दिल्ली फायर सर्विस में कर्मचारियों की भारी कमी, 15 वर्षों से भर्ती का इंतजार
दिल्ली फायर सर्विस (DFS) स्टाफ की कमी और खराब कम्युनिकेशन सिस्टम जैसी समस्याओं से जूझ रही है. सूत्रों के मुताबिक, पिछले करीब 15 साल से दिल्ली के फायर विभाग में भर्ती नहीं हुई है.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: दिल्ली फायर सर्विस (DFS) स्टाफ की कमी और खराब कम्युनिकेशन सिस्टम जैसी समस्याओं से जूझ रही है. सूत्रों के मुताबिक, पिछले करीब 15 साल से दिल्ली के फायर विभाग में भर्ती नहीं हुई है. एक-चौथाई से ज्यादा दमकलकर्मियों की पोस्ट खाली पड़ी है.
मालवीय नगर अग्निकांड में 22 लोगों की जान जाने के बाद दिल्ली फायर सर्विस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं. इस बीच जांच के दौरान एक चौंका देने वाली जानकारी सामने आई है. दरअसल, दिल्ली फायर सर्विस (DFS) स्टाफ की कमी और खराब कम्युनिकेशन सिस्टम जैसी समस्याओं से जूझ रही है. सूत्रों के मुताबिक, पिछले करीब 15 साल से दिल्ली के फायर विभाग में भर्ती नहीं हुई है. एक-चौथाई से ज्यादा दमकलकर्मियों की पोस्ट खाली पड़ी है. बीजेपी ने इसके लिए पिछली सरकार यानी आम आदमी पार्टी को जिम्मेदार ठहराया है.
सरकारी आंकड़ों में फायर फाइटर के मंजूर 3,312 पदों में से 853 पद अभी खाली हैं. इसके अलावा, स्टेशन ऑफिसर के मंजूर 90 पदों में से सिर्फ 18 पद ही भरे हुए हैं. इन पदों के लिए आखिरी सीधी भर्ती एक दशक से भी पहले, 2011 में हुई थी. गृह मंत्रालय द्वारा 2011 में किए गए फायर रिस्क और इंफ्रास्ट्रक्चर असेसमेंट में दिल्ली के फायर फाइटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, मैनपावर और इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम में बड़ी कमियों की पहचान की गई थी. DFS अभी भी दशकों पुराने वायरलेस सिस्टम का इस्तेमाल कर रही है, जिसे अपग्रेड करने पर मौजूदा सरकार विचार कर रही है.
1969 के वायरलेस कम्युनिकेशन सिस्टम पर काम
दिल्ली फायर सर्विस ने 1969 में अपना वायरलेस कम्युनिकेशन सिस्टम शुरू किया था, और तब से वायरलेस फ्रीक्वेंसी में कोई बदलाव या अपग्रेड नहीं किया गया है. विभाग अभी भी दो वेरी हाई फ्रीक्वेंसी (VHF) चैनलों 148.525 MHz और 148.725 MHz का इस्तेमाल करता है. हालांकि रेडियो सेट को समय-समय पर अपग्रेड किया गया है. डिजिटल मोबाइल रेडियो डिवाइस में बदला गया है. लेकिन कम्युनिकेशन के बुनियादी ढांचे में कोई खास बदलाव नहीं हुआ है. समय के साथ, जैसे-जैसे दिल्ली में ऊंची इमारतें बनीं, कम्युनिकेशन नेटवर्क 17 फायर स्टेशनों से बढ़कर 71 हो गया.
आशीष सूद ने AAP पर लगाए गंभीर आरोप
दिल्ली के गृह एवं शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने दिल्ली फायर सर्विस (DFS) की स्थिति को लेकर पिछली आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि पिछले दस वर्षों में फायर सर्विस को मजबूत करने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए, जिसका खामियाजा मौजूदा सरकार को भुगतना पड़ रहा है. आशीष सूद ने कहा कि डीएफएस में बड़ी संख्या में पद खाली पड़े हैं, जिससे विभाग की कार्यक्षमता प्रभावित हो रही है.
DFS के आधुनिकीकरण पर सरकार कर रही काम
उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार की उदासीनता और निष्क्रियता के कारण फायर सर्विस की व्यवस्था कमजोर हुई है. आशीष सूद ने कहा, “AAP सरकार ने दिल्ली फायर सर्विस को मजबूत करने के लिए कुछ नहीं किया और अब उसकी कीमत हमें चुकानी पड़ रही है। हमारी सरकार इन रिक्तियों को भरने और DFS के आधुनिकीकरण की दिशा में काम कर रही है.”



