BJP अध्यक्ष की अभद्र टिप्पणी पर बवाल, राहुल गांधी का करारा पलटवार, ‘नारी वंदन’ पर सवाल
भाजपा अध्यक्ष की कथित अभद्र टिप्पणी को लेकर राजनीति गरमा गई है... राहुल गांधी ने तीखा पलटवार करते हुए ‘नारी वंदन’...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः भारतीय राजनीति में महिलाओं के सम्मान, सशक्तिकरण.. और ‘नारी वंदन’ जैसे मुद्दे अक्सर चर्चा में रहते हैं.. लेकिन कभी-कभी कुछ बयान पूरे विवाद को जन्म दे देते हैं.. हाल ही में गुजरात में ऐसा ही एक मामला सामने आया है.. गुजरात भाजपा के अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा ने कांग्रेस की सांसद गेनीबेन ठाकोर पर एक जनसभा में टिप्पणी की.. जिसे कांग्रेस ने बेहद अपमानजनक बताया है.. लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इस पर तीखा हमला बोला है.. और उन्होंने इसे भाजपा की महिला-विरोधी सोच का प्रमाण बताया.. यह घटना गुजरात की स्थानीय निकाय चुनावों के बाद हुई है.. और अब पूरे देश में चर्चा का विषय बन गई है..
गुजरात में 27 अप्रैल 2026 को स्थानीय निकाय चुनाव हुए.. इन चुनावों में भाजपा ने अच्छा प्रदर्शन किया.. बनासकांठा कांग्रेस सांसद गेनीबेन ठाकोर का गढ़ माना जाता है.. उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को हराकर इतिहास रचा था.. गुजरात में कांग्रेस की वे इकलौती सांसद हैं.. भाजपा की जीत के जश्न में पालनपुर के पास चडोतर में विजय विश्वास सम्मेलन आयोजित किया गया.. इसी कार्यक्रम में गुजरात भाजपा अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा ने भाषण देते हुए कहा कि.. भाजपा ने 30 साल बाद बनासकांठा जिला पंचायत की सीटें गेनीबेन ठाकोर की साड़ी के पल्लू से खींच ली हैं..
वहीं उन्होंने कहा कि हमने गेनीबेन ठाकोर की साड़ी के पल्लू में बंधी पंचायत सीटें खींच ली हैं.. यह बयान वीडियो में रिकॉर्ड हुआ और सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया.. कांग्रेस ने इसे तुरंत महिला अपमान बताया.. उनका कहना है कि एक महिला सांसद के बारे में इस तरह की भाषा इस्तेमाल करना घटिया और आपत्तिजनक है.. यह सिर्फ एक नेता का बयान नहीं.. बल्कि पूरे भाजपा की महिला-विरोधी मानसिकता को दिखाता है..
लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर एक्स पर पोस्ट किया.. उन्होंने लिखा कि गुजरात के भाजपा अध्यक्ष ने कांग्रेस की हमारी महिला सांसद गेनीबेन ठाकोर जी पर अभद्र टिप्पणी की है.. नारी वंदन का मुखौटा उतर गया.. यह सिर्फ शर्मनाक नहीं.. यह भाजपा की मनुवादी, महिला-विरोधी विचारधारा का असली चेहरा है..
राहुल गांधी ने आगे कहा कि सत्ता को चुनौती देने वाली महिलाओं को भाजपा बर्दाश्त नहीं कर पाती.. उनकी विकृत मानसिकता तुरंत सामने आ जाती है.. और उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी जिक्र किया.. राहुल ने याद दिलाया कि मोदी जी कहते हैं कि नारी सब भूल जाती है.. लेकिन अपना अपमान कभी नहीं भूलती.. लेकिन भाजपा खुद इस बात को भूल गई है.. उन्होंने चेतावनी दी कि गुजरात और पूरे हिंदुस्तान की महिलाएं इस अपमान का मुंहतोड़ जवाब देंगी..
आपको बता दें कि कांग्रेस पार्टी ने इस बयान की कड़ी निंदा की.. पार्टी ने कहा कि ऐसा लगता है भाजपा अपने नेताओं को महिलाओं का अपमान करने की ट्रेनिंग देती है.. जितना घटिया बयान कोई देगा, उतना बड़ा पद मिलेगा.. और उन्होंने मांग की कि भाजपा को अपने अध्यक्ष के बयान के लिए माफी मांगनी चाहिए..
कांग्रेस सांसद गेनीबेन ठाकोर ने खुद इस बयान पर नाराजगी जताई.. उन्होंने कहा कि वे आहत हुई हैं.. और जगदीश विश्वकर्मा को माफी मांगनी चाहिए.. गेनीबेन ठाकोर गुजरात की एक सक्रिय और लोकप्रिय नेता हैं.. वे महिलाओं के मुद्दों, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं को उठाती रही हैं.. कांग्रेस नेता जिग्नेश मेवाणी ने भी इस बयान को महिला विरोधी बताया.. और उन्होंने माफी की मांग की.. और ठाकोर समुदाय से विरोध दर्ज कराने की अपील की.. कई अन्य कांग्रेस नेताओं ने भी सोशल मीडिया और प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी निंदा की..
जगदीश विश्वकर्मा ने अपने बयान का बचाव किया.. उन्होंने कहा कि उनके शब्दों को गलत संदर्भ में पेश किया जा रहा है.. यह कोई व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं थी.. बल्कि राजनीतिक संदर्भ में कहा गया था.. उन्होंने दावा किया कि बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है.. भाजपा की तरफ से आधिकारिक स्तर पर अभी तक कोई बड़ा बयान नहीं आया है.. लेकिन पार्टी के कुछ स्थानीय नेताओं ने इसे कांग्रेस की साजिश बताया.. उनका कहना है कि कांग्रेस हार के बाद विवाद खड़ा कर रही है..
गेनीबेन ठाकोर बनासकांठा से 2024 का लोकसभा चुनाव जीती थीं.. यह कांग्रेस के लिए गुजरात में बड़ी जीत थी.. वे ठाकोर समुदाय से हैं.. जो गुजरात में प्रभावशाली है.. स्थानीय निकाय चुनाव में भाजपा ने बनासकांठा जिला पंचायत पर कब्जा कर लिया.. जो कांग्रेस के लिए झटका था.. जगदीश विश्वकर्मा का बयान इसी जीत के जश्न में आया.. राजनीतिक विश्लेषक कहते हैं कि चुनावी जीत के बाद कुछ नेता उत्साह में बोल जाते हैं.. लेकिन भाषा का ध्यान रखना जरूरी है..



