भाजपा को छोड़ किसी को भी वोट देंगे

- नकुड़ विस में किसानों का फूटा गुस्सा: 4 किसानों ने सुनाई दर्द भरी कहानियां
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
सहारनपुर/नकुड़। सहारनपुर की नकुड़ विधानसभा में गन्ना किसानों में सरकार के खिलाफ भारी आक्रोश है। बेहट-नकुड़ बेल्ट के 4 अलग-अलग किसानों ने अपनी आपबीती सुनाई, जिसमें खाद संकट से लेकर टोडरपुर मिल के बकाए तक और जयंत चौधरी से मोहभंग तक का दर्द छलका।
यह उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों में से क्रम संख्या 2 है। लोकसभा क्षेत्र यह कैराना लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आती है। मौजूदा विधायक वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के मुकेश चौधरी यहां से विधायक हैं, जिन्होंने 22 के विधानसभा चुनाव में कड़े मुकाबले में जीत दर्ज की थी।
भूख अभी लगी है, खाना रात में मिल रहा है
पहले किसान ने खाद संकट पर कहा – गन्ने के लिए समय से खाद नहीं मिल रही। डीएपी के समय यूरिया मिलती है और यूरिया के समय डीएपी। हालत ऐसी है कि भूख हमें अभी लग रही है और खाना रात में मिल रहा है। उसने बताया कि डीएपी का कट्टा 1350 रुपये का कर दिया गया है और 5 किलो कम मिल रहा है। सरकार में रिश्व्तखोरी चरम पर है, जो काम 500 का था वो 2000 में और जो 2000 का था वो 4000 में हो रहा है। अधिकारी एसी में बैठकर मौज काट रहे हैं, फील्ड पर कभी नहीं निकलते। जयंत चौधरी जब भाजपा में गए तो खुशी थी, लेकिन अपने मंत्रालय से उन्होंने सहारनपुर में एक भी काम नहीं कराया।
चलकर खाद दिला दो, तन पर कुर्ता तक नहीं
तीसरे किसान ने अपनी गरीबी दिखाई – मजबूरी में गन्ने के साथ पॉपुलर की खेती करनी पड़ रही है। खाद नहीं मिलता। पत्रकार से बोला – चलकर खाद दिला दो हमें। उसने कहा – समस्याएं इतनी बढ़ गई हैं कि हम अपनी दाल भूल गए, चटनी-रोटी खा रहे हैं। खुशहाली खत्म हो गई है। आप देख रहे हो, मेरे शरीर पर कुर्ता तक नहीं है। इस सरकार में कोई लाभ नहीं, इसलिए सत्ता परिवर्तन चाहते हैं।
टोडरपुर मिल ने बेटी की शादी रुकवा दी
दूसरे किसान ने टोडरपुर शुगर मिल का मुद्दा उठाया – जयंत चौधरी बड़े नेता हैं, उनसे काफी उम्मीद थी, लेकिन वो अपने वादों पर खरे नहीं उतरे। यहां टोडरपुर में जो मिल पड़ती है, वहां 2 साल से गन्ना किसानों का भुगतान बकाया है। मिल भी बंद है और पैसा भी नहीं मिला। हम गरीब लोग हैं, सोचा था गन्ने का पैसा मिलने पर बेटी की शादी कर लेंगे, लेकिन पैसा न मिलने से शादी भी नहीं हो पाई। अधिकारी फसल कहीं भी बेचने नहीं देते, सोसाइटी में बेचने का दबाव बनाते हैं। तंग आकर किसानों ने गन्ना बोना ही छोड़ दिया है। अब उत्तर प्रदेश और केंद्र दोनों में सत्ता परिवर्तन होगा तभी लाभ होगा। ट्रेड डील से भी किसान नाराज हैं।
चौ. चरण सिंह नेता थे, जयंत नहीं, भाजपा को वोट नहीं देंगे
चौथे किसान ने सियासी ऐलान किया – हम बसपा, सपा, कांग्रेस में से किसी को भी वोट कर देंगे, लेकिन भाजपा को नहीं करेंगे। भाजपा में किसानों का कोई लाभ नहीं हुआ। चौधरी चरण सिंह हमारे बड़े नेता थे, जयंत चौधरी हमारा कोई नेता नहीं है। हमारा मन बीएसपी के साथ है और हम पीडीए गठबंधन के बारे में सोचते हैं। हम चाहते हैं कि बसपा और सपा का गठबंधन हो, क्योंकि यहां बहुजन वोटर बहुत है। अगर गठबंधन होता है तो बहुजन वोट बंटेगा नहीं।
भौगोलिक स्थिति
यह विधानसभा क्षेत्र सहारनपुर जिला मुख्यालय से लगभग 24 से 3० किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इसमें नकुड़ और सरसावा जैसे प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं।

