RDSO रिश्वत मामले में CBI की कार्रवाई तेज, डिप्टी डायरेक्टर समेत 4 गिरफ्तार

CBI ने लखनऊ RDSO के दो वरिष्ठ अधिकारियों और निजी कंपनी के दो प्रतिनिधियों को रिश्वतखोरी के आरोप में गिरफ्तार किया है. इन पर अनुकूल निरीक्षण रिपोर्ट के बदले ₹4 लाख की रिश्वत लेने का आरोप है.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: CBI ने लखनऊ RDSO के दो वरिष्ठ अधिकारियों और निजी कंपनी के दो प्रतिनिधियों को रिश्वतखोरी के आरोप में गिरफ्तार किया है. इन पर अनुकूल निरीक्षण रिपोर्ट के बदले ₹4 लाख की रिश्वत लेने का आरोप है.

लखनऊ में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने रिश्वतखोरी के मामले में RDSO के दो वरिष्ठ अधिकारियों समेत 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया हैं. गिरफ्तार आरोपियों में RDSO के डिप्टी डायरेक्टर आशुतोष कुमार और सीनियर सेक्शन इंजीनियर दीपक कुमार शामिल हैं. इसके अलावा कोलकाता स्थित निजी कंपनी उत्कर्ष इंडिया लिमिटेड के दो प्रतिनिधि- शशांक अग्रवाल और स्वरूप कुमार राय भी गिरफ्तार किए गए हैं. जानकारी के मुताबिक दोनों अधिकारियों पर निजी कंपनी के प्रतिनिधियों के साथ साजिश कर रिश्वत लेने का आरोप है. बताया जा रहा है कि अधिकारियों ने फैक्ट्री के प्लांट और मशीनरी की अनुकूल निरीक्षण रिपोर्ट जारी करने के बदले अनुचित लाभ लिया.

हावड़ा के एक होटल से हुई गिरफ्तारी
CBI ने चारों को हावड़ा के एक होटल में चार लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा है. कोलकाता की एक निजी कंपनी के प्रतिनिधियों से रिश्वत लेने के मामले में इनकी गिरफ्तारी हुई है. CBI ने हावड़ा के एक होटल में ट्रैप लगाकर चारों आरोपियों को पकड़ा. होटल के कमरे में निजी कंपनी का कर्मचारी रिश्वत की रकम लेकर पहुंचा था.रिश्वतकांड की जानकारी CBI को पहले से ही थी. जैसे ही अधिकारियों ने रिश्वत की रकम ली CBI की टीम ने उन्हें पकड़ लिया. मौके से नकदी भी बरामद की गयी है.

क्या है आरोप
CBI के एक प्रवक्ता ने बताया कि एजेंसी ने मंगलवार को यह मामला इस आरोप के बाद दर्ज किया कि दोनों लोकसेवकों ने दो अन्य आरोपियों के साथ मिलीभगत की और कंपनी के फैक्टरी प्लांट एवं मशीनरी की अनुकूल निरीक्षण रिपोर्ट जारी करने के बदले में अनुचित लाभ हासिल किया. प्रवक्ता ने बताया कि CBI ने जाल बिछाकर निजी कंपनी के प्रतिनिधियों से हावड़ा के एक होटल में चार लाख रुपये रिश्वत लेते समय सरकारी अधिकारियों और दो अन्य लोगों को पकड़ लिया.

कोलकाता, लखनऊ और बिहार में रेड
प्रवक्ता ने बताया कि चार लाख रुपये की रिश्वत की रकम के अलावा 4.73 लाख रुपये की एक अन्य नकदी भी बरामद की गई है. CBI के मुताबिक कोलकाता, लखनऊ और बिहार में कई ठिकानों पर आरोपियों के आवासीय और कार्यालयी परिसरों में छापे मारे जा रहे हैं. इस दौरान अपराध में इस्तेमाल हुए दस्तावेज और डिजिटल सबूत बरामद किए गए हैं. CBI ने 15 सितंबर 2026 को केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू की थी. आरोपियों को सक्षम अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा. फिलहाल मामले की जांच जारी है.

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