देश की सियासत का महाक्लाइमैक्स
पांच राज्यों के जनादेश ने बदल दिया खेल

- पश्चिम बंगाल में कमल ने और बढ़ाई अपनी ताकत
- असम में बीजेपी की सत्ता में वापसी
- केरल में कांग्रेस, तमिलनाडु में टीवीके और पुडुचेरी में कमल
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव का शंखनाद अब थम चुका है और मतों की गंगा अपने अंतिम पड़ाव तक पहुंचकर एक नई राजनीतिक धारा का रूप ले चुकी है। पांच राज्यों के जनादेश ने देश की सियासत में एक ऐसा परिदृश्य रच दिया है जिसकी गूंज गोमुख से गंगा सागर तक सुनाई दे रही है। यह सिर्फ चुनावी नतीजे नहीं बल्कि जनता के मन, मिजाज और विश्वास की नई इबारत बनकर उभरे हैं। पूर्व के आकाश में जहां कभी सियासी रंग सीमित हुआ करते थे वहां आज कमल की आभा फैलती दिख रही है। पश्चिम बंगाल जहां राजनीतिक परंपराओं की गहरी जड़ें थीं अब एक नए अध्याय का साक्षी बना है। असम की धरती पर यह रंग और गाढ़ा हुआ है जहां बहुमत के साथ बीजेपी का सत्ता की वापसी ने संदेश दिया है कि भरोसा अब स्थायित्व में बदल रहा है। चप्पा-चप्पा भाजपा का नारा अब महज उद्घोष नहीं बल्कि जनादेश का प्रतिबिंब बन चुका है। दक्षिण की ओर बढ़ते हैं तो तस्वीर और दिलचस्प हो जाती है। केरल जो वैचारिक संघर्षों की भूमि रहा है वहां सत्ता परिवर्तन ने यह जता दिया है कि जनता बदलाव के पक्ष में खड़ी है। तमिलनाडु में तो मानो सियासत की पटकथा ही बदल गई। एक नया चेहरा एक नई पार्टी और एक नई उम्मीद के साथ उभरी ताकत ने पुराने समीकरणों को पलट कर रख दिया है। यह सिर्फ जीत नहीं बल्कि बदलाव की लहर का प्रतीक है। पुडुचेरी में भी सत्ता का संतुलन बरकरार रहा जहां गठबंधन की वापसी ने यह साबित कर दिया कि स्थिरता और सामंजस्य की राजनीति को जनता का समर्थन हासिल है। कुल मिलाकर यह जनादेश कई रंगों से सजा हुआ है कहीं स्थिरता कहीं बदलाव तो कहीं नई शुरुआत का संकेत। लेकिन इस पूरे परिदृश्य में एक व्यापक संदेश साफ उभरता है कि देश की राजनीति अब एक नए मोड़ पर खड़ी है जहां क्षेत्रीय सीमाएं धुंधली होती दिख रही हैं और राष्ट्रीय विस्तार की कहानी लिखी जा रही है।
पश्चिम बंगाल में खिला कमल
खबर लिखे जाने तक पश्चिम बंगाल में 189 सीटों पर बीजेपी और 98 सीट पर टीएमसी आगे चल रहे हैं। इस बार एक्जिट पोल लोगों की नब्ज पर हाथ रखने में कामयाब हुए और नतीजे उसी के आसपास आ रहे हैं। पश्चिम बंगाल में पहली बार भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने जा रही है। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख और गढ़वाल से लोकसभा सांसद अनिल बलूनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए है लिखा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भाजपा मुख्यालय पहुंचकर पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान पीएम मोदी ने कई चुनावी सभाएं, रैलियां और रोड शो किए। अपने भाषणों में उन्होंने बार-बार यह दावा किया था कि इस बार बंगाल में बीजेपी की सरकार बनने जा रही है। चुनाव आयोग के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक रुझानों में भाजपा मजबूत स्थिति में नजर आ रही है। भाजपा 192 सीटों पर आगे चल रही है जबकि तृणमूल कांग्रेस 94 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। इसके अलावा एजेयूपी 2 सीटों पर आगे है, भारतीय गोरखा प्रजातांत्रिक मोर्चा (बीजीपीएम) 1 सीट पर, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माक्र्सवादी) सीट पर और ऑल इंडिया सेक्युलर फ्रंट (एआईएसएफ) 1 सीट पर आगे चल रहे हैं।
केरल कांग्रेस मुख्यालय में जश्न का माहौल
