इसुदान गढ़वी ने सरकार को घेरा, किसानों के लिए की तुरंत राहत की मांग

गुजरात में सूखे के संकट को लेकर आम आदमी पार्टी के नेता इसुदान गढ़वी ने सरकार पर सवाल उठाए हैं... उन्होंने किसानों की स्थिति को लेकर...  

4पीएम न्यूज नेटवर्कः गुजरात के कई इलाकों में किसानों के सामने सूखे जैसी गंभीर स्थिति होने की खबरें सामने आर रही है.. वहीं बारिश की कमी और खेती से जुड़ी परेशानियों के बीच.. किसानों की स्थिति को लेकर आम आदमी पार्टी ने गुजरात सरकार से तत्काल कदम उठाने की मांग की है.. AAP गुजरात के प्रदेश अध्यक्ष इसुदान गढ़वी ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर प्रभावित क्षेत्रों का बिना किसी देरी के सर्वे कराने की मांग की है.. उनका कहना है कि जमीनी स्तर पर वास्तविक स्थिति का आकलन किया जाना चाहिए.. और सर्वे के आधार पर यह तय किया जाना चाहिए कि किन इलाकों में सूखे की स्थिति घोषित करने की आवश्यकता है.. पार्टी ने सरकार से किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए तत्काल राहत पहुंचाने की मांग की है..

इसुदान गढ़वी की ओर से मुख्यमंत्री को लिखे गए पत्र में कहा गया है कि प्रभावित इलाकों में किसानों की स्थिति का सही आकलन बेहद जरूरी है.. उनके अनुसार केवल कागजी आंकड़ों के आधार पर स्थिति का आकलन करने के बजाय खेतों.. और गांवों तक पहुंचकर वास्तविक हालात की जानकारी जुटाई जानी चाहिए.. AAP की मांग है कि जिन क्षेत्रों में बारिश की कमी के कारण फसलों.. और खेती पर प्रतिकूल असर पड़ा है.. वहां जल्द से जल्द सर्वेक्षण कराया जाए.. इस सर्वे के माध्यम से फसल की स्थिति, किसानों को हुए नुकसान और पानी की उपलब्धता जैसी परिस्थितियों की जानकारी जुटाई जा सकती है.. पार्टी का कहना है कि सर्वे के बाद वास्तविक परिस्थितियों के आधार पर आगे की राहत.. और सहायता का निर्णय लिया जाना चाहिए..

AAP प्रदेश अध्यक्ष ने किसानों के लिए तत्काल राहत की मांग भी उठाई है.. उनका कहना है कि अगर किसी क्षेत्र में सूखे या गंभीर जल संकट जैसी स्थिति सामने आती है.. तो वहां किसानों को राहत देने के लिए सरकार को इंतजार नहीं करना चाहिए.. किसानों की आजीविका खेती पर निर्भर होती है.. और फसल प्रभावित होने की स्थिति में उनके सामने आर्थिक परेशानियां बढ़ सकती हैं.. ऐसे में सरकार को प्रभावित किसानों की जरूरतों का आकलन करके राहत संबंधी कदम उठाने चाहिए.. पार्टी की ओर से यह भी मांग की गई है.. कि किसानों से प्राप्त सहायता संबंधी आवेदनों पर तेजी से कार्रवाई हो.. जिन किसानों ने सरकारी मदद के लिए आवेदन किया है.. उनके मामलों को लंबित रखने के बजाय निर्धारित प्रक्रिया के तहत जल्द निपटाने की व्यवस्था की जाए..

वहीं सूखे की स्थिति का असर केवल खेतों और फसलों तक सीमित नहीं रहता.. बल्कि पशुधन पर भी पड़ सकता है.. इसी को ध्यान में रखते हुए इसुदान गढ़वी ने प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं के लिए चारे और पानी की व्यवस्था करने की मांग की है.. उनका कहना है कि किसानों के परिवारों के साथ बड़ी संख्या में पशुधन भी ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है.. यदि पानी और चारे की उपलब्धता प्रभावित होती है.. तो किसानों के सामने अतिरिक्त संकट खड़ा हो सकता है.. इसलिए राहत योजनाओं में पशुओं के लिए आवश्यक चारा.. और पानी उपलब्ध कराने की व्यवस्था को भी शामिल किया जाना चाहिए.. सरकार की ओर से ऐसे क्षेत्रों की पहचान करके आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने की मांग AAP की तरफ से की गई है..

इसके अलावा खेत मजदूरों के लिए भी राहत कार्य शुरू करने की मांग उठाई गई है.. खेती से जुड़े काम कम होने या फसलों के प्रभावित होने की स्थिति में ग्रामीण मजदूरों की आय पर भी असर पड़ सकता है.. AAP का कहना है कि ऐसे समय में जरूरतमंद खेत मजदूरों को राहत देने के लिए रोजगार.. और राहत कार्यों की व्यवस्था की जानी चाहिए.. इससे प्रभावित परिवारों को आय का सहारा मिल सकता है.. और ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक दबाव को कम करने में मदद मिल सकती है.. पार्टी ने सरकार से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों की पहचान करने के बाद वहां राहत कार्यों की योजना बनाई जाए.. साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि सरकारी सहायता.. और राहत का लाभ वास्तविक रूप से प्रभावित लोगों तक पहुंचे..

 

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