मोराबादी में जुनैद की एंट्री, छात्र आंदोलन के बदलते चेहरे पर बहस

दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलनकारी छात्रों के बीच खाना और पानी बांट कर चर्चा में आए जुनैद अब झारखंड के छात्र आंदोलन में पहुंच गए हैं. अब उनकी रांची में मौजूदगी ने एक नई चर्चा छेड़ दी है.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलनकारी छात्रों के बीच खाना और पानी बांट कर चर्चा में आए जुनैद अब झारखंड के छात्र आंदोलन में पहुंच गए हैं. अब उनकी रांची में मौजूदगी ने एक नई चर्चा छेड़ दी है.

हर आंदोलन की एक आवाज होती है और कुछ चेहरे ऐसे होते हैं जो मंच पर नहीं, भीड़ के बीच अपनी पहचान बनाते हैं. दिल्ली के जंतर-मंतर पर ऐसा ही एक चेहरा था जुनैद. वही जुनैद, जिसने आंदोलनकारियों को खाना खिलाया, जिसने दावा किया कि उसे पुलिस उठाकर मसूरी छोड़ आई और जिसकी कहानी देशभर में सुर्खियां बनी. अब वही जुनैद झारखंड की राजधानी रांची पहुंच चुका है. सवाल है, क्या यह सिर्फ एकजुटता है या देश के अलग-अलग छात्र आंदोलनों के बीच बनता एक नया पुल?

दरअसल, दिल्ली के जंतर-मंतर से शुरू हुई जुनैद की कहानी अब रांची के मोराबादी मैदान तक पहुंच गई है. जुनैद, जो जंतर-मंतर आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों के लिए भोजन और पानी की व्यवस्था करने के कारण चर्चा में आए थे, अब झारखंड के छात्र आंदोलन में दिखाई दे रहे हैं.

अब जुनैद ने रांची में डाला डेरा
जुनैद तब राष्ट्रीय सुर्खियों में आए थे, जब उन्होंने आरोप लगाया था कि कुछ लोगों ने, जिन्होंने खुद को पुलिसकर्मी बताया, उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की और बाद में मसूरी में छोड़ दिया. इन आरोपों की जांच और कानूनी प्रक्रिया अलग विषय है, लेकिन इस घटना ने उन्हें छात्र आंदोलनों के बीच एक चर्चित चेहरा बना दिया. अब रांची में जेपीएससी और जेएसएससी समेत भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ चल रहे आंदोलन में उनकी मौजूदगी ने नई चर्चा छेड़ दी है. आंदोलनकारी इसे एकजुटता का संदेश बता रहे हैं. उनका कहना है कि यह किसी एक राज्य की लड़ाई नहीं, बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग का साझा संघर्ष है.

प्रदर्शनकारी छात्रों की क्या हैं मांगें?
दरअसल, झारखंड में हजारों छात्र जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. उनकी मांग है कि अप्रैल में आयोजित प्रारंभिक सिविल सेवा परीक्षा को रद्द करके दोबारा परीक्षा आयोजित की जाए और भारत की प्रमुख जांच एजेंसी अन्य राज्य भर्ती परीक्षाओं में कथित कदाचार की जांच करे. इसके अलावा छात्र अनियमितताओं से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए एक त्वरित अदालत की भी मांग कर रहे हैं. हालांकि झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि आरोपों की जांच की जा रही है और उन्होंने छात्रों को न्याय दिलाने का आश्वासन भी दिया है.

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