आखिर कब होंगे UP में उपचुनाव? 7 महीने से खाली सीटों पर नहीं हुई वोटिंग

उत्तर प्रदेश में घोसी, फरीदपुर और दुद्धी विधानसभा की खाली सीटों पर उपचुनाव की घोषणा में असाधारण देरी हो रही है.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: उत्तर प्रदेश में घोसी, फरीदपुर और दुद्धी विधानसभा की खाली सीटों पर उपचुनाव की घोषणा में असाधारण देरी हो रही है. जहां अन्य राज्यों में उपचुनाव हो रहे हैं, वहीं यूपी में 7 महीने से ज्यादा समय से सीटें खाली होने के बावजूद चुनाव आयोग खामोश है. जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के 6 महीने के प्रावधान का भी उल्लंघन हो रहा है.

देश के दूसरे राज्यों में उपचुनाव का ऐलान कर दिया गया है लेकिन, UP को लेकर चुनाव आयोग अभी भी खामोश है. UP में 7 महीने से खाली सीट पर अब तक उपचुनाव की तारीखों का कुछ अता-पता नहीं है. यहां पर घोसी, फरीदपुर और दुद्धी विधानसभा की खाली सीटों पर उपचुनाव का इंतजार है. जनप्रतिनिधित्व अधिनियम में 6 महीने का प्रावधान है मगर फिर भी UP में अब तक उपचुनाव नहीं हुआ. 20 नवंबर 2025 से घोसी सीट खाली है. वहीं फरीदपुर और दुद्धी सीट भी खाली है.

बरेली की फरीदपुर सीट से बीजेपी विधायक प्रोफेसर श्याम बिहारी लाल का जनवरी 2026 के पहले हफ्ते में निधन हो गया. दुद्धी सीट से समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायक विजय सिंह का निधन जनवरी 2026 के दूसरे हफ्ते में हुआ. दोनों सीटों के खाली होने की जानकारी जनवरी 2026 में ही चुनाव आयोग को भेज दी गई थी.

क्यों हो रही है देरी?
SIR (वोटर लिस्ट का विशेष गहन पुनरीक्षण) की वजह से उपचुनाव में देरी हुई है. यह प्रक्रिया अक्टूबर के अंत में शुरू हुई थी और इसे 2 बार बढ़ाया गया था. चुनाव आयोग की तरफ से 10 अप्रैल को फाइनल वोटर लिस्ट जारी की गई थी. इसके बावजूद एक महीने से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी उपचुनाव की कोई औपचारिक घोषणा नहीं हुई है. ऐसे में राजनीतिक दलों और वोटर्स में असमंजस की स्थिति बनी हुई है.

पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव
उत्तर प्रदेश और चार अन्य राज्यों, पंजाब, गोवा, उत्तराखंड और मणिपुर में 2027 की पहली तिमाही में होने वाले विधानसभा चुनाव पहले कराए जा सकते हैं, क्योंकि देश में जनगणना का काम चल रहा है. इन पांच राज्यों में पिछले दो विधानसभा चुनाव फरवरी और मार्च के बीच हुए थे. 2022 में चुनाव 10 फरवरी से 7 मार्च के बीच हुए थे, जबकि 2017 में ये 11 फरवरी से 8 मार्च के बीच कराए गए थे. जनगणना 2027 का दूसरा चरण, जिसमें लोगों की गिनती की जाएगी, फरवरी 2027 में शुरू होना है. अगर पुराने पैटर्न का पालन किया जाता है, तो चुनाव के शेड्यूल के साथ इसके टकराने की संभावना है.

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