विदेशी मेडिकल डिग्री वाले डॉक्टरों का प्रदर्शन, FMGE में गड़बड़ी का आरोप
प्रदर्शन के मुख्य संयोजक ने कहा कि विदेश से मेडिकल की पढ़ाई करके भारत लौटने वाले डॉक्टरों के साथ अन्याय हो रहा है. उन्होंने कहा कि वे छात्रों को उचित न्याय मिलने तक अपना आंदोलन जारी रखेंगे.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: प्रदर्शन के मुख्य संयोजक ने कहा कि विदेश से मेडिकल की पढ़ाई करके भारत लौटने वाले डॉक्टरों के साथ अन्याय हो रहा है. उन्होंने कहा कि वे छात्रों को उचित न्याय मिलने तक अपना आंदोलन जारी रखेंगे.
विदेश से मेडिकल की पढ़ाई पूरी करने के बाद भारत में डॉक्टर के तौर पर प्रैक्टिस करने के लिए FMGE (Foreign Medical Graduate Examination) पास करना अनिवार्य होता है. यह परीक्षा नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) की ओर से आयोजित की जाती है.
देशभर में करीब 40 हजार विदेशी मेडिकल ग्रेजुएट्स इस परीक्षा से जुड़े हैं. इस साल FMGE के परिणाम में कम पास प्रतिशत को लेकर छात्रों और डॉक्टरों में नाराजगी है.
प्रदर्शनकारियों का दावा है कि परीक्षा के दौरान कुछ सवाल गलत पूछे गए, जबकि वीडियो क्लिप पर आधारित सवालों में जवाब देने के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया गया. प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, इन वजहों से इस बार पास प्रतिशत बेहद कम रहा, इसके साथ ही पेपर की कॉपी भी बच्चों कों नहीं दिखा रहे हैं.
दिल्ली में धरने पर बैठे छात्र और डॉक्टर
इन्हीं मांगों को लेकर विदेशी मेडिकल शिक्षा पूरी कर भारत लौटे डॉक्टर और मेडिकल छात्र पिछले कई दिनों से दिल्ली के गौतम नगर स्थित महाराजा रणजीत सिंह पार्क में धरने पर बैठे हैं. फॉरेन मेडिकल स्टूडेंट्स विंग के बैनर तले चल रहे इस प्रदर्शन में कई डॉक्टर और छात्र भूख हड़ताल भी कर रहे हैं.
बड़ी संख्या में अभ्यर्थी फेल
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि परीक्षा में गलत सवाल पूछे जाने के बावजूद छात्रों को उसका नुकसान उठाना पड़ा और बड़ी संख्या में अभ्यर्थी फेल हो गए. उनका दावा है कि परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था ने भी कुछ सवालों में गलती होने की बात स्वीकार की है. ऐसे में प्रदर्शनकारी चाहते हैं कि गलत सवालों के लिए अभ्यर्थियों को उचित राहत दी जाए और परीक्षा प्रक्रिया में सुधार किया जाए.
प्रदर्शनकारियों का समर्थन
धरने में अलग-अलग शहरों से डॉक्टर, मेडिकल छात्र और शिक्षक भी पहुंचकर प्रदर्शनकारियों का समर्थन कर रहे हैं. धरने में रात में भी लोग बैठे हैं, बारिश में गर्मी में बैठे हैं,
खास बात यह है कि प्रदर्शन स्थल पर डॉक्टर प्रोजेक्टर के जरिए पढ़ाई भी कर रहे हैं और लोगों के लिए नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर भी चला रहे हैं. जो लोग देख रहे हैं इस प्रोटेस्ट को वो बाहर से भी लोग समर्थन दे रहे हैं. कोई दवा पहुंचा रहा है, कोई लाइट की व्यवस्था करा रहा है, कोई खाने के जरिए सपोर्ट कर रहा है.
प्रदर्शनकारियों की मांग है कि सरकार उनकी समस्याओं का संज्ञान ले, परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्ष समीक्षा की जाए, गलत प्रश्नों और परीक्षा में तकनीकी/समय संबंधी खामियों की जांच हो तथा जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाए.



