शिक्षक एमएलसी चुनाव में दबाव बनाने का आरोप, सपा प्रत्याशी ने निर्वाचन अधिकारी को सौंपा ज्ञापन
गोरखपुर में शिक्षक एमएलसी चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी ने अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: गोरखपुर में शिक्षक एमएलसी चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी ने अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से सपा के एमएलसी प्रत्याशी डॉ. संजयन त्रिपाठी ने आरोप लगाया है…
जिला विद्यालय निरीक्षकों (डीआईओएस) के माध्यम से निजी विद्यालयों के प्रबंधकों पर भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में मतदान कराने का दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ऐसा नहीं करने पर विद्यालयों की मान्यता वापस लेने की धमकी दी जा रही है।
इस मामले को लेकर डॉ. संजयन त्रिपाठी बुधवार को समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ मंडलायुक्त कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर मामले की जांच कराने और दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की। हालांकि, इस मामले में संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने नहीं आया है।
भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में मतदान कराने का दबाव बनाने का आरोप
सपा प्रत्याशी डॉ. संजयन त्रिपाठी की ओर से दिए गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले विभिन्न जिलों के विद्यालय प्रबंधकों से इस तरह की शिकायतें मिली हैं। इनमें आजमगढ़ समेत अन्य जिलों के विद्यालय भी शामिल बताए गए हैं।
ज्ञापन के अनुसार, जिला विद्यालय निरीक्षक और उनके कार्यालय के माध्यम से वित्तविहीन विद्यालयों के प्रबंधकों पर दबाव बनाया जा रहा है कि वे अपने विद्यालय के मतदाताओं से भाजपा प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी के पक्ष में मतदान कराएं।
आरोप है कि विद्यालय प्रबंधकों को यह निर्देश दिया जा रहा है कि वे अपने यहां के सभी मतदाताओं को भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में वोट देने के लिए कहें। सपा प्रत्याशी ने इसे चुनाव की निष्पक्षता से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए निर्वाचन अधिकारी से शिकायत की है।
वोट नहीं देने पर मान्यता वापस लेने की धमकी का आरोप
सपा प्रत्याशी ने अपने ज्ञापन में आरोप लगाया है कि भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में मतदान नहीं कराने पर विद्यालयों की मान्यता वापस लेने की धमकी दी जा रही है। आरोप के मुताबिक, इसके लिए जिलाधिकारी के माध्यम से कार्रवाई कराने की बात कही जा रही है।
डॉ. संजयन त्रिपाठी का कहना है कि चुनाव में हर मतदाता को अपनी पसंद के प्रत्याशी को वोट देने का अधिकार है। ऐसे में यदि किसी विद्यालय के प्रबंधक या मतदाता पर किसी खास प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करने का दबाव बनाया जाता है, तो यह चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करता है।
हालांकि, विद्यालयों की मान्यता वापस लेने की धमकी दिए जाने संबंधी आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इस संबंध में संबंधित अधिकारियों का जवाब भी सामने आना बाकी है।
मंडलायुक्त कार्यालय पहुंचकर सौंपा ज्ञापन
इस मामले को लेकर डॉ. संजयन त्रिपाठी समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ मंडलायुक्त कार्यालय पहुंचे। उन्होंने निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराने की मांग की।
उन्होंने कहा कि शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में किसी भी तरह का दबाव या पक्षपात नहीं होना चाहिए। चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष तरीके से पूरी होनी चाहिए, ताकि मतदाता बिना किसी डर या दबाव के अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकें।
सपा प्रत्याशी ने निर्वाचन अधिकारी से मांग की कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कराई जाए। यदि जांच में कोई अधिकारी दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाए।
चुनाव आयोग को भी भेजी गई शिकायत की प्रति
डॉ. संजयन त्रिपाठी ने निर्वाचन अधिकारी से यह भी अनुरोध किया कि शिकायत पर की गई कार्रवाई की जानकारी उन्हें दी जाए, ताकि मामले में आगे की स्थिति स्पष्ट हो सके।
इसके अलावा, ज्ञापन की प्रतिलिपि भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य चुनाव आयुक्त और उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को भी भेजी गई है। इसके माध्यम से चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता सुनिश्चित करने और शिकायत पर उचित कदम उठाने की मांग की गई है।
सपा के कई नेता रहे मौजूद
ज्ञापन सौंपने के दौरान समाजवादी पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। इनमें निवर्तमान जिलाध्यक्ष ब्रजेश कुमार गौतम, निवर्तमान महानगर अध्यक्ष शब्बीर कुरैशी, प्रहलाद यादव, जियाउल इस्लाम, मनुरोजन यादव, विंदा देवी, राजीव पांडेय, कीर्तिनिधि पांडेय, अखिलेश यादव, कपिल मुनि यादव, सिंहासन यादव, बृजनाथ मौर्य, जितेंद्र यादव, गवीश दुबे, धनंजय सिंह सैंथवार, विश्वजीत त्रिपाठी, कमर कुरैशी, करुणा निधान, सोनू पांडेय, अनुप यादव और अश्वनी गौड़ समेत अन्य लोग शामिल रहे।
जांच और कार्रवाई पर टिकी नजरें
शिक्षक एमएलसी चुनाव से जुड़े इस मामले में अब निर्वाचन अधिकारी की ओर से उठाए जाने वाले कदमों पर नजर रहेगी। सपा प्रत्याशी ने अधिकारियों पर दबाव बनाने और मान्यता वापस लेने की धमकी देने के आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
फिलहाल, ये आरोप शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए हैं। इनकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आने और निर्वाचन अधिकारी की ओर से कार्रवाई किए जाने के बाद ही मामले की स्थिति स्पष्ट होगी।
रिपोर्ट- अमरेंद्र पांडेय, गोरखपुर