केरल विधानसभा चुनावों की मतगणना के अंतिम चरण में कांग्रेस नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) की जोरदार बढ़त के साथ राज्य की राजधानी तिरुवनंतपुरम स्थित कांग्रेस मुख्यालय में जश्न का माहौल बन गया है। रुझानों के मुताबिक यूडीएफ करीब 9० सीटों पर आगे चल रहा है, जबकि वाम मोर्चा 35 और भाजपा 3 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। कांग्रेस कार्यालय के अंदर प्रदेश अध्यक्ष सनी जोसेफ लगातार टीवी स्क्रीन पर विभिन्न सीटों के रुझानों पर नजर बनाए हुए थे। शुरुआती दौर में उनके पीछे होने की खबर से कुछ समय के लिए चिंता जरूर बढ़ी, लेकिन जल्द ही उन्होंने बढ़त हासिल कर ली।
पुडुचेरी में जीते सीएम रंगास्वामी, रुझानों में फिर एनडीए सरकार
पुडुचेरी में 3० सीटों पर चुनाव हुआ है, जहां मुख्यमंत्री एन रंगास्वामी की अगुवाई वाली एआईएनआरसी चौथी बार सत्ता में लौटने की कोशिश कर रही है। यहां मुकाबला दिलचस्प माना जा रहा है और नतीजे यह तय करेंगे कि मौजूदा सरकार अपनी पकड़ बनाए रखती है या बदलाव होता है।
सस्पेंस से भरपूर रहे तमिलनाडु के नतीजे
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजे इस बार सचमुच सस्पेंस से भरपूर रहे। शुरुआती रुझानों से लेकर अंतिम परिणामों तक तस्वीर बार-बार बदलती रही और यही वजह रही कि पूरे देश की नजरें इस राज्य पर टिकी रहीं। पारंपरिक राजनीति के बीच इस बार एक नया मोड़ देखने को मिला जिसने चुनावी समीकरणों को पूरी तरह बदल दिया। रुझानों में सबसे बड़ा चौंकाने वाला पहलू अभिनेता राजनेता विजय की पार्टी टीवीके का उभार रहा। शुरुआत में इसे सीमित प्रभाव वाली ताकत माना जा रहा था लेकिन जैसे-जैसे मतगणना आगे बढ़ी यह साफ होता गया कि पार्टी ने जमीनी स्तर पर मजबूत पकड़ बनाई है और उसने दिग्गज दलों को कड़ी टक्कर दी और जर्बदस्त जीत हासिल की। दूसरी ओर डीएमके और एआईडीएमके जैसी पारंपरिक पार्टियों के लिए यह चुनाव आसान नहीं रहा। दोनों दलों को कई क्षेत्रों में अप्रत्याशित चुनौतियों का सामना करना पड़ा जिससे मुकाबला त्रिकोणीय हो गया। यही कारण रहा कि कई सीटों पर जीत-हार का अंतर बेहद कम रहा और आखिरी दौर तक सस्पेंस बना रहा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार मतदाताओं ने बदलाव की इच्छा साफ तौर पर जाहिर की है।
असम में फिर हिमंत सरकार
असम में बीजेपी सत्ता में वापसी कर रही है और हेमंत बिसवा सरकार ने प्रचंड बहुमत हासिल किया है। इस चुनाव में कांग्रेस को जर्बदस्त झटका लगा है। भारतीय निर्वाचन आयोग की वेबसाइट के मुताबिक 126 विधानसभा सीटों के रुझान सार्वजनिक किए हैं। रुझानों में भाजपा 78 विधानसभा सीटों पर बढ़त बना चुकी है, जबकि कांग्रेस सिर्फ 24 सीटों पर आगे है। वहीं, ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) को दो सीटों पर बढ़त मिली है। जालुकबारी सीट पर रुझानों में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा भी बढ़त बनाए हुए हैं। वे लगभग 12 हजार वोटों से आगे चल रहे हैं। वहीं, असम कांग्रेस के अध्यक्ष और जोरहाट से पार्टी उम्मीदवार गौरव गोगोई शुरुआती रुझानों में 9 हजार से अधिक वोटों से पीछे हैं। असम के 35 जिलों में बनाए गए 40 केंद्रों पर मतगणना की जा रही है। अधिकारियों ने बड़े निर्वाचन क्षेत्रों वाले जिलों में विशेष व्यवस्था की है। नगांव में मतगणना तीन अलग-अलग स्थानों पर हो रही है, जबकि कोकराझार, तिनसुकिया और जोरहाट में प्रत्येक में दो मतगणना केंद्र बनाए गए हैं। एनडीए सहयोगियों में, असम गण परिषद ने 26 उम्मीदवार उतारे, जबकि बोडो पीपुल्स फ्रंट ने 11 सीटों पर चुनाव लड़ा। विपक्षी गठबंधन में राइजर दल ने 13 उम्मीदवार उतारे, असम जातीय परिषद ने 10, माकपा ने तीन और ऑल पार्टी हिल लीडर्स कॉन्फ्रेंस ने दो सीटों पर चुनाव लड़ा। चुनाव मैदान में शामिल अन्य पार्टियों में आम आदमी पार्टी और यूनाइटेड पीपल्स पार्टी लिबरल शामिल हैं, जिन्होंने 18-18 सीटों पर चुनाव लड़ा।
रुझान 3 बजे तक
- बंगाल-294 सीटें
भाजपा 189
टीएमसी 98
अन्य 06 - तमिलनाडु-234 सीटें
टीवीके 105
डीमके 71
एआईडीएमके 57 - केरल-140 सीटें
यूडीएफ 90
एलडीएफ 35
भाजपा व अन्य 15 - असम-126 सीटें
भाजपा 97
कांग्रेस 27
अन्य 02 - पुडुचेरी 30 सीटें
एनडीए 13
कांग्रेस 02
अन्य 03