चुनावी महत्व
नकुड़ सीट पर कुल मतदाताओं की संख्या करीब 3.5 लाख से अधिक है। यहां मुस्लिम और दलित वोटों के अलावा गुर्जर और सैनी समुदाय के मतदाता चुनाव में अहम भूमिका निभाते हैं।
जातीय समीकरण
मुस्लिम मतदाता- लगभग १.4० लाख अनुसूचित जाति- लगभग 75 हजार (जिसमें जाटव प्रमुख हैं) गुर्जर समुदाय: लगभग 4० हजार सैनी (कुशवाहा) समुदाय- लगभग 42 हजार, कश्यप : लगभग 25 हजार जाट, ब्राह्मण राजपूत प्रत्येक लगभग 1० हजार से 15 हजार वैश्य व अन्य जातिया- लगभग 8 हजार से 2०हजार ।
इतिहास और पौराणिक मान्यता
नकुड़ का नाम महाभारत काल के पांडव पुत्र नकुल के नाम पर रखा गया है। मुगल काल के दौरान प्रसिद्ध ग्रंथ आईन-ए-अकबरी में भी नकुड़ का उल्लेख एक परगना के रूप में मिलता है।
टीएमसी के 2० बागी सांसदों को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस
- अभिषेक की याचिका पर स्पीकर से मांगा जवाब
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के 20 बागी सांसदों की अयोग्यता से जुड़े मामले पर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। अदालत ने टीएमसी के 20 बागी सांसदों से जवाब मांगा है। यह मामला पार्टी के महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी की उस याचिका से जुड़ा है, जिसमें इन सांसदों की अयोग्यता से संबंधित याचिकाओं पर फैसला लेने में हो रही देरी को चुनौती दी गई है। अभिषेक बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट से मांग की है कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को उनके समक्ष लंबित अयोग्यता याचिकाओं पर जल्द फैसला लेने का निर्देश दिया जाए। लोकसभा अध्यक्ष और सदन के महासचिव की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए। अदालत ने सॉलिसिटर जनरल से इस मामले में लोकसभा अध्यक्ष से निर्देश प्राप्त करने को कहा है।
तृणमूल कांग्रेस में बगावत के बाद 2० सांसदों ने पार्टी से अलग होकर नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) में विलय का दावा किया था। इन सांसदों ने लोकसभा में अलग समूह के रूप में मान्यता देने की मांग भी की थी। टीएमसी का कहना है कि ये सभी सांसद पार्टी के चुनाव चिह्न पर चुनाव जीतकर लोकसभा पहुंचे थे। पार्टी का तर्क है कि किसी दूसरे राजनीतिक गठन में शामिल होने पर उनके खिलाफ संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत दल-बदल विरोधी कानून लागू होता है।
पटना में छात्रों का हल्ला बोल, मचा बवाल
- 7०वीं बीपीएससी परीक्षा रद्द कराने की मांग
- वाटर कैनन के बाद लाठीचार्ज, एक छात्र का सिर फटा
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
पटना। 70वीं बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) परीक्षा को रद्द करने की मांग को लेकर मंगलवार को पटना में छात्रों का प्रदर्शन उग्र हो गया। गांधी मैदान से राजभवन की ओर मार्च कर रहे प्रदर्शनकारियों ने रास्ते में लगी पुलिस बैरिकेडिंग तोड़ दी और प्रतिबंधित क्षेत्र की ओर बढऩे की कोशिश की।
छात्रों को रोकने के लिए पुलिस ने पहले वाटर कैनन का इस्तेमाल किया, लेकिन हालात नहीं संभले तो पुलिस ने लाठीचार्ज कर प्रदर्शनकारियों को पीछे हटाया। लाठीचार्ज में एक छात्र के सिर में चोट लगने की बात सामने आई है। वाटर कैनन के इस्तेमाल के बावजूद प्रदर्शनकारी पीछे हटने को तैयार नहीं हुए। इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया। इस दौरान एक छात्र के सिर में चोट लगने की जानकारी सामने आई है। प्रदर्शन स्थल पर पुलिस और छात्रों के बीच काफी देर तक तनाव की स्थिति बनी रही। डीएसपी कामाख्या नारायण सिंह ने कहा कि अगर प्रदर्शनकारी आगे बढऩे की कोशिश करेंगे तो पुलिस उन्हें रोक देगी।
