महिसागर में 123 करोड़ के ‘नल से जल’ घोटाले का आरोप, BJP नेता समेत 3 गिरफ्तार
महिसागर में ‘नल से जल’ योजना से जुड़े कथित 123 करोड़ रुपये के घोटाले मामले में कार्रवाई तेज हो गई है...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः गुजरात के महिसागर जिले में ‘नल से जल’ योजना को लेकर एक बड़ा घोटाला सामने आया है.. इस घोटाले की रकम 123 करोड़ रुपये बताई जा रही है.. हाल ही में CID क्राइम ब्रांच ने इस मामले में तीन और लोगों को गिरफ्तार किया है.. इनमें एक BJP नेता भी शामिल हैं.. इन नई गिरफ्तारियों के साथ कुल गिरफ्तार आरोपियों की संख्या लगभग 40 हो गई है.. बता दें कि यह घोटाला ग्रामीण इलाकों में हर घर तक साफ पानी पहुंचाने वाली सरकारी योजना से जुड़ा है.. आम लोगों के लिए चलाई गई इस योजना का पैसा कुछ लोगों ने अपनी जेब भरने के लिए गलत तरीके से इस्तेमाल किया..
आपको बता दें कि नल से जल योजना भारत सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन का हिस्सा है.. इसका मकसद गांवों में हर परिवार तक पाइप से साफ पीने का पानी पहुंचाना है.. गुजरात में भी इस योजना को बड़े स्तर पर लागू किया गया.. महिसागर जिला मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्र है.. यहां के कई गांवों में पानी की समस्या लंबे समय से रही है.. योजना के तहत पाइपलाइन बिछाई जाती, पानी के टैंक बनाए जाते, हैंडपंप लगाए जाते और फिल्ट्रेशन सिस्टम लगाए जाते.. सरकार ने इसके लिए करोड़ों रुपये आवंटित किए.. लेकिन जांच में पता चला कि कई जगहों पर काम अधूरा छोड़ दिया गया.. घटिया सामग्री इस्तेमाल की गई और बिल तो जमा कर दिए गए, लेकिन काम हुआ ही नहीं..
जानकारी के मुताबिक जल और स्वच्छता प्रबंधन संगठन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने 22 जून 2025 को CID क्राइम में शिकायत दर्ज कराई.. इस शिकायत में 12 सरकारी कर्मचारियों.. और 111 निजी कंपनियों व एजेंसियों के नाम शामिल थे.. जब अधिकारियों ने पूरे जिले में योजना की समीक्षा की तो कई गड़बड़ियां सामने आईं.. ठेकेदारों ने पैसे ले लिए, लेकिन काम पूरा नहीं किया.. कहीं पाइपलाइन बिछाई ही नहीं गई, कहीं पानी का स्रोत ही गंदा था.. वहीं कुछ जगहों पर झूठे बिल बनाकर पैसे वसूल कर लिए गए.. इस तरह सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचा..
हाल ही में CID क्राइम ने तीन नए आरोपियों को गिरफ्तार किया है.. पहला नाम है मुकेश पटेल.. वे एग्रीकल्चर प्रोड्यूस मार्केट कमिटी में BJP के डायरेक्टर हैं.. मुकेश पटेल लुनावाड़ा और संतरामपुर तालुका के 14 गांवों में ‘नल से जल’ प्रोजेक्ट के ठेकेदार थे.. जांच में पता चला कि उनके काम में कई अनियमितताएं थीं.. उनके प्रोजेक्ट्स से जुड़े करीब 1.78 करोड़ रुपये अभी सरकारी खाते में वापस आने बाकी हैं.. उनकी गिरफ्तारी से राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है.. क्योंकि वे सहकारी संस्थाओं और विकास कार्यों से जुड़े रहे हैं..
दूसरे आरोपी हेमेंद्रसिंह सोलंकी जिले के सात गांवों के प्रोजेक्ट्स से जुड़े थे.. उनके काम की भी जांच हुई.. अधिकारियों ने बताया कि उनके प्रोजेक्ट्स में गड़बड़ियां मिली हैं.. अब तक उनके खिलाफ करीब 60 लाख रुपये की वसूली हो चुकी है.. लेकिन जांच अभी जारी है.. तीसरे आरोपी सुभाष चंद्र रेवाभाई पटेल हैं.. वे SR कंस्ट्रक्शन नाम की कंपनी चलाते हैं.. इस कंपनी ने जिले में कई सरकारी ठेके लिए थे.. जांचकर्ताओं का कहना है कि इनसे अभी भी 2.46 करोड़ रुपये वसूलने बाकी हैं..
