मोहर्रम को लेकर लखीमपुर खीरी प्रशासन अलर्ट, 12 फुट से ऊंचे ताजियों पर होगी सख्त कार्रवाई

प्रशासन ने स्पष्ट किया कि मोहर्रम के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है और किसी भी प्रकार की लापरवाही या नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: लखीमपुर खीरी में आगामी मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से सदर कोतवाली परिसर में प्रशासन एवं पुलिस अधिकारियों द्वारा ताजियादारों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में सहायक पुलिस अधीक्षक विवेक तिवारी और सदर कोतवाल राजेश सिंह सहित क्षेत्र के ताजियादार, मोहर्रम कमेटियों के पदाधिकारी तथा गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

बैठक के दौरान अधिकारियों ने मोहर्रम जुलूस, ताजिया स्थापना एवं विसर्जन से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि मोहर्रम के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है और किसी भी प्रकार की लापरवाही या नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

12 फुट से अधिक ऊंचा ताजिया नहीं होगा स्वीकार

सहायक पुलिस अधीक्षक विवेक तिवारी ने बैठक में मौजूद ताजियादारों को संबोधित करते हुए कहा कि मोहर्रम के दौरान विद्युत लाइनों, संकरे मार्गों और अन्य संभावित दुर्घटनाओं को ध्यान में रखते हुए ताजियों की अधिकतम ऊंचाई 12 फुट निर्धारित की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई ताजिया निर्धारित मानक से अधिक ऊंचा पाया जाता है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि ताजियों की ऊंचाई बढ़ाने की होड़ लगाने के बजाय उनकी कलात्मकता, सुंदरता और पारंपरिक स्वरूप को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। ताजिया निर्माण में सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जाए ताकि जुलूस के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो।

खूबसूरती और परंपरा पर दें जोर

बैठक में अधिकारियों ने कहा कि मोहर्रम आस्था और श्रद्धा का पर्व है। इसलिए ताजियादारों को चाहिए कि वे ताजियों की ऊंचाई को लेकर प्रतिस्पर्धा करने के बजाय उनकी सजावट, कलाकारी और सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाने का प्रयास करें। प्रशासन ने सभी समितियों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि सुरक्षा नियमों का पालन करने से ही कार्यक्रम सफल और सुरक्षित बन सकेगा।

डीजे पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध

सदर कोतवाल राजेश सिंह ने स्पष्ट किया कि मोहर्रम जुलूसों में केवल पारंपरिक ढोल-ताशों की अनुमति होगी। इसके अलावा किसी भी प्रकार के डीजे, हाई वॉल्यूम साउंड सिस्टम या प्रतिबंधित ध्वनि उपकरणों का प्रयोग नहीं किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि ध्वनि प्रदूषण और कानून-व्यवस्था की दृष्टि से यह निर्णय लिया गया है।

पुलिस अधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि किसी जुलूस में डीजे का प्रयोग पाया जाता है तो संबंधित आयोजकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सभी आयोजकों से नियमों का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।

सोशल मीडिया पर पुलिस की पैनी नजर

बैठक के दौरान अधिकारियों ने सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने की बात कही। पुलिस प्रशासन ने कहा कि व्हाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर साझा की जाने वाली भड़काऊ, आपत्तिजनक या सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाली पोस्टों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।

अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि किसी भी प्रकार की अफवाह, अपुष्ट सूचना या विवादित सामग्री को साझा न करें। यदि किसी व्यक्ति द्वारा माहौल खराब करने का प्रयास किया जाता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

विवादित और अराजक तत्वों को करें चिन्हित

पुलिस प्रशासन ने बैठक में मौजूद लोगों से क्षेत्र के ऐसे व्यक्तियों की जानकारी देने की अपील की जो पूर्व में विवादित गतिविधियों में शामिल रहे हों या जिनसे कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका हो। अधिकारियों ने कहा कि ऐसे लोगों को पहले से चिन्हित कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी ताकि मोहर्रम के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।

शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील

बैठक के अंत में सहायक पुलिस अधीक्षक विवेक तिवारी और सदर कोतवाल राजेश सिंह ने सभी ताजियादारों एवं मोहर्रम कमेटियों से प्रशासन का सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि मोहर्रम का पर्व आपसी भाईचारे, शांति और अनुशासन के साथ मनाया जाए। प्रशासन का उद्देश्य किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं, बल्कि सभी की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि मोहर्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए जाएंगे और संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा। वहीं ताजियादारों ने भी प्रशासन को पूर्ण सहयोग देने तथा सभी दिशा-निर्देशों का पालन करने का आश्वासन दिया।

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