सोने से पहले इन चीजों को डाइट में करें शामिल? हार्ट हेल्थ पर नए शोध का दावा
रात में सोते समय हार्ट अटैक का ख्याल ही डराने वाला है. ऐसे में डाइट और नींद के बीच सामने आया कनेक्शन ध्यान खींच रहा है. रिसर्च के मुताबिक डाइट ठीक रखने से हार्ट रेट कम रहती है, जिससे खतरा कम होता है.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: रात में सोते समय हार्ट अटैक का ख्याल ही डराने वाला है. ऐसे में डाइट और नींद के बीच सामने आया कनेक्शन ध्यान खींच रहा है. रिसर्च के मुताबिक डाइट ठीक रखने से हार्ट रेट कम रहती है, जिससे खतरा कम होता है.
आज के समय में लोगों का रुटीन, खान-पान सब इतना खराब हो चुका है कि उनके शरीर में बिमारियों ने घर कर लिया है. इन्हीं बिमारियों में से अक्सर रात में सोते वक्त हार्ट अटैक आने की घटना भी अब सभी के बीच लगभग आम हो चुकी है. हालांकि, ये किसी भी व्यक्ति के लिए बेहद गंभीर स्थिति हो सकती है.
ऐसे में ये सवाल उठता है कि आखिर इसे बचने के लिए क्या करना चाहिए. अब एक नए रिसर्च में सोते समय अचानक हार्ट अटैक और रात के खाने में कनेक्शन सामने आया है. एक नई रिसर्च में डाइट और नींद के बीच एक दिलचस्प संबंध सामने आया है. इसमें बताया गया है कि रात का खाना और हमारी पूरी डाइट दिल को स्वस्थ रखने में अहम भूमिका निभाती है.
डाइट से नींद में शरीर को आराम
रिसर्च में पाया गया कि दिनभर ज्यादा फाइबर और प्लांट से मिलने वाली चीजें खाने वाले लोगों में गहरी नींद थोड़ी ज्यादा पाई गई. साथ ही, रात के समय उनका औसत हार्ट रेट भी कम था. यह इस बात की ओर इशारा करता है कि फाइबर और प्लांट-फॉरवर्ड डाइट शरीर को रात में बेहतर आराम और रिकवरी में मदद कर सकती है.
खाने से हार्ट रेट पर पड़ता है फर्क
वहीं, बेहतर नींद के लिए बीन्स, दाल, फल, सब्जियां और नट्स जैसे कम प्रोसेस्ड प्लांट फूड को रिसर्च में बेहतर ऑप्शन बताया गया है. हालांकि, केवल रात के खाने की वजह से हार्ट अटैक का खतरा नहीं रुक जाता. लेकिन, रिसर्च का बेस ये ही कि डाइट का पैटर्न नींद और रात के समय हार्ट रेट से जुड़ा हो सकता है. अच्छी नींद और दिल की सेहत के लिए सिर्फ डिनर ही नहीं, बल्कि पूरे दिन का खान-पान, एक्सरसाइज, ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर और दूसरी लाइफ स्टाइल की आदतें भी काफी अहम हैं.
रात की डाइट में इन चीजों को दें जगह
रिसर्च के मुताबिक, ज्यादा फाइबर और प्लांट-फॉरवर्ड डाइट बेहतर नींद से जुड़ी मिली. ऐसे में रोज की डाइट में इन खाद्य पदार्थों को शामिल किया जा सकता है:
दाल और बीन्स: फाइबर के अच्छे स्रोत हैं और पेट को लंबे समय तक भरा रखने में मदद कर सकते हैं.
हरी और दूसरी सब्जियां: अलग-अलग रंगों की सब्जियां डाइट में कई तरह के प्राकृतिक पौधों के यौगिक उपलब्ध कराती हैं.
फल: फल फाइबर और कई दूसरे पोषक तत्वों के स्रोत हैं.
नट्स: बादाम, अखरोट जैसे नट्स को संतुलित मात्रा में डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है.
कम प्रोसेस्ड प्लांट फूड: ऐसी चीजों को प्राथमिकता देना बेहतर है जो बहुत ज्यादा प्रोसेस्ड न हों.
ज्यादा फाइबर वालों में कैसी नींद मिली?
