TN- केरलम में नहीं चला कीचड़ का खेल, कमल रह गया पीछे… EC पर कांग्रेस भड़की

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने चुनाव आयोग और सत्ता पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने वोट चोरी, लक्षित वोट कटौती (SIR) और परिसीमन के जरिए चुनाव में धांधली का दावा किया.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने चुनाव आयोग और सत्ता पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने वोट चोरी, लक्षित वोट कटौती (SIR) और परिसीमन के जरिए चुनाव में धांधली का दावा किया.

वहीं तमिलनाडु और केरल के नतीजो पर पवन खेड़ा ने कहा कि तमिलनाडु और केरल में कीचड़ नहीं फैलाया गया तो कमल नहीं खिला.

देश के पांच राज्यों में आए चुनाव नतीजों पर कांग्रेस के पवन खेड़ा ने एक प्रेस कान्फ्रेंस की, जिसमें खेड़ा ने चुनाव आयोग और सत्ता पक्ष पर कई गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने SIR, वोट चोरी और परिसीमन के जरिए चुनाव में धांधली के गंभीर आरोप लगाए, पवन खेड़ा ने कहा कि कई राज्यों में वोट चोरी के बाद, अब SIR के चाबुक और परिसीमन के जरिए सिस्टम पर चोट की जा रही है.

वहीं तमिलनाडु और केरल के नतीजों पर पवन खेड़ा ने कहा कि तमिलनाडु और केरल में कीचड़ नहीं फैलाया गया तो कमल नहीं खिला. चुनाव आयोग का काम कीचड़ फैलने और हेट स्पीच को रोकना था, लेकिन वह खुद कीचड़ में लोटता रहा. पवन खेड़ा ने इन भी मुद्दों पर राहुल गांधी के रुख को एक सैद्धांतिक स्टैंड बताया है.

SIR में टारगेट करके वोट काटे गए- पवन खेड़ा

पवन खेड़ा ने कहा कि SIR के जरिए लक्षित वोट कटौती की गई. जिन सीटों पर जीत-हार का अंतर कम रहता था वहां 10 से 20 टारगेट वोट काटने का आरोप लगाया. उन्होंने चुनाव आयोग पर आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया पर कब्जा कर लिया गया है और कहा कि चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर चोरों के साथ मिल गए हैं और उन्हें विधानसभा ले जा रहे हैं.

मुस्लिम लीग वाली टिप्पणी और बंगाल हिंसा पर क्या बोले खेड़ा?

कांग्रेस और मुस्लिम लीग के मुद्दे पर खेड़ा ने कहा कि कांग्रेस शासित राज्यों में 78 फीसद हिंदू और 12 फीसद मुस्लिम विधायक होने के बावजूद बीजेपी का आईटी सेल और मीडिया कांग्रेस को मुस्लिम लीग बताता है. वहीं पश्चिम बंगाल में परिणामों के बाद हुई हिंसा के पीछे खेड़ा ने दिल्ली का हाथ बताया है. उन्होंने इसे ‘दादागिरी’ बताते हुए पीएम से इसे रोकने की अपील की है.

बंगाल की जिन सीटों पर लोगों को मताधिकार से वंचित रखा गया और जहां जीत का अंतर कम है, वहां खेड़ा ने दोबारा मतदान कराने की मांग की। सुप्रीम कोर्ट से इसे संज्ञान में लेने का आग्रह किया.

वहीं TVK को समर्थन देने पर उन्होंने दिसंबर 2013 में DMK के अकेले चुनाव लड़ने की घोषणा को उन्होंने ‘बैक स्टेबिंग’ बताने वालों पर पलटवार करते हुए कहा कि TVK के साथ जाना कीचड़ फैलने से रोकना है, और यही उन्होंने किया.

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