उन्होंने बताया कि सभी ईरानी लोग जहाज छोडक़र चले गए थे और वह और दो अन्य भारतीय अकेले रह गए थे। उन्होंने कहा, हमारा जहाज खुर्रमशहर में फंसा हुआ था, जहां कई मिसाइलों को निशाना बनाया जा रहा था। 12 अप्रैल, 26 को, जहाज वहां से बंदर अब्बास के लिए रवाना हुआ, जहां एक नए कैप्टन ने हमें साइन-ऑफ दिया। वहां से, हम टैक्सी से बुशेहर पहुंचे और फिर जोल्फा गए।

मनोज सर ने बचाई जान

मनन चौहान ने कहा, वहां से, हम आर्मेनिया पहुंचे। दिबाकर यादव नाम का एक लडक़ा युद्ध में फंसा हुआ था। मैंने उससे मनोज सर का नंबर लिया और उनसे संपर्क किया। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें वेतन के तौर पर मिले 6०० डॉलर में से 3०० डॉलर घर लौटने में ही खर्च हो गए। उन्होंने कहा, हमने घर लौटने की उम्मीद लगभग खो दी थी, लेकिन मनोज यादव सर का शुक्रिया, हम वापस आ पाए। चौहान ने आरोप लगाया कि जो नाविक पश्चिम एशिया के युद्ध में फंसे हुए हैं, उन्हें घर लौटने के लिए सरकार से कोई मदद नहीं मिली है। उन्होंने कहा, अभी भी, लगभग 8०-9० लोग वहाँ फँसे हुए हैं। इसके अलावा, उन्होंने शिकायत की कि कई ऐसे एजेंट हैं जो नाविकों के साथ धोखाधड़ी करते हैं। उन्होंने बताया, हमें बताया गया था कि हमें दुबई ले जाया जा रहा है, लेकिन इसके बजाय हमें ईरान भेज दिया गया।

आर्मेनिया की सीमा पार करने के बाद उम्मीद जगी

हरियाणा के एक अन्य नाविक, रवि ने कहा, आर्मेनिया की सीमा पार करने के बाद ही, हमारे मन में भारत पहुंचने की उम्मीद फिर से जगी। ईरान में अपनी स्थिति के बारे में उन्होंने कहा, सोते समय जमीन इतनी जोर से हिलती थी कि ऐसा लगता था जैसे मिसाइलें हमारे पास ही गिर रही हैं। कभी-कभी तो डर के मारे हम सो भी नहीं पाते थे। रवि ने आगे कहा, मैंने अपने परिवार को अपनी स्थिति के बारे में कुछ नहीं बताया, क्योंकि मेरी मां बहुत जल्दी परेशान हो जाती हैं। एफएसयूआई के महासचिव मनोज कुमार यादव ने बताया कि हवाई क्षेत्र बंद होने की वजह से नाविकों को सडक़ के रास्ते से लंबा और ज्यादा मुश्किल सफर तय करना पड़ा। उनकी आर्थिक तंगी का जिक्र करते हुए यादव ने कहा, उनके पास न तो किराया देने के पैसे थे और न ही दिन में दो बार खाना खाने के लिए। दूसरों के लिए यह भले ही सीजफायर (युद्धविराम) हो, लेकिन नाविकों को इससे अब तक कोई फ़ायदा नहीं हुआ है। उनमें से 2०००० से ज्यादा लोग अभी भी वहीं फंसे हुए हैं।

