ड्राई गुजरात में शराब घोटाला, पुलिस छापेमारी में 2100 नकली बोतलें जब्त
गुजरात जैसे ड्राई स्टेट में नकली शराब के बड़े कारोबार का खुलासा हुआ है... पुलिस की छापेमारी में 2100 नकली शराब की बोतलें जब्त की गईं...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः गुजरात, जहां शराब पर पूरी तरह प्रतिबंध है.. वहां नकली शराब का धंधा खुलेआम फल-फूल रहा है.. मेहसाणा जिले के कड़ी तालुका के बुडासन गांव में पुलिस ने देर रात एक सनसनीखेज छापेमारी की.. और एक नकली शराब फैक्ट्री का भंडाफोड़ कर दिया.. इस कार्रवाई में 2100 बोतल नकली शराब.. 1000 लीटर इथेनॉल और पूरा उत्पादन सेटअप जब्त किया गया.. दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है.. जबकि दो अन्य फरार हैं.. आपको बता दें कि यह खुलासा ड्राई राज्य की सच्चाई उजागर करता है.. जहां एक तरफ सरकार हिंदुत्व.. और संस्कार की बात करती है.. वहीं दूसरी तरफ नकली शराब का जहर आम लोगों तक पहुंच रहा है.. वहीं इस घटना ने सवाल खड़ा कर दिया है.. वहीं इस खबर में हम बात करेंगे कि आखिर गुजरात में नकली शराब का यह खेल कैसे चल रहा है… क्या प्रतिबंध की नीति सिर्फ कागजों तक ही सिमट गई है.. या फिर इसमें किसी की मिलीभगत है..
मेहसाणा स्थानीय अपराध शाखा और कड़ी पुलिस की संयुक्त टीम को गुप्त सूचना मिली कि.. बुडासन गांव में एक आवासीय मकान के अंदर बड़े पैमाने पर नकली शराब तैयार की जा रही है.. टीम ने रात के अंधेरे में अचानक छापा मारा.. अंदर घुसते ही शराब की तेज गंध से पूरा माहौल भर गया.. पुलिस अधिकारियों ने पूरे घर की तलाशी ली.. तो उनके होश उड़ गए.. एक छोटा सा मकान पूरी तरह फैक्ट्री में तब्दील कर दिया गया था.. यहां प्रीमियम ब्रांड की नकली शराब बनाने का पूरा सिस्टम तैयार था.. पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू की.. और मौके पर दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया.. दोनों आरोपी इस कारोबार में लंबे समय से सक्रिय बताए जा रहे हैं..
जानकारी के मुताबिक छापे के दौरान पुलिस को दो बड़े टैंक मिले.. जिनमें करीब 1000 लीटर इथेनॉल भरा हुआ था.. इथेनॉल नकली शराब का मुख्य आधार होता है.. इसके अलावा 178 पेटियों में पैक लगभग 2100 बोतलें बरामद हुईं.. ये बोतलें महंगे विदेशी और भारतीय ब्रांड्स की नकल में तैयार की गई थी.. पुलिस ने खाली बोतलें, ढक्कन, प्रोफेशनल सीलिंग मशीनें.. और पूरा असेंबली सेटअप जब्त कर लिया.. फैक्ट्री इतनी व्यवस्थित थी कि बाहर से किसी को शक नहीं होता.. आरोपी बड़े पैमाने पर उत्पादन कर बाजार में सप्लाई कर रहे थे..
मेहसाणा पुलिस के अनुसार आरोपी खतरनाक एथिल अल्कोहल को सुगंधित फ्लेवर.. और विभिन्न कड़वे रासायनिक एजेंटों के साथ मिलाते थे.. इससे शराब जैसी गंध और स्वाद तैयार हो जाता था.. फिर इस मिश्रण को बोतलों में भरकर सील कर दिया जाता था.. बोतलों पर फर्जी निर्माण तिथि, एक्सपायरी डेट.. और क्षेत्रीय वितरण स्टिकर लगाए जाते थे.. ताकि ग्राहक आसानी से धोखा खा जाएं.. वहीं यह तरीका बेहद खतरनाक था.. नकली शराब पीने से अंधापन, लीवर फेल होना और मौत जैसी घटनाएं आम हैं.. आरोपी सिर्फ पैसे के लालच में लोगों की जान से खेल रहे थे..
जानकारी के लिए आपको बता दें कि पुलिस ने दो लोगों को मौके पर गिरफ्तार किया है.. चार प्रमुख संदिग्धों के खिलाफ गुजरात निषेध अधिनियम 1949.. और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है.. जब्त किए गए नमूनों को फोरेंसिक जांच के लिए लैब भेजा गया है.. पुलिस ने दो अन्य संदिग्धों की तलाश शुरू कर दी है.. इन दोनों का पहले से अवैध शराब तस्करी में आपराधिक रिकॉर्ड है.. पुलिस का मानना है कि यह पूरा नेटवर्क बड़ा है.. और फरार आरोपी गिरफ्तार होने पर और बड़े खुलासे हो सकते हैं..



