लेकिन भगवान गवाह है… राम मंदिर चढ़ावा मामले में चरम पर राजनीति

  • 8 अभियुक्तों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत 8० लोगों तक फैला जांच का दायरा
  • कांग्रेस-सपा आक्रामक बहन जी की ढुलमुल राय
  • राम मंदिर ट्रस्ट के चंपत राय से पूछताछ

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। भगवान गवाह हैं कि मंदिर में चढ़ाया गया हर रुपया सिर्फ एक नोट नहीं होता। वह किसी किसान की पहली कमाई होता है। किसी मां की मन्नत होती है। किसी पिता की प्रार्थना होती है। किसी बच्चे की मासूम आस्था होती है। दानपात्र में पैसा नहीं विश्वास गिरता है। और जब उसी विश्वास के प्रबंधन पर सवाल उठने लगें तब विवाद उत्पन्न होता है। मौजूदा समय में प्रकरण पर विवाद चरम पर हैं और आज अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावे की अनियमितताओं को लेकर मंदिर ट्रस्ट का घेराव और भगवान श्रीराम के दर्शन के लिए पहुंचे उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय समेत पार्टी के नेताओं को पुलिस ने अरेस्ट कर लिया है। राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय से तीन घंटे से भी ज्यादा समय तक पूछ ताछ की गयी। चंदा चोरी के आरापों में पकड़े गये 8 अभियुक्तों को 14 दिन की न्यायकि हिरासत में भेज दिया गया है और जांच का दायरा बढ़कर 80 लोगों तक पहुंच चुका है। अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे को लेकर चल रही जांच अब केवल एक आपराधिक मामले की जांच नहीं रह गयी है। जांच का दायरा बढ़ रहा है कई लोगों से पूछताछ हो रही है गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है और जांच आगे बढऩे के साथ-साथ राजनीति भी तेज होती जा रही है। विपक्ष सरकार से जवाब मांग रहा है। सत्ता पक्ष विपक्ष पर राजनीतिक अवसरवाद का आरोप लगा रहा है। लेकिन इन सबके बीच एक सवाल लगातार खड़ा है क्या इस बहस का केंद्र राजनीति होगी या फिर जवाबदेही क्या इस मामले का निष्कर्ष केवल अदालत तय करेगी या जनता अपने भरोसे का फैसला पहले ही करना शुरू कर चुकी है? हर जांच का अपना समय होता है। हर आरोपी को कानून निष्पक्ष सुनवाई का अधिकार देता है। और हर आरोप तब तक आरोप ही रहता है जब तक वह जांच और न्यायिक प्रक्रिया की कसौटी पर परखा न जाए।

सीएम योगी ने सपा को घेरा

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोलते हुए कहा वहां अब उनके सहयोग की कोई आवश्यकता नहीं। लेकिन इस बात के लिए धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने आखिरकार अयोध्या को स्वीकार किया। यह भाजपा की वैचारिक विजय है। देर-सवेर सपा मुखिया भी भगवान श्रीराम का संकीर्तन करते दिखाई देंगे और रामभक्तों पर लाठी-गोली चलाने के पाप का सार्वजनिक पश्चाताप करेंगे।

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले का राजनीतिकरण करना ठीक नहीं : मायावती

बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने भी राम मंदिर में हुए चंदा चोरी पर जिंता जताई है। इसके साथ ही इस मामले पर राजनीति नहीं करने की भी अपील की है। मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा है कि अयोध्या में श्रीराम मन्दिर से चढ़ावे की हुई चोरी, गबन व हेराफेरी आदि करने की मीडिया में आए दिन किस्म-किस्म की आ रही खबरें अति-गम्भीर व चिंतनीय हैं। ऐसे लोगों को कतई बक्शा नहीं जाना चाहिए लेकिन इस मामले का राजनीतिकरण करना भी ठीक नहीं है।

अजय राय अरेस्ट, पत्नी बोली अगर कुछ हुआ तो ठीक नहीं होगा

कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के नेतृत्व में 9 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल आज अयोध्या में भगवान श्रीराम के दर्शन, मंदिर ट्रस्ट से मुलाकात और चढ़ावा प्रकरण की जानकारी लेने वाला था। प्रतिनिधिमंडल ने मंदिर ट्रस्ट कार्यालय के घेराव का भी ऐलान किया था। लेकिन घेराव से पहले ही देर रात पुलिस ने अजय राय को अयोध्या के एक होटल से हिरासत में लेकर दूसरे स्थान पर पहुंचा दिया है। कांग्रेस का आरोप है कि प्रदेश अध्यक्ष को हाउस अरेस्ट किया गया और उन्हें मंदिर जाने से रोका गया। पार्टी का कहना है कि प्रतिनिधिमंडल में सांसद और विधायक भी शामिल होने वाले थे लेकिन प्रशासन ने उन्हें आगे बढऩे नहीं दिया। अजय राय ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और भूमि घोटालों के सवालों से बचने के लिए विपक्ष की आवाज दबा रही है। उन्होंने कहा कि उनका प्रतिनिधिमंडल केवल भगवान श्रीराम के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए आया था साथ ही मंदिर में सामने आए विवादों पर तथ्य जुटाकर रिपोर्ट तैयार करना चाहता था। इस बीच अजय राय की पत्नी रीना राय ने भी वीडियो संदेश जारी कर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार उनके पति की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है और यदि उन्हें कोई नुकसान होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।

80 लोगों तक फैला जांच का दायरा

राम मंदिर चढ़ावा मामले में गिरफ्तार किए गए आठ आरोपियों को अयोध्या की एक अदालत में पेश किया गया। आरोपियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश किया गया था जहां से सभी आरोपियों को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। इस मामले में सभी आरोपियों को अब 13 जुलाई को कोर्ट के सामने पेश किया जाएगा। कोर्ट में पुलिस ने कहा कि मामले की जांच अभी पूरी नहीं हुई है। अभी कई पहलुओं से जांच की जानी है ऐसे में आरोपियों को न्यायिक हिरासत में रखना जरूरी है। पुलिस ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई), बैंक ऑफ बड़ौदा और केनरा बैंक सहित लगभग छह बैंकों को नोटिस जारी किया है और गिरफ्तार आरोपियों, ट्रस्ट और अन्य लोगों के बैंक खातों और लॉकरों की जानकारी मांगी है। बताया जा रहा है कि इस मामले की जांच में करीब 70 से 80 लोग शामिल हैं जिन्हें समय-समय पर जांच के लिए नोटिस जारी किया जाएगा और बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया जाएगा। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान अगर आरोपियों से पूछताछ की जरूरत पड़ी तो अदालत से पुलिस कस्टडी रिमांड मांगी जाएगी।

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