Black Coffee में Lemon मिलाकर पीने से क्या होता है? जानिए इसके फायदे और नुकसान
चाय-कॉफी, भारतीयों की फेवरेट ड्रिंक है. लेकिन आजकल लोग ब्लैक कॉफी के जरिए हेल्थ की देखभाल रख रहे हैं. क्या आप जानते हैं कि ब्लैक कॉफी में नींबू का रस डालकर पीने से क्या होता है?

4पीएम न्यूज नेटवर्क: चाय-कॉफी, भारतीयों की फेवरेट ड्रिंक है. लेकिन आजकल लोग ब्लैक कॉफी के जरिए हेल्थ की देखभाल रख रहे हैं. क्या आप जानते हैं कि ब्लैक कॉफी में नींबू का रस डालकर पीने से क्या होता है?
कॉफी को अलग-अलग तरीकों से पीना आजकल ट्रेंड का हिस्सा है. इसमें सबसे कॉमन ब्लैक कॉफी है. एनर्जी देने से लेकर फैट बर्न करने तक… ऐसे कई हेल्थ बेनिफिट्स ब्लैक कॉफी से मिल सकते हैं.
सुहानी सेठ अग्रवाल (विभागाध्यक्ष, डायटेटिक्स, यथार्थ सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल) का कहना है कि आजकल ब्लैक कॉफी में नींबू मिलाकर पीने का ट्रेंड काफी लोकप्रिय हो गया है. कई लोग इसे वजन घटाने और शरीर को डिटॉक्स करने का आसान तरीका मानते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है कि यह ड्रिंक अकेले ही कोई बड़ा बदलाव ला सकती है.
ब्लैक कॉफी में मौजूद कैफीन शरीर की ऊर्जा खर्च करने की क्षमता और मेटाबॉलिक रेट को थोड़े समय के लिए बढ़ा सकता है और कुछ लोगों में भूख को भी कम कर सकता है. हालांकि, इसका असर लिमिटेड होता है और लंबे समय तक वजन घटाने के लिए केवल कॉफी पर निर्भर रहना कारगर तरीका नहीं है.
ब्लैक कॉफी और नींबू का कॉम्बो
एक्सपर्ट कहती हैं कि ब्लैक कॉफी में मौजूद कैफीन आपको ज्यादा एनर्जेटिक और अलर्ट महसूस करा सकता है, जबकि नींबू विटामिन-सी का अच्छा स्रोत है. लेकिन नींबू को कॉफी में मिलाने से विटामिन सी के कारण कोई खास फैट-बर्निंग प्रभाव पैदा नहीं होता. इसके इन दोनों को एक साथ पीने के फायदों को लेकर अभी तक कोई ठोस वैज्ञानिक प्रमाण मौजूद नहीं हैं.
हो सकती हैं ये दिक्कतें
डॉक्टर ने बताया इसी तरह डिटॉक्स ड्रिंक के रूप में भी इसे देखने की जरूरत नहीं है. हमारे शरीर में लिवर और किडनी नेचुरली टॉक्सिन्स को बाहर निकालने का काम करते हैं. डॉक्टर कहती हैं कि ये ब्लैक कॉफी और नींबू का कॉम्बो हर किसी के लिए फायदेमंद भी नहीं होता. जिन लोगों को एसिडिटी, गैस, पेट में जलन या एसिड रिफ्लक्स की समस्या है, उन्हें इसका सेवन सावधानी से करना चाहिए, क्योंकि इससे उनकी परेशानी बढ़ सकती है.
कॉफी के दूसरे नुकसान
कॉफी में मौजूद कैफीन की मात्रा भी ध्यान में रखना जरूरी है. बहुत ज्यादा कैफीन लेने से नींद पर असर आना, बेचैनी, दिल की धड़कन तेज होना या पेट से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं. अगर आपको इसका स्वाद पसंद है, तो आप इसे सीमित मात्रा में पी सकते हैं, लेकिन सिर्फ वजन कम करने या शरीर को डिटॉक्स करने के लिए इस पर निर्भर रहना सही नहीं है.
वेट मैनेजमेंट के लिए कैलोरी इंटेक, प्रोटीन और फाइबर, फिजिकली एक्टिव और अच्छी नींद कहीं ज्यादा अहम भूमिका निभाते हैं.



