सांड के हमले से बुजुर्ग की मौत के बाद ग्रामीणों में आक्रोश, आवारा पशुओं को पकड़ने की मांग
उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में आवारा सांड के हमले की एक दर्दनाक घटना सामने आई है। इमलिया सुल्तानपुर थाना क्षेत्र के शेरपुर गांव में रविवार दोपहर एक आवारा सांड ने 65 वर्षीय बुजुर्ग पर हमला कर दिया।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में आवारा सांड के हमले की एक दर्दनाक घटना सामने आई है। इमलिया सुल्तानपुर थाना क्षेत्र के शेरपुर गांव में रविवार दोपहर एक आवारा सांड ने 65 वर्षीय बुजुर्ग पर हमला कर दिया।
हमले में बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल हो गए और उनकी मौत हो गई। घटना के बाद गांव में हड़कंप मच गया। मृतक की पहचान शेरपुर निवासी मुन्ना पुत्र छोटई (65) के रूप में हुई है। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों और ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। बुजुर्ग की मौत की खबर जैसे ही परिवार तक पहुंची, घर में मातम पसर गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
टहलने के लिए घर से निकले थे बुजुर्ग
जानकारी के अनुसार, मुन्ना रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे अपने घर से टहलने के लिए निकले थे। वह गांव में ही रास्ते से होकर जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में मौजूद एक आवारा सांड ने अचानक उन पर हमला कर दिया।
बताया गया कि सांड ने बुजुर्ग को जोरदार टक्कर मार दी। अचानक हुए हमले से वह संभल नहीं सके और गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े।घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों में भी दहशत फैल गई। ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभालने की कोशिश की।
गंभीर चोट लगने से मौके पर मौत
ग्रामीणों के मुताबिक, सांड के हमले में बुजुर्ग को गंभीर चोटें आईं। चोट इतनी गंभीर थी कि उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार के लोग भी मौके पर पहुंच गए। बुजुर्ग की मौत की खबर से परिजनों में कोहराम मच गया। गांव के लोग भी बड़ी संख्या में घटनास्थल पर पहुंच गए।
सूचना पर पहुंची पुलिस, शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलने के बाद इमलिया सुल्तानपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया और मामले की जानकारी जुटाई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी की। इसके बाद शव को पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।पुलिस की ओर से घटना के संबंध में आवश्यक जांच की जा रही है।
आवारा सांडों से ग्रामीणों में दहशत
इस घटना के बाद गांव में आवारा सांडों की समस्या को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में आवारा पशुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। सड़कों और गलियों में घूमने वाले सांडों के कारण लोगों को परेशानी और खतरा बना रहता है।
ग्रामीणों का दावा है कि आवारा सांड पहले भी लोगों पर हमला कर उन्हें घायल कर चुके हैं। इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है। ग्रामीणों का कहना है कि बुजुर्ग, बच्चे और महिलाएं खास तौर पर ऐसे आवारा पशुओं के कारण डर के माहौल में रहते हैं। रास्तों पर अचानक सांडों के आ जाने से दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
प्रशासन से आवारा पशुओं को पकड़ने की मांग
घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से क्षेत्र में घूम रहे आवारा सांडों और अन्य पशुओं को पकड़वाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि आवारा पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। ग्रामीणों ने मांग की है कि संबंधित विभाग गांव और आसपास के इलाकों में अभियान चलाकर आवारा पशुओं की समस्या का समाधान करे। उनका कहना है कि केवल घटना के बाद कार्रवाई करने के बजाय पहले से प्रभावी व्यवस्था की जरूरत है।
परिवार में पसरा मातम
मुन्ना की मौत के बाद उनके परिवार में मातम पसरा हुआ है। जिस बुजुर्ग की मौत सामान्य रूप से घर लौटने के बाद होनी थी, उनकी जान अचानक हुए सांड के हमले में चली गई। घटना के बाद शेरपुर गांव में भी शोक का माहौल है। ग्रामीण मृतक के परिवार को सांत्वना दे रहे हैं और प्रशासन से आवारा पशुओं के खिलाफ प्रभावी कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।



