बीजेपी विधायक राजू सिंह को कोर्ट से झटका, हर्ष फायरिंग केस में सजा
बिहार के साहेबगंज से BJP विधायक राजू सिंह को हर्ष फायरिंग के चलते हुई महिला डॉक्टर की मौत मामले में 4 साल की कैद हुई है.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: बिहार के साहेबगंज से BJP विधायक राजू सिंह को हर्ष फायरिंग के चलते हुई महिला डॉक्टर की मौत मामले में 4 साल की कैद हुई है.
ये फैसला दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने सुनाया है. कोर्ट ने उन पर 25 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है.
गैर इरादतन हत्या के मामले में दोषी बिहार के साहेबगंज से बीजेपी विधायक राजू कुमार सिंह को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने 4 साल की सजा सुनाई है. इसके साथ ही25 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है. दिल्ली के वसंत कुंज में नए साल की पूर्व संध्या पर पार्टी में फायरिंग करने से महिला डॉक्टर अर्चना गुप्ता की मौत के मामले में यह सजा सुनाई गई है.
राजू सिंह ने इस मामले में शुक्रवार को कोर्ट से सजा माफ करने की अपील की थी. उन्होंने दलील दी कि उन्होंने “साइंटिफिक जानकारी की कमी” के कारण यह जुर्म किया क्योंकि वह गोली के पैराबोलिक रास्ते का अंदाजा नहीं लगा सके थे. यह दलील राउज एवेन्यू कोर्ट के स्पेशल जज विशाल गोगने के सामने दी गई, जो मामले में सजा की अवधि पर दलीलें सुन रहे थे.
कोर्ट ने विधायक को ठहराया था दोषी
कोर्ट ने 6 जून को बीजेपी विधायक राजू कुमार सिंह को मामले में दोषी ठहराया था. स्पेशल जज गोगने ने माना कि राजू सिंह ने ही वह जानलेवा गोली चलाई थी जिससे डॉक्टर गुप्ता की मौत हुई थी. उन्होंने इंडियन पीनल कोड के सेक्शन 304 (II) (गैर-इरादतन हत्या) और आर्म्स एक्ट के सेक्शन 30 (लाइसेंस या नियम तोड़ने की सज़ा) के तहत दोषी ठहराया था.
सजा के बाद सिंह को तुरंत ज्यूडिशियल कस्टडी में ले लिया गया, क्योंकि वह फरवरी 2019 से इस मामले में बेल पर बाहर थे. इस बीच, कोर्ट ने सिंह की पत्नी, रेनू सिंह और दो अन्य लोगों को सबूत मिटाने के आरोपों से बरी कर दिया, क्योंकि उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं मिला.
विधायक के वकील ने दी थी ये दलील
पिछली सुनवाई में, सिंह ने प्रोबेशन ऑफ ऑफेंडर्स एक्ट, 1958 के सेक्शन 4 के तहत एक अर्जी दी, जो कोर्ट को कुछ दोषी अपराधियों को तुरंत जेल या जुर्माना देने के बजाय अच्छे व्यवहार के लिए प्रोबेशन पर रिहा करने का अधिकार देता है. जवाब में, कोर्ट ने प्रोबेशन ऑफिसर से सिंह के खिलाफ पिछले किसी भी केस और उसके रिहैबिलिटेशन की संभावना के बारे में रिपोर्ट मांगी।
कम सजा की मांग करते हुए, सिंह की तरफ से पेश हुए वकील राजीव मोहन ने कहा, “मैंने साइंटिफिक जानकारी की कमी के कारण गोली चलाई… यह सब्जेक्टिव लापरवाही का मामला है. मैंने सभी सावधानियां बरतीं लेकिन मुझे (गोली का) पैराबोलिक पाथ समझ नहीं आया.” वकील ने आगे कहा, “मैंने जमीन पर निशाना नहीं लगाया, न ही छत पर कोई लोग थे, और मैंने वहां निशाना भी नहीं लगाया. यह नैतिक रूप से बुरा काम नहीं है. अगर दो साल से कम की सजा पर विचार किया जाए, तो किया जाना चाहिए.”
कोर्ट ने सुनाई चार साल की सजा
सिंह की तरफ से पेश सीनियर वकील नंदिता राव ने प्रोबेशन रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि सिंह को किसी भी दूसरे केस में दोषी नहीं ठहराया गया है. उन्होंने कहा, “मेरे फार्महाउस पर जो हुआ वह एक गंभीर घटना थी, लेकिन इसके पीछे कोई इरादा नहीं था. मेरी पत्नी और बच्चे पीड़ित के साथ कंधे से कंधा मिलाकर उसे मेरी ही कार में हॉस्पिटल ले गए. आरोपी का व्यवहार उसके गहरे दुख और जिम्मेदारी की भावना को दिखाता है. मुझे इस घटना पर अफसोस है और मैं सुधार का मौका चाहता हूं”
वकील ने आगे कहा, “मेरे राजनीतिक विरोधियों की शिकायतों पर मेरे खिलाफ़ कई केस हैं, लेकिन किसी ने कभी नहीं कहा कि मैंने हथियार लहराया या हवा में गोली चलाई. दो साल से कम की सज़ा पर विचार किया जाना चाहिए ताकि मैं अपनी सीट बचा सकूं.”



