सपा के बाद अब कांग्रेस पर प्रशासन का एक्शन, सीतापुर कार्यालय पर नोटिस चस्पा
सीतापुर जिले के बिसवां तहसील क्षेत्र के थानगांव थाना इलाके में अवैध मिट्टी खनन को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: सीतापुर जिले के बिसवां तहसील क्षेत्र के थानगांव थाना इलाके में अवैध मिट्टी खनन को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों का दावा है कि थाने से मात्र 200 मीटर की दूरी पर दिनदहाड़े खुलेआम अवैध खनन किया जा रहा है, जिससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।
दिनदहाड़े चल रहा अवैध मिट्टी खनन
स्थानीय लोगों के अनुसार, क्षेत्र में ट्रैक्टर और डंपरों के माध्यम से लगातार मिट्टी की ढुलाई की जा रही है। यह पूरा काम खुलेआम और बिना किसी रोक-टोक के किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि खनन गतिविधियां इतनी तेज हैं कि खेतों को भी धीरे-धीरे तालाबों में तब्दील किया जा रहा है, जिससे किसानों को भारी नुकसान हो रहा है।
बिना अनुमति खनन का आरोप
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि यह पूरा खनन कार्य बिना किसी वैध अनुमति के किया जा रहा है। इसके बावजूद न तो स्थानीय प्रशासन और न ही संबंधित विभागों द्वारा कोई ठोस कार्रवाई की जा रही है। इससे इलाके में अवैध खनन माफियाओं के हौसले और बुलंद होते दिख रहे हैं।
रसूखदार संरक्षण की चर्चा
स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि इस अवैध खनन के पीछे एक रसूखदार और कथित सफेदपोश प्रधान का संरक्षण है। ग्रामीणों का आरोप है कि इसी संरक्षण के चलते यह पूरा खेल बेखौफ होकर चल रहा है। हालांकि, इस मामले में अभी तक किसी भी अधिकारी या संबंधित व्यक्ति की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
थाने के पास ही खनन, फिर भी कार्रवाई नहीं
सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि थानगांव थाने से मात्र 200 मीटर की दूरी पर यह गतिविधि खुलेआम कैसे चल रही है, और पुलिस द्वारा अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं की गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि थाने के इतने नजदीक अवैध खनन का जारी रहना प्रशासनिक कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। इलाके में यह भी चर्चा है कि पूरा खनन कार्य एक संगठित “मैनेजमेंट सिस्टम” के तहत चलाया जा रहा है, जिसमें कुछ स्थानीय स्तर के प्रभावशाली लोग भी शामिल हो सकते हैं।
राजस्व नुकसान की आशंका
अवैध खनन से सरकार को बड़े पैमाने पर राजस्व नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। साथ ही पर्यावरण और कृषि भूमि पर भी इसका गंभीर प्रभाव पड़ रहा है। खेतों की मिट्टी खोदे जाने से भूमि की उर्वरता प्रभावित होने का खतरा भी बढ़ गया है। इस पूरे मामले में बीट पुलिसकर्मी और राजस्व विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई की जाती तो इस तरह का अवैध खनन नहीं बढ़ पाता।
ग्रामीणों में नाराजगी
इलाके के लोग इस पूरे मामले को लेकर नाराज हैं और जल्द से जल्द प्रशासन से कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि स्थिति पर नियंत्रण नहीं किया गया तो आंदोलन भी किया जा सकता है। सीतापुर के थानगांव थाना क्षेत्र में अवैध मिट्टी खनन का यह मामला प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस पर कब और कैसी कार्रवाई करता है।



