नितीश-आशुतोष 3 पिस्टल, 12 कारतूस और दो फॉर्च्यूनर के साथ गिरफ्तार

- पुलिस उसके नशे के नेटवर्क के साथ बिटक्वाइन और दूसरे धंधों की कर रही है तलाश
- तीन पिस्टल ने खोले जांच के कई रास्ते
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। पुलिस ने कृष्णा पल्ली/गीता पल्ली निवासी आशुतोष मिश्रा पुत्र संजय मिश्रा और विक्की उर्फ नितीश श्रीवास्तव पुत्र श्याम बिहारी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दोनों के कब्जे से तीन अवैध 32 बोर पिस्टल, 12 कारतूस, तीन मोबाइल फोन, दो फॉर्च्यूनर वाहन और 53,580 रुपये नकद बरामद किए गए हैं। पुलिस ने मु.अ.सं. 135/2026 के तहत धारा 3/25 आर्म्स एक्ट में मुकदमा दर्ज किया है। हथियारों की बरामदगी के बाद अब पुलिस का फोकस सिर्फ गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है। जांच इस सवाल पर केंद्रित है कि आखिर ये हथियार कहां से आए, इन्हें किसने उपलब्ध कराया और इनके पीछे कोई संगठित आपूर्ति तंत्र तो सक्रिय नहीं था।
पुलिस के अनुसार बरामदगी के बाद आरोपियों से जुड़े दूसरे पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है। खासतौर पर विक्की उर्फ नितीश से जुड़े नशीली दवाओं के कारोबार, फर्जी कॉल सेंटर और संदिग्ध वित्तीय लेन-देन की जांच की जा रही है। जांच का दायरा अब डिजिटल सबूतों तक पहुंच गया है। बरामद तीन मोबाइल फोन पुलिस के लिए अहम कड़ी माने जा रहे हैं। इनमें मौजूद कॉल डिटेल, संपर्क, डिजिटल बातचीत और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस संभावित सहयोगियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
नेपाल कनेक्शन और क्रिप्टो एंगल भी जांच के घेरे में
पुलिस की प्रारंभिक जांच में कथित गतिविधियों के नेपाल कनेक्शन की आशंका की भी पड़ताल की जा रही है। इसके साथ ही स्ष्ठञ्ज अथवा अन्य क्रिप्टोकरेंसी के संभावित इस्तेमाल से जुड़े वित्तीय लेन-देन की भी जांच की जा रही है। अगर डिजिटल और वित्तीय जांच में कोई ठोस कड़ी सामने आती है तो मामला केवल अवैध हथियार रखने तक सीमित नहीं रह सकता। दो फॉर्च्यूनर वाहनों की बरामदगी और 53,580 रुपये नकद भी जांच का हिस्सा हैं। पुलिस इन संपत्तियों और रकम के स्रोत तथा इनके इस्तेमाल की परिस्थितियों की जांच कर रही है।
मोबाइल और पैसों के पीछे छिपे नेटवर्क की तलाश
पुलिस अब बरामदगी से आगे बढक़र पूरे संभावित नेटवर्क की कडिय़ां जोडऩे में जुटी है। कौन किसके संपर्क में था, हथियारों की आपूर्ति कहां से हुई कथित नशे के कारोबार से किन लोगों का संबंध है और वित्तीय लेन देन किन माध्यमों से हुआ इन सवालों के जवाब डिजिटल और वित्तीय साक्ष्यों से तलाशे जा रहे हैं। फिलहाल पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट में कार्रवाई की है। नशे के कारोबार फर्जी कॉल सेंटर नेपाल कनेक्शन अथवा क्रिप्टो लेन-देन से जुड़े आरोप जांच के स्तर पर हैं। पुलिस का कहना है कि जांच में जो तथ्य सामने आएंगे उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

जमुई छेडख़ानी कांड के 2 आरोपियों का एनकाउंटर
- गोली लगने से नंदन यादव घायल, हरेराम का टूटा पैर
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
जमुई। बिहार के जमुई जिले में नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ मामले में पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है। मामले में फरार चल रहे 2 आरोपियों के एनकाउंटर की सूचना है। पुलिस के साथ हुई इस मुठभेड़ में एक आरोपी के पैर में गोली लगने और दूसरे आरोपी का पैर टूटने की जानकारी सामने आ रही है। मुठभेड़ के बाद दोनों आरोपियों को जमुई सदर अस्पताल ले जाया गया है। आरोपियों को अस्पताल ले जाए जाने का वीडियो भी सामने आया है। बता दें कि बीते दिनों हुई छेडख़ानी की घटना का वीडियो वायरल हुआ था।
