कानपुर में पैसे के लिए खौफनाक हत्या, CCTV और मोबाइल लोकेशन से खुला राज
कानपुर में पैसों के लालच में युवक अंकित त्रिवेदी की कथित हत्या का मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने बैंक पासवर्ड न बताने पर गला दबाकर हत्या की और शव गंगा नदी में फेंक दिया। मामले में 3 आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं।

4 पीएम न्यूज नेटवर्कः कानपुर में एक युवक की कथित तौर पर पैसों के लालच में हत्या किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि युवक को पहले कार में बैठाकर ले जाया गया और फिर बैंक अकाउंट का पासवर्ड न बताने पर उसकी गला दबाकर हत्या कर दी गई। हत्या के बाद शव को गंगा नदी में फेंकने का आरोप है। इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य आरोपी और एक महिला आरोपी अभी फरार बताए जा रहे हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि घटना के कई दिन बाद भी पुलिस को युवक का शव बरामद नहीं हो सका है।
17 अप्रैल से लापता था अंकित त्रिवेदी
मामले का खुलासा करते हुए सत्यजीत गुप्ता ने बताया कि 17 अप्रैल को विष्णु चंद्र त्रिवेदी ने अपने बेटे अंकित त्रिवेदी के लापता होने की सूचना पुलिस को दी थी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने युवक की तलाश शुरू की और मामले की जांच कई स्तरों पर की गई। सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को पता चला कि अंकित को एक स्विफ्ट डिजायर कार में कुछ लोगों के साथ जाते देखा गया था।
कार में मौजूद थे पांच लोग
पुलिस जांच में सामने आया कि कार में अंकित त्रिवेदी के साथ रेहान, शादाब, अल्तमस और अफसाना मौजूद थे, जबकि सत्यम बाइक से पीछे चल रहा था। पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि रास्ते में पेशाब करने के बहाने कार रोकी गई। इसी दौरान मोबाइल फोन के जरिए पैसे ट्रांसफर कराने की कोशिश की गई। आरोप है कि जब अंकित ने अपने बैंक अकाउंट का पासवर्ड बताने से इनकार किया, तो सभी आरोपियों ने मिलकर उसकी गला दबाकर हत्या कर दी।
हत्या के बाद गंगा नदी में फेंका शव
पुलिस के अनुसार, हत्या के बाद आरोपी शव को सुल्तानपुर घोष इलाके के पास गंगा नदी में फेंककर फरार हो गए। फिलहाल पुलिस और एनडीआरएफ की टीमें शव की तलाश में जुटी हुई हैं। डीसीपी पूर्वी ने बताया कि मामले में गिरफ्तार आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है और फरार मुख्य आरोपी सत्यम मिश्रा तथा महिला आरोपी अफसाना की तलाश के लिए कई पुलिस टीमें लगाई गई हैं।
सरकारी कर्मचारी होने की वजह से बनाया निशाना
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी अंकित के बैंक खाते में जमा पैसों की जानकारी रखते थे। पुलिस के मुताबिक, अंकित एक सरकारी कर्मचारी था और उसके खाते में लाखों रुपये थे। इसी लालच में उसे निशाना बनाया गया। पुलिस का मानना है कि यह हत्या पूरी तरह सुनियोजित तरीके से की गई थी और आरोपियों का मकसद पैसे हासिल करना था।
कई सवाल छोड़ गई वारदात
इस घटना ने कानपुर में सुरक्षा व्यवस्था और बढ़ते आपराधिक मामलों को लेकर चिंता बढ़ा दी है। परिवार अब भी अंकित के शव मिलने का इंतजार कर रहा है, जबकि पुलिस फरार आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और पुलिस तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।
रिपोर्ट – प्रांजुल मिश्रा
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