ऊधमपुर में बस हादसे से मची चीख-पुकार, 16 घायल; दो लोगों की मौत

लाटी मुख्यालय से पंचौंड होते हुए ऊधमपुर की ओर जा रही एक यात्री बस गुल्ली गला इलाके में अचानक अनियंत्रित हो गई और करीब 100 फीट गहरी खाई में जा गिरी।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: जम्मू-कश्मीर के ऊधमपुर जिले में बुधवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। लाटी मुख्यालय से पंचौंड होते हुए ऊधमपुर की ओर जा रही एक यात्री बस गुल्ली गला इलाके में अचानक अनियंत्रित हो गई और करीब 100 फीट गहरी खाई में जा गिरी।

इस हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। हादसे में 16 यात्रियों के घायल होने की शुरुआती सूचना है। वहीं, मिली जानकारी के अनुसार, एक बच्ची और एक महिला की मौत होने की खबर भी सामने आई है।

जानकारी के अनुसार, यात्री बस बुधवार सुबह लाटी मुख्यालय से पंचौंड के रास्ते ऊधमपुर की ओर जा रही थी। इसी दौरान बस जब गुल्ली गला इलाके में पहुंची, तो चालक का बस से नियंत्रण हट गया। इसके बाद बस सड़क से फिसलकर करीब 100 फीट गहरी खाई में जा गिरी।

बस के खाई में गिरते ही यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। हादसा इतना गंभीर था कि बस में सवार कई लोग घायल हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों में भी हलचल मच गई और घायलों की मदद के लिए लोग आगे आए।

हालांकि, बस अनियंत्रित क्यों हुई और चालक का नियंत्रण किस वजह से बिगड़ा, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। हादसे के सही कारणों का पता जांच के बाद ही चल सकेगा।

हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। लोगों ने बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला और घायलों को निजी वाहनों की मदद से उप जिला अस्पताल रामनगर पहुंचाया।

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, घायलों में से छह को उपचार के लिए उप जिला अस्पताल रामनगर शिफ्ट किया जा रहा है। अन्य घायलों के संबंध में विस्तृत जानकारी का इंतजार है।

खराब सड़क हादसे की वजह होने की आशंका

पूर्व सरपंच हंस राज के मुताबिक, दुर्घटनास्थल पर सड़क की हालत काफी खराब है और शुरुआती तौर पर हादसे की वजह सड़क की खराब स्थिति मानी जा रही है।

हालांकि, दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल पाएगा। प्रशासन और बचाव दल मौके पर पहुंचकर आवश्यक सहायता उपलब्ध करा रहे हैं। घायलों की स्थिति और हादसे से जुड़ी अन्य जानकारियां जुटाई जा रही हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि अब तक किसी की मौत की सूचना नहीं है और प्रशासन की ओर से हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। उनका कार्यालय भी जिला प्रशासन के लगातार संपर्क में है।

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