इसके बाद पुलिस प्रशासन ने अपराधियों के खिलाफ बड़ा और आक्रामक अभियान छेड़ा है। आरोपितों की धरपकड़ के लिए जिले के विभिन्न संभावित ठिकानों पर चलाए गए सघन छापामारी की गई। इसी दौरान पुलिस और अपराधियों के बीच कथित तौर पर मुठभेड़ होने की सूचना सामने आई है। सूत्रों से मिली प्राथमिक जानकारी के अनुसार, इस कार्रवाई के दौरान एक आरोपित के पैर में गोली लगी है, जबकि दूसरे का पैर टूट गया है। बताया जाता है कि पुलिस टीम जब दबिश दे रही थी, तभी अपराधियों से आमना-सामना हो गया। इस दौरान हुई कार्रवाई में मुख्य रूप से नंदन यादव नामक आरोपित के पैर में गोली लगने की बात कही जा रही है। वहीं, उसके साथी हरेराम यादव का पैर टूटने की जानकारी मिली है। हालांकि, मुठभेड़ की इस पूरी घटना को लेकर पुलिस के वरीय अधिकारियों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। घटना के तुरंत बाद पुलिस अभिरक्षा में घायल नंदन यादव और हरेराम यादव को उपचार के लिए जमुई सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों की देखरेख में उनका इलाज चल रहा है।
यूपी मेें 1० रास सीटों पर चुनाव का ऐलान
- 16 अक्टूबर को वोटिंग, 25 नवंबर को पूरा हो रहा है कार्यकाल
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश की 1० राज्यसभा सीटें और उत्तराखंड की एक राज्यसभा सीट मिलाकर कुल 11 सीटों पर 16 अक्टूबर को चुनाव होगा। जानकारी के लिए बता दें कि यूपी के 1० राज्यसभा सांसदों का कार्यकाल 25 नवंबर को पूरा हो रहा है। मौजूदा समय में इन 1० में से 8 सीटों पर बीजेपी, एक पर समाजवादी पार्टी और एक पर बहुजन समाज पार्टी का कब्जा है। बीजेपी सदस्यों में पूर्व डीजीपी बृजलाल, सीमा द्विवेदी, नीरज शेखर, गीता शाक्य, हरदीप सिंह पुरी, अरुण सिंह और बीएल वर्मा शामिल हैं।
वहीं, डॉ. दिनेश शर्मा का कार्यकाल भी 25 नवंबर तक था लेकिन अंडमान और निकोबार का उपराज्यपाल बनाए जाने के बाद उन्होंने इस पद से इस्तीफा दे दिया। इसलिए उस एक सीट पर भी चुनाव होना है। इसके अलावा, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव रामगोपाल यादव और बसपा के रामजी गौतम का कार्यकाल भी इसी समय पूरा हो रहा है। मालूम हो, उत्तर प्रदेश विधानसभा में कुल 4०3 सीटें हैं. बीते एक साल के अंदर विधानसभा के 6 सदस्यों की मृत्यु हो गई है. इसलिए 397 सदस्य मिलकर राज्यसभा की 1० सीटों के लिए मतदान करेंगे. फॉर्मूला के अनुसार, यूपी में राज्यसभा की एक सीट के लिए कम से कम 37 वोट होने चाहिए, लेकिन बसपा के विधानसभा सदस्य उमाशंकर के निधन के बाद विधानमंडल में बसपा का कोई सदस्य नहीं है. ऐसे में राज्यसभा में इकलौते सदस्य का कार्यकाल पूरा होने के बाद बहुजन समाज पार्टी वहां भी शून्य हो जाएगी।
समाजवादी पार्टी को मिल सकती हैं दो सीटें
उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के 1०1 विधायक हैं। ऐसे में अखिलेश यादव की पार्टी को दो सीटें आसानी से मिल सकती हैं, बशर्ते क्रॉस वोटिंग न हों। अगर राज्यसभा चुनाव से पहले अखिलेश के विधायक टूटते हैं तो पार्टी अपनी एक राज्यसभा सीट खो सकती है।
वंदे मातरम पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब
- वंदे मातरम पूरा अनिवार्य किए जाने के खिलाफ याचिका
- सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और सीनियर एडवोकेट मुरलीधर के बीच तीखी बहस
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने ‘वंदे मातरम’ के छह अंतरे का गायन अनिवार्य करने वाले कानून को चुनौती देने वाली याचिका पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। गायक टी. एम. कृष्णा ने याचिका दाखिल की है। सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार की तरफ से पेश सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि कानून बनाना नक्सलियों के हिसाब से नहीं होना चाहिए। सीनियर एडवोकेट डॉ. एस. मुरलीधर ने एसजी की इस टिप्पणी पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि उन्हें यह बात वापस लेनी चाहिए।
