गोरखपुर में कांग्रेस नेताओं को तड़के घरों में रोका गया, स्वागत कार्यक्रम से पहले मचा सियासी बवाल
गोरखपुर में कांग्रेस ने जिलाध्यक्ष राजेश कुमार तिवारी समेत करीब 20 कार्यकर्ताओं को हाउस अरेस्ट किए जाने का आरोप लगाया है। पुलिस की कार्रवाई के कारण स्वागत कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके। पुलिस का आधिकारिक बयान अभी नहीं आया।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: गोरखपुर में शनिवार सुबह राजनीतिक हलचल उस समय तेज हो गई, जब कांग्रेस ने आरोप लगाया कि उसके जिलाध्यक्ष राजेश कुमार तिवारी समेत करीब 20 कार्यकर्ताओं को पुलिस ने उनके आवासों पर ही नजरबंद (हाउस अरेस्ट) कर दिया। कांग्रेस का दावा है कि इस कार्रवाई के कारण पार्टी नेता निर्धारित स्वागत कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके। हालांकि, पुलिस की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
स्वागत कार्यक्रम में शामिल होने की थी तैयारी
कांग्रेस के मीडिया सेल के अनुसार, सभी कार्यकर्ता सुबह 8 बजे आयोजित स्वामी अभिमुक्तेश्वरानंद के स्वागत कार्यक्रम में शामिल होने वाले थे। आरोप है कि शुक्रवार देर रात करीब 1:30 बजे पुलिसकर्मी उनके घर पहुंचे और सुबह तक किसी को बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी गई। इसी वजह से पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके।
कांग्रेस ने लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन का लगाया आरोप
जिलाध्यक्ष राजेश कुमार तिवारी ने कहा कि बिना किसी स्पष्ट कारण के उन्हें और अन्य कांग्रेस कार्यकर्ताओं को घरों में रोका गया। उनके अनुसार यह कार्रवाई विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों और संविधान की भावना के खिलाफ बताते हुए कहा कि कांग्रेस जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए अपना संघर्ष जारी रखेगी।
पुलिस की ओर से नहीं आया आधिकारिक बयान
मामले को लेकर पुलिस की ओर से हाउस अरेस्ट किए जाने के कारणों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में पूरे घटनाक्रम को लेकर स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार है। पुलिस का पक्ष सामने आने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
रिपोर्ट – अमरेंद्र पांडेय, गोरखपुर



