AAP का BJP सरकार पर बड़ा हमला, किसानों के लिए दी आंदोलन की चेतावनी
गुजरात में सूखा घोषित करने की मांग को लेकर आम आदमी पार्टी ने BJP सरकार पर निशाना साधा है... AAP किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः गुजरात में सूखे की स्थिति को लेकर आम आदमी पार्टी ने राज्य की भारतीय जनता पार्टी सरकार पर तीखा हमला बोला है.. AAP किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष प्रवीण राम ने गुजरात के कई जिलों में किसानों की स्थिति को गंभीर बताते हुए.. राज्य सरकार से तत्काल सूखा घोषित करने की मांग की है.. जिसको लेकर प्रवीण राम का कहना है कि मॉनसून का मौसम लगभग समाप्त होने की स्थिति में है.. लेकिन इसके बावजूद सरकार किसानों की परेशानी को गंभीरता से नहीं ले रही है.. और उन्होंने सवाल उठाया कि अगर महाराष्ट्र में BJP सरकार सूखा घोषित कर सकती है.. तो गुजरात में BJP सरकार ऐसा फैसला क्यों नहीं कर रही है.. वहीं प्रवीण राम ने कहा कि किसानों को अब सरकारी घोषणा और राहत का इंतजार है..
बता दें कि प्रवीण राम ने कहा कि गुजरात के किसानों ने बड़ी संख्या में भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में मतदान किया था.. और राज्य में BJP को मजबूत राजनीतिक समर्थन दिया.. इसके बावजूद आज वही किसान कई तरह की परेशानियों का सामना कर रहे हैं.. और उन्होंने कहा कि किसानों की उम्मीद सरकार से होती है कि.. मुश्किल परिस्थितियों में सरकार उनके साथ खड़ी होगी.. और उन्हें आवश्यक राहत उपलब्ध कराएगी.. AAP किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष के अनुसार.. मौजूदा हालात में सरकार को किसानों की स्थिति का आकलन करके जल्द निर्णय लेना चाहिए.. उन्होंने कहा कि केवल आश्वासन देने से किसानों की समस्याएं दूर नहीं होंगी.. यदि बारिश की कमी के कारण खेती प्रभावित हुई है.. तो किसानों के नुकसान का आकलन करके राहत.. और सहायता की ठोस व्यवस्था करना सरकार की जिम्मेदारी है..
AAP नेता ने गुजरात के द्वारका, पोरबंदर, जामनगर और कच्छ समेत कई जिलों का जिक्र करते हुए कहा कि.. इन क्षेत्रों में किसानों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है.. उनके मुताबिक कई इलाकों में अपेक्षित बारिश नहीं होने के कारण खेती और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर असर पड़ा है.. प्रवीण राम का दावा है कि जिन किसानों ने बारिश पर निर्भर होकर खेती की.. उनके सामने अब फसल और आय से जुड़े गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.. उन्होंने कहा कि सूखे जैसी परिस्थितियों में सबसे ज्यादा असर छोटे और सीमांत किसानों पर पड़ता है.. क्योंकि उनके पास नुकसान की भरपाई के सीमित साधन होते हैं.. ऐसे में सरकार को प्रभावित क्षेत्रों की वास्तविक स्थिति का तत्काल सर्वेक्षण कराकर किसानों के हित में आवश्यक कदम उठाने चाहिए..
प्रवीण राम ने कहा कि मॉनसून का समय अब लगभग समाप्त हो चुका है.. और इसलिए सरकार के पास स्थिति को देखने के नाम पर.. और अधिक इंतजार करने का कारण नहीं होना चाहिए.. और उन्होंने कहा कि यदि किसी क्षेत्र में बारिश की कमी के कारण खेती प्रभावित हुई है.. तो वहां प्रशासन को समय रहते किसानों की समस्याओं का संज्ञान लेना चाहिए.. AAP किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष ने सरकार से मांग की कि राज्य के प्रभावित जिलों में फसल, जलस्रोतों.. और किसानों की आर्थिक स्थिति का व्यापक सर्वेक्षण कराया जाए.. और इस सर्वेक्षण के आधार पर यह तय किया जाना चाहिए कि किन क्षेत्रों को सूखा प्रभावित घोषित करने की जरूरत है.. और किसानों को किस प्रकार की राहत दी जानी चाहिए..
आपक बता दें कि उन्होंने महाराष्ट्र का उदाहरण देते हुए गुजरात सरकार से सवाल किया कि.. जब महाराष्ट्र में BJP की सरकार सूखे की स्थिति को देखते हुए घोषणा कर सकती है.. तो गुजरात में ऐसी कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है.. प्रवीण राम के इस बयान का मुख्य केंद्र किसानों के लिए समान नीति और राहत की मांग है.. उनका कहना है कि गुजरात के किसानों के साथ भी उसी गंभीरता से व्यवहार किया जाना चाहिए.. जिस तरह किसी अन्य राज्य में किसानों की समस्याओं को लेकर सरकार निर्णय लेती है.. उन्होंने कहा कि राजनीतिक समर्थन देने वाले किसानों की समस्याओं को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए.. उनके मुताबिक सरकार को राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से ऊपर उठकर किसानों की स्थिति.. और उनकी आर्थिक परेशानी पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए..



