कुछ ही सेकंड में उजड़ गई दो परिवारों की दुनिया, बदायूं में दर्दनाक सड़क हादसा
बदायूं के वजीरगंज थाना क्षेत्र में मुरादाबाद-फर्रुखाबाद हाईवे पर दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर में दो युवकों की मौत हो गई। गंभीर रूप से घायल दोनों को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उनकी जान चली गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क: उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में शुक्रवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसे ने दो परिवारों की खुशियां छीन लीं। मुरादाबाद-फर्रुखाबाद हाईवे पर दो तेज रफ्तार बाइकों की आमने-सामने हुई टक्कर में दो युवकों की जान चली गई। हादसा इतना भीषण था कि दोनों बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गए और अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। घटना के बाद मृतकों के परिवारों में मातम पसरा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि पूरे इलाके में शोक का माहौल बना हुआ है।
हाईवे पर आमने-सामने टकराईं दो बाइकें
जानकारी के अनुसार, हादसा वजीरगंज थाना क्षेत्र में रोटा और वनकोटा गांव के बीच मुरादाबाद-फर्रुखाबाद हाईवे पर हुआ। बताया जा रहा है कि सहसवान कोतवाली क्षेत्र के भगतपुर निवासी 37 वर्षीय दिनेश पुत्र चंद्रपाल सिंह अपनी बाइक से सिलहरी गांव की ओर जा रहे थे। इसी दौरान बिसौली कोतवाली क्षेत्र के नवादा निवासी 25 वर्षीय गोपी पुत्र गोविंद दूसरी दिशा से लौट रहे थे। दोनों की बाइकें आमने-सामने टकरा गईं। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों युवक सड़क पर गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़े।
अस्पताल पहुंचने से पहले ही टूट गई सांसें
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और परिजन मौके पर पहुंच गए। दोनों घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र वजीरगंज ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। हालांकि, जिला अस्पताल पहुंचने से पहले ही दोनों युवकों ने रास्ते में दम तोड़ दिया। चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जानकारी में तेज रफ्तार और आमने-सामने की टक्कर को दुर्घटना का कारण माना जा रहा है।
दो परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़
दिनेश और गोपी की असमय मौत से दोनों परिवारों में गहरा शोक है। परिजनों का कहना है कि कुछ ही पलों में सब कुछ बदल गया। घरों में मातम पसरा हुआ है और रिश्तेदार लगातार परिवारों को ढांढस बंधाने पहुंच रहे हैं। स्थानीय लोगों का भी कहना है कि हाईवे पर बढ़ती तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने की घटनाएं लगातार सड़क हादसों को बढ़ावा दे रही हैं। ऐसे में सड़क सुरक्षा नियमों के पालन और जागरूकता की आवश्यकता पहले से अधिक महसूस की जा रही है।
सड़क सुरक्षा को लेकर फिर उठे सवाल
यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार के खतरे को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि हाईवे पर वाहन चलाते समय निर्धारित गति सीमा का पालन और सतर्कता ही ऐसे हादसों को कम करने का सबसे प्रभावी उपाय है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। वहीं, मृतकों के परिवारों के लिए यह हादसा जीवन भर न भूलने वाला दर्द बन गया है।
रिपोर्ट – संतुलित पाठक
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