पेंशन को लेकर ओडिशा में सियासी टेंशन

बीजद ने भाजपा सरकार को घेरा

  • राज्य भर के 18 लाख लाभार्थियों को पिछले तीन महीनों से पेंशन न मिलने पर भड़के पूर्व सीएम

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
भुवनेश्वर। ओडिशा में विपक्ष के नेता और बीजू जनता दल (बीजद) के प्रमुख नवीन पटनायक ने मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को पत्र लिखकर राज्य भर के 18 लाख लाभार्थियों को पिछले तीन महीनों से पेंशन न मिलने का मुद्दा उठाया। अपने पत्र में पटनायक ने कहा कि इस समस्या ने ओडिशा के सबसे कमज़ोर नागरिकों को मुश्किल में डाल दिया है, जो अब भारी परेशानी, अभाव और भुखमरी के जोखिम का सामना कर रहे हैं। उन्होंने गंजाम की एक महिला पेंशनभोगी की मौत की ओर भी ध्यान दिलाया, जिसकी कथित तौर पर पेंशन लाभ न मिलने के कारण मौत हो गई।
अपने कार्यकाल के दौरान हर महीने की 15 तारीख को सभी लाभार्थियों को पेंशन ट्रांसफर करने की पारदर्शी प्रक्रिया का जिक्र करते हुए, बीजद प्रमुख ने कहा कि मौजूदा समस्या एक सॉफ्टवेयर से जुड़ी दिक्कत के कारण हुई है। हैरानी की बात यह है कि खबरों के मुताबिक, इतनी लंबी देरी सॉफ्टवेयर से जुड़ी समस्या की वजह से हुई है। यह घोर लापरवाही और सरकार की बुनियादी जिम्मेदारी से मुंह मोडऩे जैसा है। लोगों के अधिकारों को तकनीकी खराबी के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता। यह याद रखना ज़रूरी है कि पिछले 24 सालों से मेरी सरकार ने यह पक्का किया कि हर महीने की 15 तारीख को पेंशन नियमित रूप से बांटी जाए, जिसे जन सेवा दिवस के तौर पर मनाया जाता था। लाभार्थियों को ग्राम पंचायत स्तर पर पारदर्शी और मानवीय तरीके से पेंशन मिलती थी। जिन मामलों में पेंशनभोगी खुद नहीं आ पाते थे, वहां अधिकारी यह पक्का करते थे कि पेंशन की रकम सीधे उनके घर पहुंचाई जाए।

बीजेपी सरकार ने सबसे कमजोर नागरिकों को मुश्किल में डाला : नवीन

ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा मैं पूरे ओडिशा में लगभग 18 लाख लाभार्थियों को पिछले तीन महीनों से पेंशन न मिलने पर गहरी चिंता और दुख के साथ यह पत्र लिख रहा हूँ। इन पेंशनभोगियों में हमारे समाज के सबसे कमज़ोर वर्ग शामिल हैं – जैसे बुज़ुर्ग नागरिक, विधवाएँ और दिव्यांग लोग – जिनमें से ज़्यादातर अपनी रोज़मर्रा की ज़िंदगी के लिए पूरी तरह से इसी पेंशन पर निर्भर हैं। लगातार तीन महीनों तक इस ज़रूरी मदद के न मिलने से हमारे सबसे कमज़ोर नागरिक भारी परेशानी, अभाव और यहाँ तक कि भुखमरी के जोखिम का सामना कर रहे हैं। ऐसी खबरें हैं कि गंजाम के बेगुनियापाडा की श्रीमती सबित्री डोरा की पेंशन लाभ न मिलने के कारण मौत हो गई। अपने सबसे कमज़ोर नागरिकों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध राज्य में ऐसी स्थिति स्वीकार्य नहीं है।

Related Articles

Back to top button