बैरिकेडिंग तोडक़र आगे बढ़े छात्र
गांधी मैदान से मार्च शुरू करने के बाद प्रदर्शनकारी छात्र राजभवन की ओर बढ़ रहे थे। रास्ते में पुलिस ने बैरिकेडिंग कर छात्रों को प्रतिबंधित क्षेत्र में जाने से रोकने की कोशिश की। हालांकि, प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग तोड़ दी और आगे बढऩे लगे। मौके पर पुलिस की भारी तैनाती की गई थी। पुलिस अधिकारियों ने साफ कहा कि प्रदर्शनकारियों को प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा।
मौरंग लदे डंपर ने कार में मारी टक्कर, चार लोगों की मौत, बच्ची की हालत गंभीर
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
बाराबंकी। लखनऊ-बहराइच हाईवे पर मंगलवार सुबह तेज रफ्तार डंपर ने ऑल्टो कार में जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में कार सवार चार लोगों की मौत हो गई, जबकि आठ वर्षीय बालिका गंभीर रूप से घायल हो गई। हादसे के बाद हाईवे पर चीख-पुकार मच गई और वाहनों की लंबी कतार लग गई।
क्षतिग्रस्त कार में फंसे लोगों को निकालने में पुलिस और स्थानीय लोगों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। मसौली के बिरौली में सुबह करीब 11 बजे हादसा उस समय हुआ, जब ऑल्टो सवार लोग सडक़ किनारे रुककर किसी से पता पूछ रहे थे।
बंगाल में टीएमसी का भाजपा पर प्रहार
- विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश : ममता बनर्जी
- पूर्व सीएम ने सुवेंदु अधिकारी पर लगाया धमकी देने का आरोप
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
कोलकाता। पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को मौजूदा मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की आलोचना की। ममता बनर्जी का आरोप है कि सीएम अधिकारी ने दिन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कथित तौर पर उन्हें धमकी दी थी। ममता बनर्जी ने पूछा कि भारतीय राजनीति में एक नया निचला स्तर! सुवेंदु अधिकारी ने सरकारी दफ्तर में बैठकर खुलेआम मुझे धमकी दी है और सार्वजनिक रूप से कहा है कि वह यह पक्का करेंगे कि मैं अपने घर से बाहर भी न निकल पाऊं।
मैं भारत के राष्ट्रपति, भारत के मुख्य न्यायाधीश और भारत के लोगों से पूछती हूं कि क्या हमारे संविधान में ऐसे भारत की कल्पना की गई थी? पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि संविधान को बनाए रखने की शपथ लेने वाले एक मौजूदा मुख्यमंत्री ने मुख्य विपक्षी पार्टी तृणमूल कांग्रेस की चेयरपर्सन की आजादी को सीमित करने की खुली धमकी दी। उन्होंने कहा कि शब्द बिल्कुल साफ थे, मैं पक्का करूंगा कि आप घर से बाहर न निकल पाएं। बनर्जी ने आगे सवाल किया कि अधिकारी के ऐसे बयान का क्या मतलब था। उन्होंने कहा कि आखिर इसका क्या मतलब है। नजरबंदी, डराना-धमकाना? राजनीतिक उत्पीडऩ? एक संवैधानिक लोकतंत्र में किसे आजादी से घूमने-फिरने का हक है, यह तय करने का अधिकार आपको किसने दिया? शायद वह मुझे उन लोगों जैसा समझ रहे हैं जो तानाशाही के आगे झुक जाते हैं। मुझे कहना होगा कि यह उनकी बहुत बड़ी गलतफहमी है। उन्होंने कहा कि यह विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश के अलावा और कुछ नहीं है।



