NTA में बनेगी नई टेक टीम, प्रोफेशनल्स और AI संभालेंगे पेपर ट्रांसलेशन

सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान केंद्रीय सचिव को निर्देश दिया है कि हलफनामा दाखिल ये बताए कि NTA में सुधार को लेकर राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों के आधार पर अब तक क्या प्रगति हुई है.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान केंद्रीय सचिव को निर्देश दिया है कि हलफनामा दाखिल ये बताए कि NTA में सुधार को लेकर राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों के आधार पर अब तक क्या प्रगति हुई है.

नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) UG पेपर लीक मामले में सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को सुनवाई हुई. सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) कीपरीक्षा व्यवस्था को संस्थागत बनाने की जरूरत पर जाेर दिया है.

वहीं सुनवाई के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने NTA में किए जा रहे बदलावों की जानकारी दी है, जिसके तहत मंत्रालय ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि NTA खुद की टेक टीम बना रहा है. तो वहीं प्रोफशनल्स और AI की मदद से पेपरों का ट्रांसलेशन करने की तैयारी है.NTA में बदलाव को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा है. जानेंगे कि सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षा मंत्रालय को किस संबंध में निर्देश दिए हैं.

NTA में एक डायरेक्टर रैंक के अधिकारी की जरूरत

सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान NTA की परीक्षा व्यवस्था को संस्थागत बनाने की जरूरत पर जाेर दिया. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इसके लिए सुरक्षित और गोपनीय इंफ्रास्ट्रक्चर, साइबर सिक्योरिटी, खास टेस्टिंग सेंटर, पेपर सील करने के लिए एक स्थायी समिति, संस्थागत विशेषज्ञता, एक सुरक्षित डेटाबेस और सिक्योरिटी की देखरेख के लिए डायरेक्टर रैंक के अधिकारी की जरूरत है.सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एक मज़बूत सिस्टम और संस्थागत व्यवस्था बनाने की जरूरत है.

राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों पर दाखिल करें हलफनामा

सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरानकेंद्रीय सचिव को निर्देश दिया है कि वे राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों को लागू करने के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी देते हुए एक हलफनामा दाखिल करें.

जस्टिस नरसिम्हा ने कहा कि आप अपना हलफनामा दाखिल करें, जिसमें यह बताया गया हो कि राधाकृष्णन समिति के आधार पर क्या प्रगति हुई है और नई समिति ने क्या बदलाव किए हैं?सुप्रीम कोर्ट आगे कहा कि कि उसकी चिंता NTA को संस्थागत बनाने को लेकर है, जिसमें इंफ्रास्ट्रक्चर, मैनपावर और तकनीकी ज़रूरतें शामिल हैं.

NIC की मदद से तैयार की जा रही टेक टीम

सुनवाई के दौरान जस्टिस नरसिम्हा ने कहा कि NTA अभी कहां स्थित है? क्या इसके पास ज़रूरी इंफ्रास्ट्रक्चर और मैनपावर है? इस पर कोर्ट कोकोर्ट को बताया गया कि NTA, NIC की मदद से अपनी खुद की टेक टीम बना रहा है और क्वेश्चन पेपर के अनुवाद के लिए प्रोफेशनल टीमों के साथ-साथ स्वदेशी AI मॉडल भी शामिल कर रहा है.

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