अभिषेक पर कार्रवाई से बंगाल में बवाल

सब कुछ नियम के अनुसार हो रहा: सरकार

  • टीएमसी और भाजपा आमने-सामने
  • भाजपा सरकार कर रही राजनीतिक बदले की कार्रवाई : बनर्जी

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्य विपक्षी तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी पर मुश्किलें कम नहीं हो रहीं हैं । होर्र्डिंग मामले के बाद अब अग्निशमन विभाग ने भी नोटिस भेजा है। उसके बाद वहां की सियासत गरमा गई है। टीएमसी ने भाजपा पर हमला करते हुए इसे सियासी बदला बतलाया है। बता दें पिछले सप्ताह उनके कार्यालय से अनधिकृत होर्डिंग हटाए जाने के दौरान अधिकारियों के साथ कथित झड़प के मामले में मंगलवार को पुलिस द्वारा छह घंटे तक की गई पूछताछ के बाद आरोप लगाया कि राज्य की भाजपा सरकार उनकी पार्टी के खिलाफ ‘राजनीतिक बदले की भावना’से कार्रवाई कर रही है।
बनर्जी ने पूछताछ के बाद शेक्सपियर सरणी पुलिस थाना के बाहर संवाददाताओं से बातचीत में आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ राजनीतिक मंशा से की गई कार्रवाई के तहत उनके कैमक स्ट्रीट कार्यालय से होर्डिंग हटाने के लिए लगभग कई लोगों को भेजा गया था। तृणमूल कांग्रेस महासचिव ने चुनौती देते हुए कहा, अगर उन्हें लगता है कि वे झूठे मामलों के जरिए तृणमूल कांग्रेस को रोक सकते हैं, तो वे गलतफहमी में हैं। वे अपनी पूरी ताकत का इस्तेमाल कर लें। बनर्जी ने आरोप लगाया कि 27 अगस्त की घटना के सिलसिले में गिरफ्तार किए गए लोगों को कई तरह की ‘यातनाएं’ दी जा रही हैं। हालांकि उन्होंने इस बारे में विस्तार से कुछ नहीं बताया। कोलकाता नगर निगम (केएमसी) के अधिकारी और पुलिस सडक़ की ओर बने लोहे के ढांचे पर लगी होर्डिंग को हटाने के लिए बनर्जी के कार्यालय परिसर में गई थी और इस दौरान झड़प हुई थी।

डेरेक ओ ब्रायन भी भड़के

तृणमूल लगातार आरोप लगा रही है कि पुलिस द्वारा उसके नेताओं के खिलाफ चुनिंदा तरीके से कार्रवाई की जा रही है। कथित झड़प के समय मौके पर मौजूद रहे और एक प्राथमिकी में नामजद तृणमूल के राज्यसभा सदस्य डेरेक ओ’ब्रायन ने निजी सुरक्षा कर्मियों द्वारा पुलिस को रोकने की कोशिश किए जाने संबंधी खबरों को ‘‘फर्जी’’ बताया था। उन्होंने कहा था कि सुरक्षाकर्मी इमारत के प्रवेश द्वार पर ड्यूटी पर तैनात थे। ओ’ब्रायन ने आरोप लगाया था कि पुलिस एक अवैध नोटिस के साथ जबरन कार्यालय में घुस आई, वरिष्ठ नेताओं के साथ मारपीट की और पार्टी समर्थकों तथा कार्यालय के कर्मचारियों के साथ दुव्र्यवहार किया।

ऑफिस सील करने की तैयारी, अग्निशमन विभाग की नोटिस

टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं। अब पश्चिम बंगाल अग्निशमन और आपात सेवा विभाग ने टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी को नोटिस भेज दिया है। अग्निशमन विभाग ने टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी के कैमक स्ट्रीट स्थित ऑफिस की सुरक्षा से जुड़ी कई कमियों का हवाला देते हुए नोटिस भेजा है। एक अधिकारी ने बताया कि मंगलवार को जारी नोटिस में कहा गया है कि इस जगह का फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट 1० अगस्त को खत्म हो गया था और इसे रिन्यू नहीं कराया गया है। अधिकारी ने बताया, सुरक्षा में कुछ कमियां पाई गई थीं और हमने 48 घंटे के भीतर लिखित जवाब मांगा है। विभाग ने बिल्डिंग के मालिक और किराएदार से यह भी स्पष्टीकरण मांगा है कि जरूरी फायर सेफ्टी नियमों का पालन नहीं करने के लिए इस जगह को सील क्यों न किया जाए? कोलकाता पुलिस और फायर डिपार्टमेंट की एक संयुक्त टीम ने सोमवार को 9 कैमक स्ट्रीट स्थित बिल्डिंग का हर फ्लोर पर जाकर निरीक्षण किया। इसमें सातवें और आठवें फ्लोर पर बनर्जी का ऑफिस वाला हिस्सा भी शामिल था। यह निरीक्षण फायर सेफ्टी ऑडिट का हिस्सा था। नोटिस के अनुसार, निरीक्षण में बिल्डिंग में फायर सेफ्टी इंतजामों में कई कमियां पाई गईं। जिन मुद्दों की ओर इशारा किया गया, उनमें सातवें फ्लोर पर आग बुझाने के लिए पानी की अपर्याप्त उपलब्धता और इमरजेंसी में बाहर निकलने के लिए कोई तय फायर एग्जिट न होना शामिल है।

कानून सभी के लिए समान : पॉल

राज्य सरकार की वरिष्ठ मंत्री और भाजपा नेता अग्निमित्रा पॉल ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा, कानून सभी के लिए समान है। अगर आप पुलिस को परेशान करते हैं और उन पर हमला करते हैं, तो आपको कानून का सामना करना ही होगा। इसमें कोई राजनीतिक बदले की भावना नहीं है।’’ तृणमूल कांग्रेस ने मामले में पुलिस के रवैये पर सवाल उठाया है। अभिषेक बनर्जी और डेरेक के वकील अर्का नाग ने सोमवार को आरोप लगाया कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 35 के तहत नोटिस तो जारी कर दिए गए हैं लेकिन प्राथमिकी ऑनलाइन उपलब्ध नहीं है। वकील ने दावा किया कि शेक्सपियर सरणी पुलिस को एक जवाबी नोटिस भेजा गया है जिसमें दलील दी गई कि प्राथमिकी की प्रति ऑनलाइन अपलोड न करना ‘यूथ बार एसोसिएशन’ मामले में उच्चतम न्यायालय के निर्देशों का उल्लंघन है। उन्होंने दावा किया कि इस मामले को लेकर पुलिस को अदालत की अवमानना की कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। पुलिस ने घटना के समय कैमक स्ट्रीट स्थित कार्यालय में मौजूद डेरेक को नोटिस भेज कर सोमवार को जांच अधिकारी के समक्ष पेश होने को कहा था लेकिन वह पेश नहीं हुए। बाद में पुलिस ने उनके घर पर एक और नोटिस भेजा, जिसमें उन्हें बुधवार को पेश होने के लिए कहा गया है।

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