रिसर्च में ज्यादा फाइबर लेने वाले लोगों में गहरी नींद करीब 0.59 प्रतिशत पॉइंट ज्यादा मिली. REM स्लीप भी करीब 0.76 प्रतिशत पॉइंट ज्यादा थी. वहीं हल्की नींद करीब 1.35 प्रतिशत पॉइंट कम पाई गई. REM स्लीप नींद का वह चरण है, जिसमें दिमाग काफी एक्टिव रहता है और आमतौर पर सपने आते हैं.
रात में उनका औसत हार्ट रेट भी करीब 1.14 बीट प्रति मिनट कम था. वैज्ञानिकों ने इसे रात में शरीर के आराम और रिकवरी से जुड़े संकेत के तौर पर देखा. इसके अलावा, जिन लोगों की डाइट में अलग-अलग तरह के प्लांट फूड ज्यादा थे, उनमें भी रात का हार्ट रेट कम रहने का संबंध पाया गया.
सोने से पहले ज्यादा खाना सही या गलत?
रिसर्च में एक हैरान करने वाली बात भी सामने आई है. इसमें बताया गया है कि सोने से पहले के छह घंटों में ज्यादा कैलोरी लेने वाले लोगों की कुल नींद करीब 7.7 मिनट ज्यादा थी. लेकिन, इसी के साथ रात का औसत हार्ट रेट करीब 0.73 bpm बढ़ा हुआ पाया गया.
यानी ज्यादा खाना खाने से नींद का समय थोड़ा बढ़ सकता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि नींद की क्वालिटी भी बेहतर हो गई. नींद के एक्सपर्ट्स आमतौर पर सोने के बिल्कुल करीब भारी खाना खाने से बचने की सलाह देते हैं. इसकी वजह यह है कि ज्यादा खाना कुछ लोगों में एसिड रिफ्लक्स, सीने में जलन और नींद में परेशानी पैदा कर सकता है.
फाइटोकेमिकल्स वाली डाइट का भी असर
रिसर्च में पौधों से मिलने वाले फाइटोकेमिकल्स और नींद के बीच भी संबंध पाया गया. जिन लोगों की डाइट में फाइटोकेमिकल्स की मात्रा ज्यादा थी, उनमें REM स्लीप करीब 0.62% पॉइंट ज्यादा और हल्की नींद करीब 1% पॉइंट कम पाई गई. वहीं रात का हार्ट रेट भी करीब 0.93 bpm कम था.
फाइटोकेमिकल्स पौधों में प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले यौगिक होते हैं. फल, सब्जियां, दाल, बीन्स, नट्स और दूसरे प्लांट फूड इनका स्रोत हो सकते हैं. हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि कोई एक खास फल या सब्जी खाने से नींद या दिल की बीमारी का खतरा तुरंत कम हो जाएगा. यहां पूरी डाइट के पैटर्न को देखा गया है.
फाइबर ही नहीं, पूरी लाइफस्टाइल भी जरूरी
रिसर्च में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, फैट और माइक्रोन्यूट्रिएंट्स की रोजाना मात्रा में छोटे बदलावों का नींद पर कोई मजबूत संबंध नहीं मिला. इससे संकेत मिलता है कि सिर्फ किसी एक पोषक तत्व पर ध्यान देने के बजाय पूरी डाइट को संतुलित रखना ज्यादा महत्वपूर्ण हो सकता है.
किन आदतों को बदलें?
खराब खान-पान, एक्सरसाइज की कमी, तंबाकू, मोटापा, हाई BP, हाई ब्लड शुगर और ज्यादा कोलेस्ट्रॉल जैसे कारण दिल की बीमारी का खतरा बढ़ा सकते हैं. इसलिए सिर्फ रात के खाने पर ध्यान देना काफी नहीं है. पूरे दिन हेल्दी और कम प्रोसेस्ड खाना, रोज थोड़ा एक्सरसाइज करना और BP, शुगर और कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल में रखना दिल को स्वस्थ रखने के लिए जरूरी है.
दिल की बीमारी से बचने के लिए डाइट क्यों जरूरी?
दिल की बीमारी दुनिया में मौत की बड़ी वजहों में से एक है. आंकड़ों के मुताबिक, 2021 में इस्केमिक हार्ट डिजीज (IHD) से करीब 90 लाख लोगों की मौत हुई, जो दुनिया की कुल मौतों का लगभग 13% है. हार्ट अटैक और स्ट्रोक, दिल और ब्लड वेसल से जुड़ी बीमारियों से होने वाली करीब 85% मौतों की वजह हैं.



