सियासी उठापटक के बीच बड़ा सवाल- क्या बीजेपी गठबंधन पार कर पाएगा दो-तिहाई का आंकड़ा?
लोकसभा में विपक्षी सांसदों की संख्या घटती जा रही है. 20 सांसदों के जाने के बाद टीएमसी के पास अब सिर्फ 8 सांसद बचे हैं.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: लोकसभा में विपक्षी सांसदों की संख्या घटती जा रही है. 20 सांसदों के जाने के बाद टीएमसी के पास अब सिर्फ 8 सांसद बचे हैं. वहीं उद्धव की शिवसेना में 3 सांसद रह गए हैं. यानी विपक्ष के सीधे-सीधे 26 सांसद कम हो गए हैं. उधर, एनडीए दो तिहाई बहुमत के करीब पहुंच गया है.
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे के बाद से सियासी हलचल बढ़ी हुई है. कोलकाता, मुंबई से लेकर दिल्ली तक में राजनीतिक गतविधियां तेज हैं. एक ओर जहां बंगाल में ममता बनर्जी के 20 सांसद बागी हुए हैं, तो वहीं महाराष्ट्र में उद्धव के 6 लोकसभा सांसद एकनाथ शिंदे के साथ जाने का मन बना चुके हैं. टीएमसी और शिवसेना (यूबीटी) में हुई इस टूट ने बीजेपी के नेतृत्व वाले गठबंधन NDA को मजबूत कर दिया है. 2024 में लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद जिस NDA को कमजोर माना जा रहा था वो आज की तारीख में मजबूत हो गया है.
विपक्ष के पास कितने सांसद बचे?
2024 लोकसभा चुनाव के नतीजों में इंडिया गठबंधन मजबूत होकर सामने आया था. इसमें कांग्रेस को 99, समाजवादी पार्टी को 37, टीएमसी को 28, डीएमके को 22, शिवसेना (यूबीटी) को 9, एनसीपी (शरद पवार गुट) को 8, आरजेडी को 4, सीपीएम को 3, जेएमएम को 3 सीटों पर जीत मिली थी.
लेकिन अब 2 साल बाद तस्वीर बदल चुकी है. लोकसभा में विपक्षी सांसदों की संख्या घट गई है. 20 सांसदों के जाने के बाद टीएमसी के पास अब सिर्फ 8 सांसद बचे हैं. वहीं उद्धव की शिवसेना में 3 सांसद रह गए हैं. यानी विपक्ष के सीधे-सीधे 26 सांसद कम हो गए हैं. उधर, तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव के बाद डीएमके और कांग्रेस की दोस्ती भी टूट गई है.
डीएमके इंडिया गठबंधन से अलग होने का ऐलान कर चुकी है. राहुल गांधी को लेकर डीएमके प्रमुख स्टालिन के सुर बदल चुके हैं. डीएमके के अलग होने से लोकसभा में इंडिया गठबंधन के 22 सांसद और कम हो गए हैं. 22+20+6 सांसदों के अलग होने के बाद इंडिया गठबंधन के पास 188 सांसद बचे हैं.
इंडिया में किस पार्टी के कितने सांसद रह गए?
कांग्रेस-99
सपा-37
टीएमसी-8
शिवसेना (यूबीटी)-3
एनसीपी-8
आरजेडी-4
सीपीआई (एम)-4
IUML-3
JMM-3
CPI-2
NC-2
VCK-2
MDMk-1
KCM-1
RSP-1
अन्य सहयोगी-7
जो INDIA और NDA दोनों के साथ नहीं
डीएमके-22
आप-3
YSRCP-4
AIMIM-1
BJD-1
ZPM-1
HLP-1
VOTPP-1
दो तिहाई बहुमत से कितने दूर है एनडीए?
संविधान संशोधन बिल को पास कराने के लिए दो तिहाई बहमुत की आवश्यकता होती है. संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 या परिसीमन विधेयक अप्रैल में संसद में गिर गया था, क्योंकि इसे पास करने के लिए ज़रूरी दो-तिहाई बहुमत नहीं मिल पाया. तब लोकसभा में बिल के पक्ष में 298 वोट पड़े थे. इसमें से 293 वोट एनडीए सांसदों के थे और 5 अन्य के.
फिलहाल लोकसभा की 543 में से 3 सीटें खाली हैं. ये शिलांग, नौगांव और बशीरहट है. ऐसे में सदन की प्रभावी संख्या 540 है और दो-तिहाई बहुमत के लिए 360 सांसदों के समर्थन की जरूरत होगी. लोकसभा में NDA के पास फिलहाल 293 सांसद हैं. TMC के 20 बागी सांसदों ने NCPI में विलय कर लिया है. उन्होंने NDA को समर्थन देने की बात कही है. इससे NDA सांसदों की संख्या 313 तक पहुंच जाएगी. इसके अलावा उद्धव गुट के 6 सांसद भी एनडीए के साथ आ रहे हैं, जिसके बाद ये आंकड़ा 319 हो जाएगा.
तमिलनाडु चुनाव में DMK की हार और उसके बाद कांग्रेस से रिश्ते तोड़ने के फैसले से पार्टी के 22 सांसद भी अगर एनडीए को समर्थन दे देते हैं तो ये आंकड़ा 341 हो जाएगा. अप्रैल में संविधान संशोधन बिल पर हुई वोटिंग के दौरान, NDA को 298 सांसदों का समर्थन मिला, यानी उसे 5 अतिरिक्त वोट मिले. इसे जोड़ने पर NDA की संभावित संख्या 346 तक पहुंच सकती है जो दो-तिहाई बहुमत से सिर्फ 14 वोट कम है.
राज्यसभा का आंकड़ा क्या कहता है?
राज्यसभा में भी एनडीए दो तिहाई बहुमत के करीब है. उच्च सदन में फिलहाल 242 सांसद हैं. बहुमत का आंकड़ा 122 है और दो तिहाई बहुमत के लिए 164 वोटों की जरूरत होती है. एनडीए के पास कुल 148 सांसद हैं. वहीं इंडिया गठबंधन के सांसदों की संख्या 64 है. 28 अन्य सांसद हैं.



