चैतर वसावा के बाद संगठन पर निशाना, भरूच जिले में 2 बड़े नेताओं की गिरफ्तारी
भरूच में AAP नेताओं की गिरफ्तारी के बाद सियासी माहौल गरमा गया है… चैतर वसावा के बाद संगठन पर कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः गुजरात के भरूच जिले में आम आदमी पार्टी के कई प्रमुख नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया है.. इस घटना ने पूरे पार्टी संगठन में हलचल मचा दी है.. भरूच जिला अध्यक्ष पीयूष पटेल, सुरजन वसावा.. और पार्टी के अन्य कई कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया है.. चैतर वसावा के बाद अब पूरा संगठन ही निशाने पर आने लगा है.. पार्टी कार्यकर्ता इसे सत्ता पक्ष की दमन नीति का हिस्सा बता रहे हैं..
पीयूष पटेल और सुरजन वसावा जैसे नेता लंबे समय से भरूच क्षेत्र में गरीबों, आदिवासियों.. और मध्यम वर्ग के लोगों के लिए काम कर रहे थे.. इन नेताओं ने स्थानीय समस्याओं जैसे पानी, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य.. और आदिवासी अधिकारों पर आवाज उठाई थी.. पार्टी का कहना है कि इन मुद्दों पर लड़ाई करने के कारण ही सत्ता में बैठे लोग इन पर दबाव बना रहे हैं..
आपको बता दें कि करन बोराट ने इस गिरफ्तारी पर तीखा बयान दिया.. उन्होंने कहा कि हम यह कहना चाहते हैं कि हम किसी से डरने वाले नहीं हैं.. उनका कहना था कि सत्ता पक्ष को यह पसंद नहीं है कि गरीब, आदिवासी और मध्यम वर्ग के लोग आगे बढ़ें.. आम आदमी पार्टी के नेता आम लोगों के लिए लगातार लड़ रहे हैं.. इसलिए उनकी आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है..
वहीं यह घटना अचानक नहीं आई है.. गुजरात में आम आदमी पार्टी पिछले कुछ सालों से मजबूत हो रही है.. खासकर आदिवासी इलाकों में पार्टी की पकड़ बढ़ी है.. चैतर वसावा जैसे नेता आदिवासी समुदाय के बीच लोकप्रिय हैं.. और उन्होंने स्थानीय मुद्दों पर लड़ाई लड़ी.. जिसके कारण कई बार विवाद भी हुआ.. अब भरूच में पीयूष पटेल और सुरजन वसावा की गिरफ्तारी को पार्टी समर्थक राजनीतिक साजिश मान रहे हैं..
भरूच जिला गुजरात का महत्वपूर्ण क्षेत्र है.. यहां औद्योगिक गतिविधियां हैं और आदिवासी आबादी भी काफी है.. स्थानीय लोग विकास के नाम पर शोषण की शिकायत करते रहे हैं.. AAP के नेताओं ने इन शिकायतों को आवाज दी.. और उन्होंने कहा कि बड़े-बड़े प्रोजेक्ट्स में आदिवासियों की जमीन छीनी जा रही है.. और मुआवजा सही नहीं मिल रहा है.. गरीब किसान और मजदूर परेशान हैं.. पार्टी ने इन मुद्दों पर प्रदर्शन किए और सवाल उठाए.. गिरफ्तारी के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं में गुस्सा है.. कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन हुए.. कार्यकर्ता कह रहे हैं कि पुलिस ने बिना ठोस सबूत के नेताओं को उठाया है.. यह दबाव बनाने की रणनीति है.. करन बोराट ने कहा कि AAP सत्ता की इस तानाशाही के सामने नहीं झुकेगी.. हम लोगों की लड़ाई लड़ते रहेंगे..
आम आदमी पार्टी गुजरात में 2012-13 के आसपास सक्रिय हुई.. दिल्ली और पंजाब में सरकार बनाने के बाद पार्टी ने गुजरात में भी संगठन बनाना शुरू किया.. यहां BJP की मजबूत पकड़ है.. लेकिन AAP ने भ्रष्टाचार, महंगाई और स्थानीय मुद्दों पर काम करके लोगों का ध्यान खींचा.. 2022 के विधानसभा चुनावों में पार्टी ने कुछ सीटों पर अच्छा प्रदर्शन किया.. खासकर आदिवासी क्षेत्रों में.. चैतर वसावा ने देदियापाड़ा से जीत हासिल की.. वे आदिवासी नेता हैं और स्थानीय समस्याओं को समझते हैं.. उन्होंने MGNREGA में भ्रष्टाचार उजागर करने का दावा किया.. इसके बाद उन पर कई मामले दर्ज हुए.. फॉरेस्ट विभाग से जुड़े विवाद, मारपीट और अन्य आरोप भी लगे..
चैतर वसावा की गिरफ्तारी के बाद पार्टी ने उन्हें भरूच लोकसभा सीट से उम्मीदवार बनाया था.. यह फैसला विवादास्पद रहा.. अहमद पटेल परिवार ने आपत्ति जताई.. लेकिन AAP ने अपनी राह चुनी.. अब चैतर वसावा के बाद भरूच जिले के अन्य नेताओं पर कार्रवाई हो रही है.. पार्टी इसे सिलसिलेवार दमन का हिस्सा बता रही है.. भरूच में औद्योगिक क्षेत्र है.. झगड़िया GIDC जैसे इलाके हैं, जहां कई कंपनियां हैं.. स्थानीय लोग कहते हैं कि विकास के नाम पर पर्यावरण.. और आदिवासियों की उपेक्षा हो रही है.. पीयूष पटेल और सुरजन वसावा ने इन मुद्दों पर लगातार सवाल उठाए.. उन्होंने प्रदर्शन किए, ज्ञापन दिए और लोगों को संगठित किया..
पुलिस के अनुसार कुछ घटनाओं में इन नेताओं पर आरोप हैं.. लेकिन पार्टी का दावा है कि ये आरोप राजनीतिक बदले की भावना से लगाए गए हैं.. गिरफ्तारी के समय पार्टी कार्यकर्ता मौके पर मौजूद थे.. और उन्होंने कहा कि बिना ठोस वजह के नेताओं को उठाया गया.. करन बोराट ने कहा कि सत्ता में बैठे लोगों को गरीबों का उत्थान पसंद नहीं.. जब कोई पार्टी आम आदमी के लिए काम करती है.. तो उसकी आवाज दबाई जाती है.. उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे हिम्मत न हारें.. हम लड़ाई जारी रखेंगे..