यह लाइव चल रहा है। यह गैर-जरूरी था. कुछ मर्यादा बनाए रखनी चाहिए. उन्होंने आगे कहा कि हम कानून के अधिकारियों से ऐसी उम्मीद नहीं करते। इस दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और सीनियर एडवोकेट मुरलीधर के बीच तीखी बहस हुई। सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस जे बागची ने कहा कि हमने इस पर ध्यान नहीं दिया है. इसके बाद सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि मैंने जो कहा है उसे मैं दोहरा सकता हूं। कानून के हिसाब से ही चलना होता है. मैंने जो कहा, उसके लिए मुझे कोई अफ़सोस नहीं है। इस पर वरिष्ठ वकील मुरलीधर ने कहा कि वो फिर से वही बात दोहरा रहे हैं. अब मुझे कड़ा विरोध दर्ज कराना होगा. इसके बाद सीनियर वकील संजय हेगड़े ने कहा कि सोचने का मतलब नक्सली होना नहीं है।
जज की कार्यप्रणाली पर प्रशांत भूषण ने उठाए सवाल
नई दिल्ली। लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में आरोपी आशीष मिश्रा से जुड़े मुकदमे की सुनवाई के दौरान अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने संबंधित न्यायाधीश की कार्यप्रणाली को लेकर सुप्रीम कोर्ट के सामने गंभीर सवाल उठाए। आशीष मिश्रा पूर्व केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा के बेटे हैं और अक्टूबर 21 की लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में आरोपी हैं इस मामले में प्रदर्शन कर रहे किसानों को कथित तौर पर वाहनों से कुचले जाने के बाद पांच लोगों की मौत हुई थी। शिकायतकर्ता की ओर से पेश अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने कोर्ट को बताया कि मामले की सुनवाई कर रहे जज से जुड़े कुछ परेशान करने वाले घटनाक्रम सामने आए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित जज ने एनडीपीएस और एससी-एसटी एक्ट से जुड़े मामलों को अपने पास लेकर उनमें जमानत दी और ऐसे कुछ मामलों में आरोपियों को बरी भी किया, जब सुनवाई अंतिम चरण में थी।भूषण ने कहा कि लखीमपुर खीरी मामले में भी जज ने पहले एक प्रत्यक्षदर्शी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया. उनका कहना था कि इस मामले में ही नहीं, बल्कि कई अन्य मामलों में भी जज की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठे हैं।
छात्र खुदकुशी मामला: आईआईटी बॉम्बे के हॉस्टलों से हटाए जाएंगे सीलिंग फैन
- जांच के बीच लिया गया फैसला
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
मुंबई। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) बॉम्बे के बीटेक द्वितीय वर्ष के छात्र साहिल वाकोडे की खुदकुशी के बाद प्रशासन ने हॉस्टलों से सीलिंग फैन (छत के पंखे) हटाकर उनकी जगह वॉल-माउंटेड (दीवार पर लगने वाले) पंखे लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। दूसरी तरफ, इस मामले में फैकल्टी फोरम के अध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. राजकुमार पंत ने संस्थान के शिक्षकों का बचाव करते हुए सोशल मीडिया ट्रायल पर गहरी चिंता जताई है।
महाराष्ट्र के यवतमाल जिले के रहने वाले और ऊर्जा विज्ञान एवं इंजीनियरिंग विभाग के छात्र साहिल वाकोडे शुक्रवार शाम पवई स्थित कैंपस के हॉस्टल के कमरे में फंदे से लटके मिले थे। आरोप है कि मिड-सेमेस्टर परीक्षा के दौरान उन्हें कथित तौर पर मोबाइल फोन के जरिए चैटजीपीटी का इस्तेमाल करते हुए पकड़ा गया था, जिसके कुछ ही घंटों बाद उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठा लिया। छात्रों की खुदकुशी की घटनाओं को रोकने के लिए आईआईटी बॉम्बे ने हॉस्टलों और अन्य उपयोगिता वाले क्षेत्रों से सीलिंग फैन हटाकर वॉल-माउंटेड पंखे लगाने का फैसला किया है। कैंपस में पंखों की नई खेप पहुंचने की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल भी हुई हैं। संस्थान में इससे पहले जुलाई में भी एक छात्र की खुदकुशी के बाद इस पर चर्चा हुई थी।