ईरान ने स्थायी शांति के लिए अमेरिका को नया प्रस्ताव भेजा

पाकिस्तान के माध्यम से अपना रुख अमेरिका तक पहुंचाया

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। ईरान ने अमेरिका को एक नया प्रस्ताव भेजा है। यह प्रस्ताव ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के बीच बातचीत रुकी हुई है। बातचीत का मुख्य उद्देश्य अस्थायी सीजफायर को स्थायी शांति में बदलना है। ईरान के सरकारी मीडिया ने बताया कि तेहरान ने पाकिस्तान के माध्यम से अपना रुख अमेरिका तक पहुंचाया है।
पाकिस्तान ने पिछले महीने हुई सीधी बातचीत के पहले दौर में भी मध्यस्थता की थी। ट्रंप ने कहा कि वह इस प्रस्ताव से संतुष्ट नहीं हैं। ईरान की इस योजना की खबर सामने आते ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में तुरंत गिरावट दर्ज की गई।
ट्रंप प्रशासन का दावा है कि अप्रैल में हुए सीजफायर के बाद युद्ध समाप्त हो गया है। इस व्याख्या से व्हाइट हाउस को कांग्रेस की मंजूरी लेने की जरूरत से बचने का मौका मिल सकता है। हालांकि, ट्रंप ने स्पष्ट किया कि ईरान पर नौसैनिक नाकाबंदी जारी रहेगी। ईरान ने भी कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में आवाजाही पर लगाई गई पाबंदियां बनी रहेंगी। समाचार एजेंसी के अनुसार, ईरान के नए प्रस्ताव का मसौदा गुरुवार शाम को पाकिस्तान को सौंप दिया गया। एजेंसी ने प्रस्ताव के विस्तार पर कोई जानकारी नहीं दी, खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य या ईरान की परमाणु गतिविधियों जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर क्या प्रस्ताव रखा गया है, इस बारे में कुछ नहीं बताया गया। ट्रंप ने गुरुवार को कहा कि इस नाकाबंदी से ईरान को तेल से होने वाली कमाई से वंचित होना पड़ रहा है, तेहरान को बातचीत की मेज पर वापस ले आएगी।

ईरान की संसद के स्पीकर ने किया आर्थिक लड़ाई का आह्वान

ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघर गालिबफ ने एक्स पर अपने देश के विशाल सीमा का जिक्र करते हुए कहा कि इतनी बड़ी सीमाओं वाले देश की घेराबंदी करने की कोशिश में आपको शुभकामनाएं। अन्य ईरानी अधिकारी ने कहा कि यह घेराबंदी दोनों पक्षों के बीच नई बातचीत शुरू करने और होर्मुज को फिर से खोलने के लिए हटाया जाना जरूरी है, तेल की कीमतों को और बढ़ा देगी। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने अपने लोगों से आर्थिक लड़ाई लडऩे और अपने दुश्मनों को निराश करने का आग्रह किया।

बंगाल के दो विधानसभा क्षेत्र के 15 बूथों पर पुनर्मतदान जारी

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल के दो निर्वाचन क्षेत्रों के 15 मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान जारी है, लोग भारी संख्या में मतदान केंद्रों पर पहुंच रहे हैं। 29 अप्रैल को राज्य विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के दौरान मतों में हेराफेरी की कई शिकायतें प्राप्त हुई थीं। पश्चिम बंगाल के डायमंड हार्बर और मगराहट पश्चिम निर्वाचन क्षेत्रों के 15 बूथों पर पुनर्मतदान हो रहा है।
चुनाव आयोग ने अपने आदेश में कहा था कि मगराहात पश्चिम के 11 मतदान केंद्रों और डायमंड हार्बर के 4 मतदान केंद्रों पर दोबारा मतदान होगा। आयोग ने मतदान क्षेत्रों में व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश भी जारी किए हैं और यह भी कहा है कि चुनाव लडऩे वाले उम्मीदवारों को आज होने वाले नए मतदान के बारे में लिखित रूप में सूचित किया जाना चाहिए।
अधिकारी ने बताया कि सभी 15 मतदान केंद्रों पर मतदान सुबह 7 बजे शुरू होगा और शाम 6 बजे समाप्त होगा।

ईवीएम में छेड़छाड़ के 77 मामले सामने आए

पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) मनोज अग्रवाल ने बुधवार को कहा कि मतदान के दूसरे चरण के दौरान ईवीएम में छेड़छाड़ के 77 मामले सामने आए हैं और चेतावनी दी है कि जिन बूथों पर इस तरह के उल्लंघन की पुष्टि होती है, वहां दोबारा मतदान का आदेश दिया जाएगा।

चुनाव आयोग हाई अलर्ट पर

चुनाव आयोग चुनाव के बाद संभावित हिंसा को रोकने के लिए हाई अलर्ट पर है। पश्चिम बंगाल में मतदान दो चरणों में हुआ था 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को, जिसमें राज्य ने स्वतंत्रता के बाद से अब तक का सबसे अधिक मतदान दर्ज किया। पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने तृणमूल के सभी आरोपों को खारिज कर दिया।

आप के पूर्व सदस्य की मुश्किलें बढ़ी

संदीप पाठक के खिलाफ दो एफआईआर, दिल्ली पहुंची पंजाब पुलिस

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के पूर्व सदस्य और राज्यसभा सांसद संदीप पाठक की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। पंजाब में दो अलग-अलग जिलों में उनके खिलाफ दो एफआईआर दर्ज की गई हैं, जानकारी के मुताबिक, दोनों ही मामले गैर-जमानती धाराओं में दर्ज हैं, जिससे कानूनी स्थिति और अधिक गंभीर हो गई है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, दोनों एफआईआर अलग-अलग घटनाओं से जुड़ी हैं. हालांकि, अभी तक आरोपों का पूरा विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है. मामले की जांच पंजाब पुलिस कर रही है और आगे की कार्रवाई तेज किए जाने के संकेत हैं।

