इसुदान गढ़वी ने भरी हुंकार, कहा- एकजुट होंगे, तो न्याय मिलेगा 

सूरत में कार्रवाई के बाद राजनीति तेज हो गई है... AAP नेता इसुदान गढ़वी ने BJP सरकार पर बड़ा हमला बोलते हुए कहा कि अगर लोग...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः गुजरात में किसानों का गुस्सा फूट पड़ा है.. पिछले कई दिनों से राज्य के अलग-अलग गांवों में विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं.. मुख्य मुद्दा है खेतों में जबरदस्ती लगाए जा रहे बिजली के खंभे.. और हाई वोल्टेज ट्रांसमिशन लाइनें.. किसानों का कहना है कि इन खंभों से उनकी जमीन बर्बाद हो रही है.. फसल उगाना मुश्किल हो गया है.. और मुआवजा भी बहुत कम मिल रहा है.. या कई जगह नहीं मिल रहा..

आम आदमी पार्टी ने इस मुद्दे पर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है.. AAP के गुजरात अध्यक्ष ईसुदान गढ़वी ने कहा है कि एकजुट होंगे, तो न्याय मिलेगा.. उन्होंने दावा किया कि अगर किसान संगठित रहेंगे, तो उनकी जीत तय है.. यह खबर सिर्फ एक घटना की नहीं है.. यह गुजरात के किसानों की लंबी लड़ाई की कहानी है.. भाजपा के 30 साल के शासन में किसानों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ा.. जबकि AAP ने भ्रष्टाचार और किसान-विरोधी नीतियों के खिलाफ आवाज उठाई..

ईसुदान गढ़वी AAP के गुजरात अध्यक्ष हैं.. वे खुद किसान परिवार से हैं और लंबे समय से किसानों के मुद्दों पर काम करते आ रहे हैं.. हाल ही में किसानों की ट्रैक्टर रैली और विरोध-प्रदर्शनों में उन्होंने सक्रिय भूमिका निभाई.. गढ़वी ने साफ कहा कि यह किसानों का आंदोलन है, किसी एक पार्टी का नहीं.. हम पूरी ताकत के साथ किसानों के साथ खड़े हैं.. और उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि 30 साल की सरकार में किसानों को सिर्फ वादे मिले.. लेकिन हकीकत में उनकी आय दोगुनी करने का वादा पूरा नहीं हुआ.. गढ़वी का कहना है कि जब किसान एकजुट होंगे.. तब कोई भी सरकार उन्हें नजरअंदाज नहीं कर पाएगी.. AAP ने किसान महापंचायतें आयोजित कीं, जहां हजारों किसान जुटे..

गढ़वी ने कहा कि भाजपा सरकार भ्रष्ट है.. किसानों की जमीन पर बिजली कंपनियां मनमानी कर रही हैं.. AAP ने हमेशा किसानों के हक की लड़ाई लड़ी है.. और अब जीत का समय आ गया है.. AAP का कहना है कि उसकी ताकत यही है कि वह आम लोगों, खासकर किसानों.. और गरीबों के मुद्दों पर सीधे मैदान में उतरती है.. दिल्ली और पंजाब में AAP सरकार ने किसानों के लिए कई योजनाएं शुरू कीं.. जैसे मुफ्त बिजली और फसल बीमा में सुधार.. गुजरात में भी पार्टी इसी मॉडल को लागू करने की बात कर रही है..

भाजपा गुजरात में लगभग 30 साल से सत्ता में है.. इस दौरान राज्य में विकास हुआ.. लेकिन किसान वर्ग का कहना है कि उनके हितों की अनदेखी हुई.. किसानों से उनकी आय दोगुनी करने का वादा किया गया था.. लेकिन हकीकत अलग है.. कई किसान कर्ज में डूबे हैं, फसलों के सही दाम नहीं मिलते.. और अब बिजली के खंभों की समस्या ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं.. पिछले 10 से 15 सालों में गुजरात में रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट तेजी से बढ़े हैं.. खासकर खावड़ा जैसे क्षेत्रों में.. इन प्रोजेक्ट्स के लिए हाई वोल्टेज ट्रांसमिशन लाइनें बिछाई जा रही हैं.. इन लाइनों के लिए खेतों में बड़े-बड़े बिजली के खंभे लगाए जा रहे हैं..

किसानों का आरोप है कि बिना उनकी अनुमति के जबरदस्ती काम किया जा रहा है.. खंभा लगने के बाद उस जगह की जमीन खेती के लिए लगभग बेकार हो जाती है.. ट्रैक्टर और हार्वेस्टर चलाना मुश्किल हो जाता है.. फसल की पैदावार घटती है और जमीन की कीमत भी कम हो जाती है.. किसानों का कहना है कि मुआवजा बहुत कम दिया जा रहा है.. कुछ जगहों पर प्रति खंभा 50 हजार रुपये दिए जा रहे हैं.. जबकि किसान 1 लाख रुपये या उससे अधिक की मांग कर रहे हैं.. कुछ पुराने प्रोजेक्ट्स में ज्यादा मुआवजा मिला था.. लेकिन अब कम दिया जा रहा है..

मोरबी, साबरकांठा, मेहसाणा और सुरेंद्रनगर जैसे जिलों में यह समस्या सबसे ज्यादा है.. किसान कहते हैं.. हमारी जमीन चली गई, लेकिन मुआवजे के नाम पर बहुत कम पैसा दिया जा रहा है.. सुरेंद्रनगर, मेहसाणा और आसपास के इलाकों में भी यही हाल है.. किसान कहते हैं कि सरकार कहती है कि विकास हो रहा है.. लेकिन हमारी रोजी-रोटी छीन ली जा रही है.. AAP ने इन किसानों से मुलाकात की.. और उनका साथ दिया.. पार्टी के कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर किसानों को जागरूक कर रहे हैं..

गुजरात के सैकड़ों गांवों में अलग-अलग मुद्दों को लेकर प्रदर्शन हो रहे हैं.. बिजली के खंभों के अलावा फसल बीमा, कर्ज माफी और MSP यानी न्यूनतम समर्थन मूल्य जैसे मुद्दे भी किसानों के बीच प्रमुख हैं.. कांग्रेस और AAP ने मिलकर ट्रैक्टर रैली निकाली.. जिसमें हजारों किसान शामिल हुए.. अहमदाबाद से गांधीनगर तक यह रैली निकाली गई..

सिर्फ किसान ही नहीं,. बल्कि सरपंचों ने भी विरोध किया.. 22 गांवों के सरपंचों ने जिला कलेक्टर की बैठक का बहिष्कार कर दिया.. भाजपा नेताओं को भी कई गांवों में विरोध का सामना करना पड़ा.. AAP ने अलग-अलग जगह किसान सम्मेलन आयोजित किए.. और आगे बड़े आंदोलन की चेतावनी दी.. ईसुदान गढ़वी ने कहा कि पिछले 10 सालों में संगठित नहीं होने के कारण किसानों को नुकसान हुआ.. अब आंदोलन शुरू हुआ है, इसलिए उम्मीद जगी है कि प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा मिलेगा.. AAP का हर कार्यकर्ता किसानों के साथ खड़ा रहेगा..

 

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