जानकारी के मुताबिक उनकी कंपनी के अन्य प्रोजेक्ट्स की भी जांच हो रही है.. जिसमें और गड़बड़ियां सामने आ सकती हैं.. ये तीनों गिरफ्तारियां घोटाले की जांच को नई दिशा दे रही हैं.. CID क्राइम के अधिकारी कह रहे हैं कि जांच तेजी से चल रही है.. आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं.. कुल मिलाकर 40 लोगों को अब तक गिरफ्तार किया जा चुका है.. इनमें ठेकेदार, सरकारी अधिकारी और अन्य लोग शामिल हैं.. यह संख्या और बढ़ सकती है..
नल से जल योजना का सपना बहुत बड़ा था.. गांव की महिलाओं को दूर-दूर से पानी लाने की मजबूरी से मुक्ति दिलाना.. बच्चों को साफ पानी मिलना और बीमारियां कम होना.. लेकिन महिसागर जैसे जिलों में कुछ लोगों ने इस अच्छी योजना का फायदा उठाया.. ठेकेदारों ने कम लागत में काम करके या बिना काम किए पैसे ले लिए.. कहीं पाइप की जगह सस्ती और कमजोर पाइप लगाई गई.. कहीं पानी का टैंक अधूरा छोड़ दिया गया.. कुछ गांवों में तो नल तक नहीं पहुंचे.. फिर भी बिल पास करा लिए गए..
जांच में पता चला कि कई प्रोजेक्ट्स में सामग्री की गुणवत्ता ठीक नहीं थी.. पानी की टेस्टिंग नहीं हुई या रिपोर्ट्स फर्जी थीं.. कुछ सरकारी कर्मचारियों ने मिलीभगत करके फाइलें मंजूर कर दीं.. इस घोटाले ने पूरे जिले की विकास योजनाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं.. मुकेश पटेल BJP से जुड़े हैं.. उनकी गिरफ्तारी ने गुजरात की राजनीति में चर्चा पैदा कर दी है.. विपक्षी पार्टियां इसे BJP सरकार में भ्रष्टाचार का प्रमाण बता रही हैं.. वहीं BJP के नेता कह रहे हैं कि पार्टी किसी भी भ्रष्टाचारी को बचाएगी नहीं.. कानून अपना काम कर रहा है..
महिसागर जिला गुजरात में BJP शासित क्षेत्र है.. ऐसे में इस घोटाले की जांच निष्पक्ष तरीके से हो.. यह जरूरी है.. सहकारी क्षेत्र में मुकेश पटेल की भूमिका रही है.. APMC जैसे संगठनों में वे सक्रिय थे.. विकास परियोजनाओं से उनका जुड़ाव था.. उनकी गिरफ्तारी से सहकारी हलकों में भी असर पड़ा है.. लोग पूछ रहे हैं कि इतने बड़े प्रोजेक्ट्स की निगरानी कौन कर रहा था.. हेमेंद्रसिंह सोलंकी और सुभाष चंद्र पटेल जैसे ठेकेदार सालों से सरकारी काम कर रहे थे.. और उन्होंने कई गांवों में काम लिया.. लेकिन जांच में उनके काम में कमियां निकलीं.. SR कंस्ट्रक्शन जैसी कंपनियां कई जिलों में सक्रिय हैं.. अगर उनकी अन्य परियोजनाओं में भी गड़बड़ियां निकली.. तो घोटाले का दायरा और बढ़ सकता है..
आपको बता दें कि CID क्राइम टीम ने सबूत इकट्ठा करने में काफी मेहनत की है.. दस्तावेज, बिल, साइट विजिट रिपोर्ट्स और गवाहों के बयान के आधार पर कार्रवाई हो रही है.. अधिकारियों का कहना है कि पैसे की वसूली भी जोरों से चल रही है.. इस घोटाले का सबसे ज्यादा असर आम गांव वालों पर पड़ा है.. कई गांवों में आज भी नल से पानी नहीं आता.. महिलाएं अभी भी दूर कुएं या नदी से पानी लाती हैं.. बच्चों को गंदा पानी पीने से बीमारियां हो रही हैं.. योजना का पैसा कहीं और चला गया.. तो गांव विकास से वंचित रह गए..