मुझे ऐसी किसी एफआईआर की जानकारी नहीं : संदीप

आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संदीप पाठक ने अपने खिलाफ एफआईआर दर्ज होने की रिपोट्र्स पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें ऐसी किसी एफआईआर की कोई जानकारी नहीं है और न ही किसी पुलिस अधिकारी ने इस संबंध में उनसे संपर्क किया है। मैंने पूरी जिंदगी ईमानदारी और निष्ठा के साथ देश की सेवा की है. देश किसी भी पार्टी से बड़ा है, मैं कभी इसे धोखा नहीं दूंगा और न किसी को देने दूंगा, अगर मेरे जैसे व्यक्ति के खिलाफ कोई कार्रवाई की गई है, तो यह दिखाता है कि वे कितने डरे हुए हैं, मैं इससे ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहता।

बंगाल काउंटिंग में केंद्रीय कर्मियों की तैनाती के मामले में सुप्रीम कोर्ट दखल नहीं देगा

केंद्र सरकार और केंद्रीय कर्मचारियों को काउंटिंग सुपरवाइजर नियुक्त करने पर था एतराज
ईसी के फैसले के खिलाफ टीएमसी सुप्रीम कोर्ट पहुंची

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों को काउंटिंग सुपरवाइजर नियुक्त करने के चुनाव आयोग के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची टीएमसी को अदालत से झटका लगा र्है। चुनाव आयोग के फैसले के खिलाफ पहुंची ममता बनर्जी की पार्टी से शीर्ष अदालत ने कहा कि हम चुनाव आयोग के फैसले के खिलाफ नहीं जाएंगे और इसपर कोई आदेश जारी नहीं करेंगे।
कोर्ट ने साफ कहा कि ईसी को अपना अधिकारी चुनने का पूरा अधिकार है, शीर्ष अदालत ने कहा कि हम उनके काम में कोई दखल नहीं देंगे। बता दें कि टीएसी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल पैरवी कर रहे थे। कोर्ट ने आगे कहा कि केंद्र सरकार के कर्मचारी के साथ एक राज्य सरकार के कर्मचारी की भी तैनाती की जाएगी।

इलेक्शन कमीशन को अधिकारी चुनने का हक है : सुप्रीम कोर्ट

केंद्रीय कर्मचारियों को काउंटिंग सुपरवाइजर नियुक्त करने के फैसले के खिलाफ पहुंची टीएमसी को सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि किसी आदेश की जरूरत नहीं है। सर्कुलर का पूरी तरह से पालन होगा, इलेक्शन कमीशन को अधिकारी चुनने का हक है, चुनाव आयोग अपने कर्मचारी पर खुद नियंत्रण कर सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने इसके साथ इस मामले पर दखल देने से इनकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कर्मचारियों की तैनाती नियमों के खिलाफ नहीं है। चुनाव आयोग का सर्कुलर ही लागू होगा। जस्टिस जे. बागची ने सुनवाई के दौरान कहा कि केवल एक ही पूल से चयन करना गलत नहीं कहा जा सकता।

चयन राज्य सरकार और केंद्र सरकार के कर्मचारियों में से रैंडम तरीके से होना चाहिए : सिब्बल

कपिल सिब्बल ने जवाब देते हुए कहा कि चयन राज्य सरकार और केंद्र सरकार के कर्मचारियों में से यादृच्छिक (रैंडम) तरीके से होना चाहिए। तब जस्टिस बागची ने कहा कि काउंटिंग सुपरवाइजर और काउंटिंग असिस्टेंट में से कम से कम एक केंद्र सरकार का कर्मचारी होना चाहिए। कपिल सिब्बल ने तब कहा कि तो फिर दूसरा राज्य सरकार का होना चाहिए, लेकिन यहां तो राज्य सरकार का कोई प्रतिनिधि नहीं है.,सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कहा कि यहां एक और गलतफहमी यह है कि राज्य सरकार और केंद्र सरकार के कर्मचारी अलग-अलग माने जा रहे हैं, जबकि वे सभी सरकारी कर्मचारी ही हैं।

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