HC के फैसले से नाराज छात्र बोले- सरकार ने दिया धोखा, आज होगा बड़ा प्रदर्शन
झारखंड HC ने हेमंत सोरेन सरकार के परीक्षाओं को रद्द करने के फैसले पर रोक लगा दी है. अब आंदोलनकारी छात्र सरकार की मंशा पर सवाल उठा रहे हैं. उन्होंने आज सीएम सोरेन का पुतला फूंकने का ऐलान कर दिया है,

4पीएम न्यूज नेटवर्क: झारखंड HC ने हेमंत सोरेन सरकार के परीक्षाओं को रद्द करने के फैसले पर रोक लगा दी है. अब आंदोलनकारी छात्र सरकार की मंशा पर सवाल उठा रहे हैं. उन्होंने आज सीएम सोरेन का पुतला फूंकने का ऐलान कर दिया है,
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितता के खिलाफ जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म्स मंच के बैनर तले प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने गुरुवार को हाईकोर्ट द्वारा 11वीं से 13वीं जेपीएससी परीक्षा के जरिए की गई नियुक्तियों को रद्द करने संबधी अधिसूचना के अमल पर रोक के बाद राज्य सरकार पर उन्हें धोखा देना का आरोप लगाया.
छात्र नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार हाईकोर्ट के समक्ष अपने फैसले का प्रभावी तरीके से बचाव करने में नाकाम रही है. उन्होंने ऐलान किया कि संगठन आज (शुक्रवार) राज्य के सभी 24 जिलों में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला फूंकेगा.
मंच के नेता कुणाल प्रताप सिंह ने आरोप लगाया कि हाईकोर्ट में सरकार के भर्ती परीक्षा रद्द करने के फैसले का बचाव करने के लिए न तो महाधिवक्ता और न ही कोई वरिष्ठ अधिवक्ता पेश हुए. जो वकील वहां मौजूद थे, उन्होंने बचाव में एक शब्द भी नहीं कहा. इससे साफ हो जाता है कि यह राज्य सरकार की विरोध-प्रदर्शन खत्म कराने की महज एक चाल थी.
भर्ती परीक्षाओं को रद्द किए जाने का फैसला
अभ्यर्थियों ने रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में 26 दिन तक विरोध प्रदर्शन किया था. सरकार द्वारा 22 भर्ती परीक्षाओं को रद्द किए जाने का फैसला लेने के बाद उन्होंने अपना आंदोलन दो महीने के लिए स्थगित कर दिया था. मंच के नेता रवींद्र पासवान ने कहा कि हमें सरकार की नीयत पर भरोसा था और लगा कि वह भर्ती परीक्षाओं में होने वाली अनियमितताओं पर सख्ती बरतना चाहती है, लेकिन हम गलत थे. सरकार ने हजारों अभ्यर्थियों को धोखा दिया है.
भर्ती रद्द करने वाली अधिसूचना पर रोक
हाईकोर्ट ने 11वीं और 13वीं झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) परीक्षाओं के जरिए सरकारी कर्मचारियों की भर्ती रद्द करने वाली अधिसूचना पर रोक लगा दी. कोर्ट ने खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की नियुक्तियां रद्द करने वाले आदेश के अमल पर भी रोक लगा दी है. सरकार की अधिसूचना के खिलाफ दाखिल कई याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति दीपक रोशन ने राज्य सरकार से कहा कि वे सुनवाई की अगली तारीख, यानी 15 सितंबर तक अपना जवाब दें.
क्या बोले देवेंद्र नाथ महतो?
झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के नेता और भर्ती परीक्षा में अनियमितता के मुद्दे को लेकर 16 दिन तक अनशन करने वाले देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि वह कोर्ट के उस फैसले का सम्मान करते हैं, जिसमें 11वीं से 13वीं जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षाओं और खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की नियुक्ति को रद्द करने वाले सरकारी आदेश के अमल पर रोक लगाई गई है.
अनियमितताओं से कोई समझौता नहीं
उन्होंने कहा कि हमने यह आंदोलन किसी उम्मीदवार के खिलाफ नहीं, बल्कि भर्ती परीक्षाओं की प्रक्रिया में भ्रष्टाचार, अनियमितताओं और व्यवस्थागत खामियों के खिलाफ शुरू किया है. इसलिए, हम अपनी मुख्य मांगों पर पूरी तरह अडिग हैं. महतो ने कहा कि योग्य और निर्दोष उम्मीदवारों को न्याय मिलना चाहिए, लेकिन भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं से कोई समझौता नहीं किया जाएगा.



