राम मंदिर में प्रसाद और भोजन की शुद्धता पर FSSAI की मोहर, ‘ईट राइट प्लेस ऑफ वर्शिप’ सर्टिफिकेट मिला

भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर को आधिकारिक तौर पर ‘ईट राइट प्लेस ऑफ वर्शिप-भोग’ प्रमाणपत्र प्रदान किया है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में रामलला को अर्पित किए जाने वाले भोग-प्रसाद की शुद्धता और खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ी उपलब्धि सामने आई है।

भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर को आधिकारिक तौर पर ‘ईट राइट प्लेस ऑफ वर्शिप-भोग’ प्रमाणपत्र प्रदान किया है। खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता से जुड़े निर्धारित मानकों के मूल्यांकन में मंदिर को 114 में से 103 अंक मिले हैं। इस उपलब्धि के साथ मंदिर को ‘अतिविशिष्ट’ श्रेणी में शामिल किए जाने की जानकारी दी गई है।

इस प्रमाणपत्र को मंदिर में भोग-प्रसाद की गुणवत्ता, स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा व्यवस्था के मूल्यांकन से जुड़ी महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। रामलला के दर्शन के लिए देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु अयोध्या पहुंचते हैं। ऐसे में प्रसाद तैयार करने से लेकर उसके वितरण तक खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना विशेष महत्व रखता है।

FSSAI ने खाद्य सुरक्षा मानकों के आधार पर किया मूल्यांकन

भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण देश में खाद्य पदार्थों की सुरक्षा और गुणवत्ता से जुड़े मानकों को निर्धारित करने वाली प्रमुख संस्था है। धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं को दिए जाने वाले भोग और प्रसाद की स्वच्छता तथा सुरक्षित प्रबंधन को प्रोत्साहित करने के लिए भी विशेष पहल की जाती है।

उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में भोग-प्रसाद से संबंधित व्यवस्था का निर्धारित खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता मानकों के आधार पर मूल्यांकन किया गया। इस मूल्यांकन में मंदिर को कुल 114 अंकों में से 103 अंक प्राप्त हुए। इसी के आधार पर मंदिर को ‘ईट राइट प्लेस ऑफ वर्शिप-भोग’ प्रमाणपत्र प्रदान किए जाने की जानकारी सामने आई है।

क्या है ‘ईट राइट प्लेस ऑफ वर्शिप-भोग’ प्रमाणपत्र?

‘ईट राइट प्लेस ऑफ वर्शिप-भोग’ FSSAI की उस पहल से जुड़ा प्रमाणपत्र है, जिसका उद्देश्य धार्मिक स्थलों पर भोग और प्रसाद के सुरक्षित प्रबंधन तथा खाद्य स्वच्छता को बढ़ावा देना है।

इस पहल के तहत खाद्य पदार्थों की तैयारी, रखरखाव, साफ-सफाई और वितरण से संबंधित निर्धारित प्रक्रियाओं का मूल्यांकन किया जाता है। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि श्रद्धालुओं को दिया जाने वाला प्रसाद खाद्य सुरक्षा के मानकों के अनुरूप तैयार और वितरित किया जाए।अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर को यह प्रमाणपत्र मिलना मंदिर की भोग-प्रसाद व्यवस्था के मूल्यांकन से जुड़ी उपलब्धि है।

114 में से 103 अंक, ‘अतिविशिष्ट’ श्रेणी में मंदिर

मंदिर को मूल्यांकन के दौरान 114 में से 103 अंक मिले हैं। उपलब्ध जानकारी में इस प्रदर्शन के आधार पर मंदिर को ‘अतिविशिष्ट’ श्रेणी में शामिल किए जाने की बात कही गई है।यह उपलब्धि धार्मिक स्थलों पर खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता के महत्व को भी रेखांकित करती है। विशेष रूप से ऐसे मंदिरों में, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, भोग और प्रसाद के सुरक्षित प्रबंधन की व्यवस्था महत्वपूर्ण होती है।हालांकि, प्रमाणपत्र की वैधता अवधि, मूल्यांकन की तारीख और संबंधित श्रेणी के आधिकारिक मानदंडों का विवरण प्रमाणपत्र या FSSAI के आधिकारिक दस्तावेज से सत्यापित किया जाना चाहिए।

श्रद्धालुओं के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह उपलब्धि?

श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में रामलला के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। दर्शन के साथ भोग-प्रसाद का धार्मिक और भावनात्मक महत्व भी जुड़ा हुआ है। ऐसे में प्रसाद की तैयारी, साफ-सफाई और वितरण में खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण है।FSSAI से संबंधित प्रमाणपत्र मिलने की जानकारी मंदिर की खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक सकारात्मक उपलब्धि के रूप में सामने आई है। इससे धार्मिक स्थलों पर प्रसाद के सुरक्षित प्रबंधन और स्वच्छता को लेकर जागरूकता बढ़ाने में भी मदद मिल सकती है।

अयोध्या मंदिर के लिए एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि

श्रीराम जन्मभूमि मंदिर को ‘ईट राइट प्लेस ऑफ वर्शिप-भोग’ प्रमाणपत्र मिलने की खबर अयोध्या के धार्मिक और प्रशासनिक क्षेत्र में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। 114 में से 103 अंक प्राप्त करना निर्धारित मूल्यांकन में मंदिर के प्रदर्शन को दर्शाता है।

इस उपलब्धि के साथ खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता के मानकों पर ध्यान देने का संदेश भी सामने आता है। मंदिर में भोग-प्रसाद की व्यवस्था से जुड़े मानकों का नियमित पालन सुनिश्चित करना आगे भी महत्वपूर्ण रहेगा।अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर को FSSAI का ‘ईट राइट प्लेस ऑफ वर्शिप-भोग’ प्रमाणपत्र मिलने की जानकारी सामने आई है। मूल्यांकन में 114 में से 103 अंक प्राप्त होने और ‘अतिविशिष्ट’ श्रेणी में शामिल किए जाने का दावा मंदिर की खाद्य सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी इस खबर को महत्वपूर्ण बनाता है।

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