न सर पर छत, न पेट में दाना! बारिश में उजड़े करीब 50 परिवार, DM से बोले- साहब अब कहां जाएं?

बांदा के नरैनी क्षेत्र में बारिश से प्रभावित करीब 50 ग्रामीण DM कार्यालय पहुंचे। ग्रामीणों ने मकान गिरने के बाद भोजन, आर्थिक मदद और सुरक्षित आश्रय की मांग की।

4पीएम न्यूज नेटवर्क:  बांदा में बारिश गरीब परिवारों के लिए आफत बनती जा रही है। नरैनी तहसील के जरर गांव से करीब 50 ग्रामीण सोमवार को जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार बारिश में कच्चे मकान ढह गए, घर का सामान बर्बाद हो गया और अब कई परिवारों के पास न सिर छिपाने की जगह है, न भोजन का इंतजाम।

बारिश ने छीनी छत, दूसरों के घरों में शरण

ग्रामीणों के मुताबिक, करीब डेढ़ महीने से रुक-रुककर हो रही बारिश ने उनके कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचाया। कई परिवारों के घर गिरने के बाद महिलाएं और बच्चे दूसरे ग्रामीणों के घरों या दरवाजों पर रात गुजारने को मजबूर हैं। बचा हुआ घरेलू सामान भी सुरक्षित रखने के लिए दूसरों के यहां रखा गया है।

बांदा में हालिया बारिश के दौरान कच्चे मकान गिरने से जान जाने की घटनाएं भी सामने आई हैं।

ग्रामीणों ने DM से लगाई राहत की गुहार

कलेक्ट्रेट पहुंचे ग्रामीणों ने मकानों के नुकसान का सर्वे कराने और प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत देने की मांग की। उनका कहना है कि घर उजड़ने के बाद रोजमर्रा का जीवन चलाना मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों ने भोजन, आर्थिक सहायता और सुरक्षित आश्रय की मांग भी रखी।

राजाभैया मिश्रा, जगत यादव और मुन्नी समेत ग्रामीणों ने अपनी परेशानी प्रशासन के सामने रखी।

अब सर्वे और राहत का इंतजार

ग्रामीणों की सबसे बड़ी चिंता बच्चों और परिवार के लिए सुरक्षित ठिकाने की है। उन्होंने प्रशासन से जल्द नुकसान का आकलन कर राहत उपलब्ध कराने की अपील की है। जिले में बारिश से जुड़े नुकसान और राहत की शिकायतें पहले भी सामने आती रही हैं।

अब नजर इस बात पर है कि जरर गांव से पहुंचे इन परिवारों की शिकायत पर प्रशासन की ओर से क्या कार्रवाई होती है। बांदा जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट पर नरैनी एसडीएम और अन्य अधिकारियों के संपर्क विवरण भी उपलब्ध हैं।

रिपोर्ट – इक़बाल खान, बांदा

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