सीतापुर में भाजपा कार्यकर्ताओं का कोतवाली घेराव, चौकी इंचार्ज पर लगे गंभीर आरोप
सीतापुर के महमूदाबाद में भाजपा कार्यकर्ताओं ने नूरपुर चौकी इंचार्ज पर कथित अभद्र व्यवहार का आरोप लगाते हुए कोतवाली का घेराव किया। पुलिस अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ।

4पीएम न्यूज नेटवर्कः सीतापुर जिले के महमूदाबाद क्षेत्र में रविवार रात उस समय राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल बढ़ गई, जब भाजपा कार्यकर्ताओं ने कोतवाली पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने नूरपुर चौकी इंचार्ज पर भाजपा मंडल अध्यक्ष से फोन पर कथित रूप से अभद्र भाषा में बातचीत करने का आरोप लगाया। मामले ने देखते ही देखते तूल पकड़ लिया और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता कोतवाली पहुंच गए। हालांकि पुलिस अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद स्थिति सामान्य हो गई और विवाद को शांत कराया गया।
शिकायत के संबंध में किया गया था फोन
जानकारी के अनुसार, पैंतेपुर भाजपा मंडल अध्यक्ष अंबरीश वर्मा का आरोप है कि उन्होंने लैलकला निवासी शोभावती से जुड़े एक शिकायत प्रकरण के संबंध में नूरपुर चौकी इंचार्ज को फोन किया था। उनका कहना है कि उन्होंने संबंधित मामले में निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की बात कही थी। आरोप है कि बातचीत के दौरान चौकी इंचार्ज ने असंतोषजनक व्यवहार किया और पूरी बात सुने बिना फोन काट दिया।
भाजपा कार्यकर्ताओं में नाराजगी
घटना की जानकारी मिलने के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं में नाराजगी बढ़ गई। कार्यकर्ताओं का आरोप था कि एक जनप्रतिनिधि और संगठन पदाधिकारी के साथ इस प्रकार का व्यवहार उचित नहीं है। इसी को लेकर कई कार्यकर्ता महमूदाबाद कोतवाली पहुंच गए और चौकी इंचार्ज के खिलाफ अपनी नाराजगी व्यक्त की। कुछ समय तक कोतवाली परिसर में माहौल गर्म रहा।
इंस्पेक्टर ने संभाली स्थिति
मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली प्रभारी निरीक्षक भानु प्रताप ने हस्तक्षेप किया। उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं से बातचीत कर उनकी बात सुनी और मामले को शांत कराने का प्रयास किया। पुलिस अधिकारियों के समझाने-बुझाने के बाद स्थिति सामान्य हो गई और कार्यकर्ता शांतिपूर्वक वापस लौट गए।
प्रशासनिक संवाद और जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर चर्चा
घटना के बाद स्थानीय स्तर पर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच संवाद को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। राजनीतिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि शिकायतों के निस्तारण में बेहतर संवाद आवश्यक है, जबकि पुलिस का भी दायित्व है कि वह निष्पक्षता और मर्यादा के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाए।
मामले को लेकर नहीं बढ़ा विवाद
फिलहाल मामले में किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई या औपचारिक शिकायत की जानकारी सामने नहीं आई है। दोनों पक्षों के बीच संवाद के बाद स्थिति सामान्य बताई जा रही है। स्थानीय लोगों का मानना है कि ऐसे मामलों का समाधान संवाद और आपसी समझदारी के जरिए किया जाना चाहिए, ताकि प्रशासनिक कार्यों और जनसुनवाई की प्रक्रिया पर कोई नकारात्मक प्रभाव न पड़े।
रिपोर्ट – वली चौधरी
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