महिला पत्रकार के सवालों से गोदी मीडिया को लगी मिर्ची, लोगों ने किया एक्सोज

यही वजह है कि आज तक किसी भी पत्रकार ने ऐसा सवाल किया हो जो जनता के हित में हो। यहाँ की चरणचुम्बक मीडिया मोदी जी से सवाल भी करती है तो उनके चेहरे की चमक को लेकर।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: जैसे किसान अपने खेतों को लहलहाता देखना पसंद करता है, जैसे कोई आशिक अपने महबूब को नजरों के सामने रखना चाहता है ठीक वैसे ही गोदी मीडिया सत्ताधारी दल की गोद में बैठकर पत्रकारिता करना ज्यादा पसंद करता है। अब जब गोदी मीडिया की ऐसी पसंद हो तो सोचिये मजाल है कि मोदी जी से कोई ऐसा सवाल किया जा सकता है जिससे वो असहज महसूस करें या उसका जवाब न दे पाएं।

यही वजह है कि आज तक किसी भी पत्रकार ने ऐसा सवाल किया हो जो जनता के हित में हो। यहाँ की चरणचुम्बक मीडिया मोदी जी से सवाल भी करती है तो उनके चेहरे की चमक को लेकर। उनके न थकने को लेकर यहाँ तक की उनकी टॉनिक को लेकर सवाल किया जाता है कि मोदी जी आखिर आप क्या खाते हैं। और हमारे मोदी जी भी बड़े प्यार से उन चाटुकार पत्रकार साथियों का जवाब हंसी ठिठोली के साथ देते हैं। बाकी बची खुची सवालों की कोर कसर बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार जैसे लोग ये पूछकर कर देते हैं कि ‘मोदी जी आप आम काटकर खाते हैं या चूसकर खाते हैं।

खैर यही हकीकत है हमारे देश की जबसे मोदी ने प्रधानमंत्री की कुर्सी संभाली है तबसे लेकर अबतक एक भी दफा ऐसी प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं की है जिसमें वो सवालों के जवाब दें। या यूँ कह लें कि जवाब मांगने वालों की सलामत ही नहीं छोड़ा जाता कि वो दुबारा सवाल कर सकें। लेकिन ये सिर्फ अपने देश में है। यही मोदी जी जब बाहर देशों में जाते हैं तो इन्हे मुँह की खानी पड़ती है।

पत्रकार जब सवाल करते हैं तो ये सवालों से बचकर बाहर निकल जाते हैं। खैर ऐसा ही कुछ हुआ नॉर्वे में जब प्रधानमंत्री मोदी से एक महिला पत्रकार से सवाल किया तो मोदी जी अब वहां से बिना सवाल का जवाब दिए ही बाहर निकल गए और जिसके बाद शुरू हुआ आलोचनों का दौर यहां से लेकर नॉर्वे तक उनके घनघोर बेइज्जती हुई। विपक्ष ने भी खूब जमकर मोदी और भाजपाइयों पर हमला बोला।

लेकिन ये बात न सिर्फ अंधभक्तों को बल्कि सत्ताधारी दल की चाटुकारिता करने वाली गोदी मीडिया को बेहद बुरी लगी। बुरी इस कदर लगी कि इन गोदी पत्रकारों ने साहब को डिफेंड करने के लिए बाकायदा वीडियो बनाए। जिसमें मोदी से सवाल करने वाली महिला पत्रकार Helle Lyng को ही घेरना शुरू कर दिया।

जबकि Helle Lyng का कहना है कि, जब फ्रांस के प्रेसिडेंट मैक्रों नॉर्वे आए, तो उन्होंने सवाल लिए। हर देश का हेड सवाल लेता है। लेकिन, इंडियन PM मोदी ने नहीं लिए। मैं यह बताना चाहती था कि डेमोक्रेसी की आपकी अपनी डेफिनिशन नहीं हो सकती। जिसका यहां के कई विपक्षी नेताओं ने समर्थन किया और नॉर्वे की महिला पत्रकार के जज्बे को सलाम किया। लेकिन ये बात तो वही समझ सकता है सच में देश की पड़ी है।

वरना है तो गोदी मीडिया भी जो सत्ताधारी दल इशारों पर नाचने को तैयार बैठी है। तभी तो अंजना ओम कश्यप, सुधीर चौधरी जैसे तमाम गोदी एंकर साहब को ही डिफेंड करते फिर रहे हैं। मानों उनके यह करने से नॉर्वे में गई हुई इज्जत वापस आ जाएगी। अफ़सोस की बात ये है बड़े-बड़े चैनलों में बैठे ये एंकर कितने मजे से किसी के काम पर और उसके अस्तित्व पर सवाल खड़े कर देते हैं।

ऐसे में अंजना ओम कश्यप और सुधीर चौधरी जैसे टीवी एंकरों ने इस घटना पर अपनी शो में काफी बात की। उन्होंने इस पत्रकार को “एक्टिविस्ट” बताया, न कि सच्ची पत्रकार। अंजना ने कहा कि यह महिला भारत का अपमान कर रही है और शायद किसी एजेंडे के तहत काम कर रही है। उन्होंने मोदी की तारीफ की कि वे संसद में जवाब देते हैं, विदेश में ऐसे स्टंट का जवाब देने की जरूरत नहीं। सुधीर चौधरी ने भी कहा कि इस पत्रकार के सिर्फ 800 फॉलोअर्स हैं, वह छोटी एक्टिविस्ट है जो नाम कमाने के लिए ऐसा कर रही है। उन्होंने MEA के जवाब को सही बताया और कहा कि भारत अपनी डेमोक्रेसी पर गर्व करता है।

वहीं ऐसे गोदी एंकरों की भी सोशल मीडिया पर जमकर आलोचना हो रही है। उनके वीडियो शेयर कर लोग तरह-तरह की बातें कह रहे हैं। इसी बीच एक गोदी एंकर का वीडियो शेयर करते हुए लक्षमण यादव ने लिखा कि- जो ख़ुद दिन-रात एक्सपोज़ होते रहते हैं, वही अब एक नॉर्वेजियन पत्रकार को एक्सपोज़ करने में जुटे हैं। अरे भाई, उसने सिर्फ एक सवाल ही तो पूछा था – “प्रधानमंत्री मोदी दुनिया के सबसे आज़ाद प्रेस से सवाल क्यों नहीं लेते?” बस इतनी-सी बात थी। लेकिन अब पूरी “मोदी मीडिया” उस पत्रकार को निशाना बनाने में लगी है। 157वें स्थान पर आप लोग यूँ ही नहीं पहुँचे हैं।

वहीं एक और यूजर ने लिखा कि चल हट झूठी ॥॥ विदेशों में तुम्हारे तरह गोदी मीडिया नहीं है ॥ इतनी जलन बाप रे! वहीं एक और यूजर ने लिखा कि ख़ुद आपके पॉ पॉ से सवाल करना नहीं है। कोई पत्रकार अगर सवाल पूछे तो उससे उल्टा सवाल करना है यह बीजेपी की अंधभक्त नहीं तो क्या है ? गौरतलब है कि गोदी मीडिया भले मोदी जी की छवि सुधारने में लगी हो लेकिन जनता जागरूक है सब समझती है। कि किस तरह फेक प्रोपेगंडा चलाकर लोगों को असली मुद्दों से भटकाने की कोशिश की जाती है.

Related Articles

Back to top button