हड्डियों के स्वास्थ्य के लिएमहत्वपूर्ण है विटामिन डी

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
विटामिन डी का नाम पिछले कुछ वर्षों में स्वास्थ्य चर्चा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है। लोग अक्सर थकान, शरीर दर्द या कमजोरी को विटामिन डी की कमी से जोड़ देते हैं। लेकिन वास्तविकता यह है कि शरीर में विटामिन डी की स्थिति कई कारकों पर निर्भर करती है और केवल लक्षणों के आधार पर इसकी कमी तय नहीं की जा सकती। विटामिन डी शरीर में कैल्शियम के अवशोषण और हड्डियों के स्वास्थ्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसके अलावा शरीर की कई अन्य जैविक प्रक्रियाओं में भी इसकी भूमिका होती है।
धूप क्यों महत्वपूर्ण है
सूर्य की किरणों के संपर्क में आने पर त्वचा शरीर में विटामिन डी बनाने की प्रक्रिया शुरू करती है। लेकिन हर व्यक्ति में इसका स्तर समान नहीं होता। त्वचा का रंग, उम्र, मौसम, भौगोलिक स्थिति, कपड़े और धूप में बिताया गया समय जैसे कई कारक प्रभावित करते हैं। इसलिए हर व्यक्ति को इतने मिनट धूप जैसी एक ही सलाह सभी पर लागू नहीं की जा सकती। कुछ लोगों में भोजन, सूर्य के कम संपर्क, उम्र या अन्य कारणों से विटामिन ष्ठ का स्तर कम हो सकता है। ऐसी स्थिति में चिकित्सक रक्त जांच और स्वास्थ्य स्थिति के आधार पर सप्लीमेंट की सलाह दे सकते हैं।
जांच कब
हर व्यक्ति को नियमित रूप से विटामिन ष्ठ की जांच की आवश्यकता हो, ऐसा जरूरी नहीं। जिन लोगों में कमी का जोखिम अधिक हो या जिनमें चिकित्सकीय कारण से जांच जरूरी हो, डॉक्टर जांच की सलाह दे सकते हैं।
हड्डियों के लिए ये भी महत्वपूर्ण
हड्डियों की मजबूती के लिए पर्याप्त कैल्शियम, प्रोटीन, शारीरिक गतिविधि और मांसपेशियों की ताकत भी महत्वपूर्ण हैं। उम्र बढऩे के साथ गिरने और फ्रैक्चर के जोखिम को कम करने के लिए संतुलन और मांसपेशियों की क्षमता पर ध्यान देना भी उपयोगी है। इसलिए संतुलित आहार, उचित सूर्य संपर्क, नियमित शारीरिक गतिविधि और जरूरत पडऩे पर चिकित्सकीय जांच—यही संतुलित तरीका है। इसलिए विटामिन डी जरूरी है, लेकिन इसके प्रति जागरूकता का मतलब अनावश्यक सप्लीमेंट लेना नहीं है।
क्या गोली लेनी चाहिए
विटामिन डी की जरूरत व्यक्ति की उम्र और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार अलग हो सकती है। बिना जरूरत लंबे समय तक उच्च मात्रा में सप्लीमेंट लेने से शरीर में कैल्शियम का स्तर बहुत अधिक हो सकता है और नुकसान हो सकता है। इसलिए सप्लीमेंट की खुराक डॉक्टर की सलाह से लेना बेहतर है। इसलिए केवल सप्लीमेंट से हड्डियां मजबूत नहीं होती हैं। बल्कि हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए संतुलित पोषण और शारीरिक गतिविधि भी महत्वपूर्ण हैं।



