बिहार में एक साथ तीन बड़े अधिकारी छुट्टी पर, सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे छात्र
राज्य में 3 अहम पदों पर बैठे अधिकारियों के छुट्टी पर जाने के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं. यह ऐसे वक्त हुआ, जब बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली को लेकर छात्र सड़क पर उतरे हुए हैे.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: राज्य में 3 अहम पदों पर बैठे अधिकारियों के छुट्टी पर जाने के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं. यह ऐसे वक्त हुआ, जब बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली को लेकर छात्र सड़क पर उतरे हुए हैे.
बिहार की राजधानी पटना में बड़ी संख्या में छात्र भर्ती परीक्षाओं में धांधली को देखते हुए उसे रद्द करने की मांग कर रहे हैं, और सड़कों पर लगातार प्रदर्शन भी कर रहे हैं. हजारों की संख्या में युवाओं ने कल मंगलवार को भी बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की 70वीं परीक्षा और बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (बीपीएसएससी) की सब इंस्पेक्टर की भर्ती परीक्षा को रद्द करने की मांग को लेकर विरोध मार्च निकाला. ऐसे समय में जब बड़ी संख्या में छात्र सड़क पर हैं, तब राज्य में 3 बड़े संवैधानिक और प्रशासनिक पदों पर बैठे अधिकारी छुट्टी पर चल रहे हैं.
यह अपने आप में बेहद अनोखा है कि बिहार के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) विनय कुमार ही नहीं बल्कि बिहार लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष और बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग के अध्यक्ष भी छुट्टी पर चले गए हैं. इन वरिष्ठ अधिकारियों के छुट्टी पर जाने की वजह से अन्य अधिकारियों को इनके हिस्से की जिम्मेदारी सौंप दी गई है. हालांकि पटना में सड़कों पर उतरे छात्रों के प्रदर्शन के बीच 3 अहम पदों पर बैठे अधिकारियों के एक साथ छुट्टी पर जाने के बाद कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं.
डीजीपी खुद 21 दिन की छुट्टी पर निकले
बिहार के डीजीपी 21 दिन की लंबी छुट्टी पर चले गए हैं. उनकी जगह 1991 बैच की आईपीएस अधिकारी प्रीता वर्मा को बिहार का प्रभारी डीजीपी बनाया गया है. विनय कुमार 21 दिन की लंबी छुट्टी पर हैं. इसी तरह बिहार लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष परमार रवि मनुभाई भी छुट्टी पर चले गए हैं. उनकी जगह बिहार सरकार की वरिष्ठ आईएएस अधिकारी हरजोत कौर को बिहार लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष का अतिरिक्त/प्रभारी प्रभार दिया गया है.
BPSSC के चेयरमैन भी छुट्टी पर, उठे सवाल
साथ ही बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (BPSSC) के अध्यक्ष के. एस. द्विवेदी भी छुट्टी पर चले गए हैं. उनकी जगह वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी और केंद्रीय चयन परिषद के अध्यक्ष जितेंद्र कुमार को बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग के अध्यक्ष का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है.
राज्य में 3 अहम पदों पर बैठे अधिकारियों के एक साथ छुट्टी पर जाने के बाद कई तरह के सवाल खड़े किए जा रहे हैं. यह घटनाक्रम ऐसे वक्त हुआ, जब बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली को लेकर अभ्यर्थियों की ओर से लगातार प्रदर्शन किया जा रहा है. छात्र परीक्षा को रद्द करने और फिर से आयोजित करने की मांग कर रहे हैं.
CM हाउस तक छात्रों का घेराव के लिए प्रदर्शन
इससे पहले हजारों की संख्या में अभ्यर्थियों ने कल मंगलवार को बिहार लोक सेवा आयोग की 70वीं परीक्षा और बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग की सब इंस्पेक्टर की 1,799 पदों पर भर्ती परीक्षा को रद्द करने की मांग को लेकर पटना में विरोध मार्च निकाला था. इस मामले में सरकार पहले ही जांच के आदेश दे चुकी है और जांच आर्थिक अपराध इकाई कर रही है, इसी तरह, 70वीं BPSC परीक्षा को रद्द करने की मांग को लेकर भी अभ्यर्थियों का प्रदर्शन जारी है.
प्रदर्शनकारी गांधी मैदान से मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को जेपी गोलंबर पर ही रोक दिया. बारिश के बीच तिरंगा थामे कुछ प्रदर्शनकारियों ने गोलंबर पर लगाए गए बैरिकेड्स तोड़ दिए और पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था को दरकिनार करते हुए दूसरे रास्तों से आगे बढ़ने की कोशिश की. लेकिन उन्हें हिरासत में ले लिया गया.
कुछ प्रदर्शनकारियों ने तो रेलवे ट्रैक को भी जाम करने का कोशिश की अभ्यर्थियों की ओर से दोनों परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं. ऐसे में एक ही समय पर प्रदेश के DGP, BPSC के अध्यक्ष और BPSSC के अध्यक्ष के छुट्टी पर जाने से बिहार के प्रशासनिक और परीक्षा तंत्र को लेकर चर्चा तेज हो गई है.



