स्मार्ट मीटर से परेशान जनता ने सड़कों पर किया बवाल, बीजेपी को चुकानी होगी कीमत
बिजली का खर्चा बढ़ने से गरीब परिवारों की मुश्किलें बढ़ गईं। सैकड़ों ग्रामीण, खासकर महिलाएं, घरों से स्मार्ट मीटर उखाड़कर ले गईं।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: भाजपा राज में भ्रष्टाचार चरम पर है, धांधलियां रुकने का नाम ही नहीं ले रही हैं। मगर मजाल है कि भ्रष्ट सरकार में बैठे नेता इसका समाधान कर सकें।
खैर अब आलम ये है कि जनता खुद सड़कों पर है। इसी बीच ऐसा ही एक मामला सामने आया है जहां उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में अकोला इलाके के लोगों ने स्मार्ट मीटरों के खिलाफ जोरदार विरोध किया है। ग्रामीणों का कहना है कि इन नए मीटर लगने के बाद उनके बिजली के बिल बहुत ज्यादा बढ़ गए हैं। पुराने मीटर से जो बिल आता था, उससे कई गुना ज्यादा बिल आने लगा। लोग रोजमर्रा की जिंदगी में परेशान हो गए।
बिजली का खर्चा बढ़ने से गरीब परिवारों की मुश्किलें बढ़ गईं। सैकड़ों ग्रामीण, खासकर महिलाएं, घरों से स्मार्ट मीटर उखाड़कर ले गईं। उन्होंने मीटरों को सिर पर रखकर या बोरे में भरकर अकोला के बिजली घर पहुंचाया। वहां उन्होंने मीटर फेंक दिए और जमकर प्रदर्शन किया। महिलाएं और पुरुष नारे लगाते हुए बिजली विभाग की नीतियों के खिलाफ आवाज उठा रहे थे। कुछ लोगों ने मीटर तोड़ भी दिए। हालात इतने तनावपूर्ण हो गए कि पुलिस को अलर्ट रहना पड़ा।
लोगों का आरोप है कि ये स्मार्ट मीटर तेजी से चलते हैं। बिजली कम खर्च करने पर भी बिल ज्यादा आता है। कई बार बिना बिजली इस्तेमाल किए भी बिल बढ़ जाता है। ग्रामीण कहते हैं कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई। आखिरकार गुस्सा फूट पड़ा और लोग खुद मीटर हटाने पर उतर आए। यह सिर्फ अकोला की बात नहीं है, यूपी के कई इलाकों में ऐसी शिकायतें आ रही हैं। दोस्तों यह पूरा मामला बीजेपी सरकार की बिजली नीति की नाकामी को दिखाता है।
योगी सरकार ने पूरे यूपी में स्मार्ट मीटर लगाने का बड़ा अभियान चलाया। कहा गया कि यह आधुनिक तरीका है, बिल आसानी से आएगा और चोरी रुकेगी। लेकिन हकीकत उल्टी निकली। लोगों पर बोझ बढ़ गया। प्री-पेड सिस्टम में पहले पैसे जमा करने पड़ते हैं, फिर भी बिल ज्यादा आता है। यह आम आदमी के साथ अन्याय है।सरकार की यह योजना ठेकेदारों और कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए लगती है। करोड़ों रुपये खर्च करके मीटर लगाए गए, लेकिन आम लोगों की परेशानी का कोई हल नहीं निकाला गया। शिकायतों को नजरअंदाज किया गया। जब लोग खुद मीटर उखाड़कर सड़क पर फेंक रहे हैं, तो समझ लीजिए कि सहनशक्ति की सीमा पार हो चुकी है।
वहीं इस घटना का वीडियो शेयर करते हुए सपा ,प्रमुख अखिलेश यादव ने भी जोरदार हमला बोला है। उन्होंने कहा कि सरकार बिजली विभाग में भ्रष्टाचार का खेल चला रही है। स्मार्ट मीटरों के जरिए लोगों से ज्यादा पैसे वसूले जा रहे हैं।
अखिलेश ने लिखा- भाजपा सरकार ने जनता को लूटने के लिए जो टेक्नोलॉजी का दुरुपयोग करके प्रीपेड मीटर के नाम पर बिजली में भ्रष्टाचार की लूट मचा रखी है। अब उनकी चोरी जनता ने पकड़ ली है। इस बार स्मार्ट मीटर तोड़ें जा रहे हैं अगली बार ईवीएम…
यह घटना बीजेपी के “सबका साथ, सबका विकास” के दावे को झुठलाती है। गांव-गांव में बिजली सुधार के नाम पर लोगों को और परेशान किया जा रहा है। जहां पहले बिजली मिलती थी, वहां अब महंगी बिजली और ज्यादा बिल की समस्या खड़ी हो गई। आगरा का यह प्रदर्शन यूपी की बीजेपी सरकार के लिए चेतावनी है। अगर समय रहते स्मार्ट मीटरों की समस्याओं को दूर नहीं किया गया तो और बड़े आंदोलन हो सकते हैं।
लोगों को सस्ती और सही बिल वाली बिजली चाहिए, न कि महंगे मीटर और बढ़े हुए बिल।सरकार को चाहिए कि तुरंत जांच कराए, गलत बिलों को सुधारे और लोगों की शिकायतों का समाधान निकाले। अन्यथा जनता का गुस्सा और बढ़ेगा। आम आदमी अब चुप नहीं रहेगा। और अगर सरकार का भ्रष्टाचार के खिलाफ यही रवैया रहा तो जनता इसका जवाब चुनाव में भी ज़रूर देगी।



