चैतर वसावा मामले पर सियासत तेज, AAP ने BJP पर लगाए गंभीर आरोप
चैतर वसावा को लेकर गुजरात में राजनीतिक घमासान बढ़ गया है... AAP ने आरोप लगाया है कि उन्हें निशाना बनाया गया और सियासी...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः गुजरात की राजनीति में आम आदमी पार्टी के आदिवासी नेता चैतर वसावा को आदिवासी समाज का शेर कहा जाता है.. और उन्होंने लंबे समय से आदिवासियों के अधिकारों, जमीन, जंगल और पानी के लिए लड़ाई लड़ी है.. लेकिन BJP को डराने और तोड़ने की उनकी कोशिशों के बाद सत्ता पक्ष ने साजिश रचकर उन्हें जेल भेज दिया.. राजपीपला सत्र अदालत के फैसले के बाद AAP कार्यकर्ताओं में गुस्सा है.. साबरकांठा जिले में AAP के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने चैतरभाई के समर्थन में एक बड़ा समर्थन मार्च निकाला.. इस मार्च में सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल हुए और BJP की साजिश की निंदा की..
चैतर वसावा डेडियापाड़ा सुरक्षित विधानसभा क्षेत्र से AAP विधायक हैं.. वे आदिवासी इलाकों में बहुत लोकप्रिय हैं.. स्थानीय लोग उन्हें अपने हक की आवाज मानते हैं.. और उन्होंने BJP की नीतियों का विरोध किया और आदिवासियों को संगठित करने की कोशिश की.. AAP नेताओं का कहना है कि यही वजह है कि BJP ने उन्हें निशाना बनाया.. चैतर वसावा ने कई बार BJP को चुनौती दी.. उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज अब BJP के साथ नहीं चलेगा.. उनकी लोकप्रियता बढ़ने से BJP घबरा गई..
30 अक्टूबर 2023 की घटना को लेकर वन विभाग के अधिकारियों पर हमले.. और उगाही का मामला दर्ज हुआ.. अदालत ने चैतर वसावा, उनकी पत्नी शकुंतला और सात अन्य को सात-सात साल की सजा सुनाई.. AAP इसे पूरी तरह फर्जी और साजिशी मामला बताती है.. पार्टी का आरोप है कि BJP ने पुलिस और अदालत पर दबाव बनाकर यह केस खड़ा किया.. गोपाल राय और अरविंद केजरीवाल जैसे नेताओं ने खुलकर कहा कि यह राजनीतिक बदला है..
साबरकांठा में निकाले गए समर्थन मार्च में AAP कार्यकर्ताओं ने तख्तियां.. और बैनर लेकर सड़कों पर प्रदर्शन किया.. उन्होंने नारे लगाए BJP की साजिश मुर्दाबाद.. आदिवासी हक की लड़ाई जारी रहेगी.. मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं ने कहा कि चैतरभाई ने कभी भी गलत काम नहीं किया.. वे सिर्फ गरीब आदिवासियों के लिए लड़ रहे थे.. BJP उन्हें इसलिए जेल भेजना चाहती है.. क्योंकि वे सत्ता के गलत कामों को उजागर करते थे..
चैतर वसावा की पृष्ठभूमि आदिवासी संघर्ष से भरी हुई है.. वे नर्मदा जिले के डेडियापाड़ा क्षेत्र से आते हैं.. यहां के लोग जंगल, जमीन और पानी पर निर्भर हैं.. वन विभाग जब अवैध रूप से फसलें हटाता है.. तो स्थानीय लोग विरोध करते हैं.. चैतर वसावा ने ऐसे कई मामलों में लोगों की मदद की.. AAP का कहना है कि 2023 की घटना भी इसी तरह की थी.. अधिकारियों और स्थानीय लोगों के बीच विवाद हुआ.. चैतरभाई ने बातचीत के लिए घर बुलाया.. लेकिन BJP ने इसे हमला और उगाही का मामला बना दिया..
AAP नेताओं का आरोप है कि चैतर वसावा ने BJP को कई बार डराया.. उन्होंने आदिवासी वोट बैंक को BJP से छीनने की कोशिश की.. गुजरात विधानसभा चुनाव नजदीक हैं.. AAP गुजरात में मजबूत हो रही है.. चैतर वसावा की लोकप्रियता BJP के लिए खतरा बन गई.. इसलिए साजिश रची गई.. गोपाल राय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि BJP ने ED और पुलिस का इस्तेमाल कर विपक्ष को कुचलने की कोशिश की..
जानकारी के मुताबिक चैतर वसावा पर पहले भी कई मामले दर्ज हुए.. लेकिन हर बार वे जमानत पर बाहर आए और लड़ते रहे.. AAP का कहना है कि ये सभी मामले राजनीतिक हैं.. साबरकांठा मार्च में कार्यकर्ताओं ने कहा कि जेल भेजकर भी चैतरभाई की आवाज नहीं दबाई जा सकती.. आदिवासी समाज उनके साथ है..
मार्च के दौरान AAP पदाधिकारियों ने स्थानीय मीडिया को बताया कि चैतर वसावा आदिवासी समाज के लिए प्रेरणा हैं.. और उन्होंने स्कूल, अस्पताल, पानी और सड़कों के लिए काम किया.. BJP सरकार आदिवासियों की उपेक्षा करती है.. चैतरभाई ने इस उपेक्षा के खिलाफ आवाज उठाई.. इसलिए उन्हें निशाना बनाया गया..
साबरकांठा में मार्च की तैयारी कई दिनों से चल रही थी.. AAP के जिलाध्यक्ष और कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों को जागरूक कर रहे थे.. मार्च में महिलाएं और युवा भी बड़ी संख्या में शामिल हुए.. उन्होंने कहा कि चैतरभाई की पत्नी शकुंतला.. और नवजात बच्चे की स्थिति देखकर दिल टूटता है.. BJP अमानवीयता की हद पार कर रही है..
गोपाल राय ने पूरे गुजरात में प्रदर्शनों की घोषणा की है.. 26 जून को सभी जिलों में मार्च, 30 जून को 1000 जगहों पर सपोर्ट मार्च.. साबरकांठा का मार्च उसी अभियान का हिस्सा था.. कार्यकर्ताओं ने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ चैतर वसावा की नहीं.. बल्कि पूरे आदिवासी समाज और लोकतंत्र की है..
आदिवासी इलाकों में इस सजा से नाराजगी है.. लोग कहते हैं कि चैतर वसावा उनके नेता हैं… और उन्होंने वन अधिकार कानून के तहत लोगों को जमीन दिलाने की कोशिश की.. BJP सरकार वन विभाग के जरिए आदिवासियों को परेशान करती है.. चैतरभाई ने इसका विरोध किया.. साबरकांठा और आसपास के आदिवासी गांवों में AAP की पहुंच बढ़ रही है.. मार्च में शामिल लोगों ने कहा कि BJP की साजिश काम नहीं आएगी.. चुनाव में आदिवासी वोट AAP को मिलेंगे.. चैतर वसावा जेल से भी लड़ाई जारी रखेंगे..



