कुंभ बजट पर सुप्रीम कोर्ट के जज वराले की टिप्पणी, बोले- 0.1% स्कूलों पर खर्च होता तो तस्वीर बदल जाती

सुप्रीम कोर्ट के जज पीवी वराले ने कहा कि नासिक कुंभ में 34,732 करोड़ रुपए खर्च करने की योजना है. अगर इसका 0.1 प्रतिशत भी स्कूलों पर खर्च कर दिया गया होता तो मराठी स्कूलों की तस्वीर बदल जाती.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: सुप्रीम कोर्ट के जज पीवी वराले ने कहा कि नासिक कुंभ में 34,732 करोड़ रुपए खर्च करने की योजना है. अगर इसका 0.1 प्रतिशत भी स्कूलों पर खर्च कर दिया गया होता तो मराठी स्कूलों की तस्वीर बदल जाती.

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस पीवी वराले ने कहा कि नासिक कुंभ के बजट का अगर 0.1 प्रतिशत भी मराठी स्कूलों पर खर्च किया गया होता, तो इससे 100 स्कूलों को बंद होने से बचाया जा सकता था.

हाल ही में खबर आई थी कि फंड की कमी के कारण महाराष्ट्र में मराठी माध्यम के 100 स्कूलों पर ताले लग गए हैं. शनिवार (22 अगस्त) को एक कार्यक्रम के दौरान जस्टिस वराले ने कहा कि स्कूलों की हालत बदतर है और इस पर ध्यान देने की जरूरत है.

वराले ने मुख्यमंत्री के बयान का हवाला देते हुए कहा कि नासिक कुंभ में महाराष्ट्र सरकार बुनियादी ढांचे पर 34,000 करोड़ रुपये और कॉरिडोर परियोजना पर 11,000 करोड़ रुपये खर्च कर रही है. उन्होंने कहा कि अगर इस बजट का सिर्फ 0.1 प्रतिशत यानी 32 करोड़ रुपये भी खर्च कर दिया गया होता, तो 100-150 स्कूलों को बंद होने से बचाया जा सकता था.

शिक्षा बजट में गिरावट- जस्टिस वराले

उन्होंने कार्यक्रम के दौरान कहा कि पहले शिक्षा के लिए बजटीय आवंटन, जो 8-12% के बीच होता था, उसमें गिरावट आई है. यह चिंताजनक है. इसे सुधारने की जरूरत है. जस्टिस वराले ने आगे कहा कि आवासीय विद्यालयों पर ध्यान देने की जरूरत है.

जस्टिस वराले ने एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि एक जगह पर 3 लड़कियां फर्श पर सो रही थी. सांप काटने से तीनों की मौत हो गई.

नासिक में कुंभ और उसका बजट

नासिक में साल 2027 में कुंभ का मेला लगने जा रहा है. इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है. महाराष्ट्र सरकार के मुताबिक कुंभ के विकास प्लान पर 22,425.39 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के मुताबिक स्थाई और अस्थाई विकास कार्यों पर करीब 34,732 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे.

नासिक ऑथोरिटी के अनुमान के मुताबिक कुंभ के आयोजन में 12 करोड़ श्रद्धालु आ सकते हैं. वहीं रेलवे का मानना है कि 3 करोड़ श्रद्धालु ट्रेन के जरिए कुंभ मेला में शामिल होने के लिए जा सकते हैं.

जस्टिस पीवी वराले कौन हैं?

निप्पाणी में जन्मे पीवी वराले 2024 से सुप्रीम कोर्ट के जज हैं. जून 2027 में वे रिटायर होने वाले हैं. सुप्रीम कोर्ट से पहले जस्टिस वराले कर्नाटक हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस थे. वराले ने अपनी शुरुआती पढ़ाई लिखाई महाराष्ट्र के नांदेड़, लातूर और नासिक से की है. आगे एलएलबी की पढ़ाई करने के लिए वे बाबा साहेब अंबेडकर विश्वविद्यालय चले गए. 2008 में वे बॉम्बे हाई कोर्ट के जज नियुक्त हुए.

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