मामा निकला सबसे बड़ा दुश्मन! 10 साल के मासूम को उठाकर ले गया हरियाणा
उत्तर प्रदेश के बाँदा जिले से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक सनसनीखेज घटना सामने आई है,

4पीएम न्यूज नेटवर्क: उत्तर प्रदेश के बाँदा जिले से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक सनसनीखेज घटना सामने आई है,
जहां पैसों के लालच में एक सगे मामा ने अपने ही 10 वर्षीय भांजे का अपहरण कर लिया। घटना ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया। हालांकि बबेरू थाना पुलिस और एसओजी टीम की तत्परता और सूझबूझ के चलते महज 48 घंटे के भीतर मासूम बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया गया। पुलिस ने इस मामले में बच्चे के सगे मामा समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
स्कूल से लौटते समय रची गई अपहरण की साजिश
पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह घटना 7 मई की है। बच्चा रोज की तरह स्कूल से पढ़ाई करके घर लौट रहा था। इसी दौरान उसके सगे मामा रामजी ने अपने दो साथियों सुमित और अनीष के साथ मिलकर पहले से बनाई गई योजना के तहत उसका अपहरण कर लिया।
बताया जा रहा है कि तीनों आरोपी किराये की एक Maruti Fronx कार में सवार होकर आए थे। बच्चे को बहला-फुसलाकर कार में बैठाया गया और फिर बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के रास्ते हरियाणा की ओर फरार हो गए। आरोपियों की योजना बच्चे के परिजनों से मोटी फिरौती वसूलने की थी।
परिजनों में मचा कोहराम, पुलिस में दर्ज हुई शिकायत
जब बच्चा देर शाम तक घर नहीं पहुंचा तो परिजनों की चिंता बढ़ गई। काफी तलाश के बाद भी उसका कोई पता नहीं चला। इसके बाद परिवार ने बबेरू थाने में शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया।
बच्चे के अपहरण की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के निर्देश पर बबेरू थाना पुलिस और एसओजी टीम की संयुक्त टीम गठित की गई। पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की और सर्विलांस टीम को भी सक्रिय कर दिया गया।
सीसीटीवी और सर्विलांस से खुला पूरा राज
जांच के दौरान पुलिस को कई महत्वपूर्ण सुराग मिले। सीसीटीवी फुटेज में बच्चा एक संदिग्ध कार के साथ दिखाई दिया। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल सर्विलांस की मदद से आरोपियों की लोकेशन ट्रेस की।
लगातार प्रयासों के बाद पुलिस टीम हरियाणा के रोहतक पहुंची, जहां से बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया गया। मौके से तीनों आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त Maruti Fronx कार को भी कब्जे में ले लिया है।
रिश्तों को शर्मसार करने वाली वारदात
पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि अपहरण का मास्टरमाइंड कोई और नहीं बल्कि बच्चे का सगा मामा ही निकला। जिस रिश्ते को सुरक्षा और भरोसे का प्रतीक माना जाता है, उसी रिश्ते ने लालच में आकर मासूम की जिंदगी को खतरे में डाल दिया। इस घटना ने समाज को झकझोर कर रख दिया है। लोग यह सोचने पर मजबूर हैं कि आखिर पैसों की हवस इंसान को किस हद तक गिरा सकती है।
पुलिस टीम को मिला इनाम
इस सफल कार्रवाई पर पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल ने बबेरू थाना पुलिस और एसओजी टीम की सराहना करते हुए 25 हजार रुपये के नकद पुरस्कार की घोषणा की है। अधिकारियों ने कहा कि पुलिस की त्वरित कार्रवाई और तकनीकी जांच की वजह से बच्चे को सुरक्षित बचाया जा सका।
इलाके में चर्चा का विषय बनी घटना
घटना के सामने आने के बाद पूरे इलाके में इसकी चर्चा हो रही है। लोग पुलिस की तेजी की सराहना कर रहे हैं, वहीं रिश्तों के टूटते भरोसे पर चिंता भी जता रहे हैं। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
बाँदा की यह घटना केवल एक आपराधिक वारदात नहीं, बल्कि रिश्तों के बदलते स्वरूप और लालच की भयावह तस्वीर भी है। जिस मामा को बच्चे का संरक्षक माना जाता है, वही जब फिरौती के लिए अपहरणकर्ता बन जाए, तो समाज के सामने कई गंभीर सवाल खड़े हो जाते हैं। हालांकि पुलिस की सतर्कता और तेज कार्रवाई ने एक मासूम की जिंदगी बचाकर राहत जरूर दी है।
रिपोर्ट -इकबाल खान, बांदा



