कानपुर कचहरी में वकीलों का आंदोलन जारी, नवंबर में लखनऊ में करेंगे प्रदर्शन

कानपुर कचहरी में अधिवक्ताओं की हड़ताल लगातार छठवें बुधवार को भी जारी रही। अपनी मांगों को लेकर अधिवक्ता न्यायिक कार्य से दूर रहे और सरकार के प्रति नाराजगी जताई।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: कानपुर कचहरी में अधिवक्ताओं की हड़ताल लगातार छठवें बुधवार को भी जारी रही। अपनी मांगों को लेकर अधिवक्ता न्यायिक कार्य से दूर रहे और सरकार के प्रति नाराजगी जताई।

अधिवक्ताओं का कहना है कि पिछले छह सप्ताह से लगातार आंदोलन करने के बावजूद सरकार की ओर से उनकी मांगों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। इससे वकीलों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

नवंबर में विधानसभा का घेराव करेंगे अधिवक्ता

लगातार चल रहे आंदोलन के बीच अधिवक्ताओं ने अब इसे प्रदेश स्तर पर तेज करने का फैसला किया है। इसके तहत आगामी नवंबर में उत्तर प्रदेश के सभी जिलों के अधिवक्ता एकजुट होकर लखनऊ में विधानसभा के सामने मानव श्रृंखला बनाएंगे। इसके साथ ही विधानसभा का घेराव कर अपनी मांगों के समर्थन में विरोध प्रदर्शन करेंगे।

अधिवक्ताओं का कहना है कि इस प्रदर्शन के जरिए सरकार तक अपनी बात पहुंचाई जाएगी। उनका उद्देश्य अपनी मांगों और समस्याओं की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित करना है। प्रदेशभर के अधिवक्ताओं की भागीदारी से आंदोलन को और व्यापक बनाने की तैयारी की जा रही है।

सरकार की ओर से ठोस कदम नहीं उठाने का आरोप

आंदोलन कर रहे अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि वे पिछले छह सप्ताह से अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया है। उनका कहना है कि लगातार हड़ताल और विरोध के बाद भी सरकार की ओर से सकारात्मक पहल नहीं होने के कारण उन्हें आंदोलन जारी रखने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

अधिवक्ताओं ने साफ किया कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक रुख नहीं अपनाती और कोई ठोस निर्णय नहीं लेती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। नवंबर में प्रस्तावित विधानसभा घेराव को इसी आंदोलन की अगली कड़ी माना जा रहा है।

हड़ताल से न्यायिक कामकाज प्रभावित

कानपुर कचहरी में लगातार छह बुधवार से हड़ताल जारी रहने के कारण न्यायिक कामकाज भी प्रभावित हो रहा है। मुकदमों की सुनवाई, पैरवी और अन्य कानूनी कार्यों के लिए कचहरी पहुंचने वाले वादकारियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

कई लोग अपने मुकदमों से जुड़ी तारीखों और जरूरी कानूनी प्रक्रियाओं के लिए कचहरी पहुंचते हैं। ऐसे में अधिवक्ताओं के न्यायिक कार्य से विरत रहने के कारण उन्हें इंतजार करना पड़ सकता है और उनके काम में देरी हो सकती है।

आंदोलन आगे भी जारी रखने के संकेत

छह सप्ताह से चल रहे आंदोलन के बावजूद समाधान नहीं निकलने से अधिवक्ताओं में नाराजगी बनी हुई है। अब नवंबर में प्रदेशभर के अधिवक्ताओं की ओर से विधानसभा घेराव और मानव श्रृंखला बनाने की घोषणा के बाद आंदोलन और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।

अधिवक्ताओं ने दोहराया कि उनकी मांगों पर ठोस फैसला होने तक विरोध जारी रहेगा। अब सभी की नजर सरकार की अगली पहल और नवंबर में प्रस्तावित प्रदर्शन पर टिकी है।
रिपोर्ट – प्रांजुल मिश्रा, कानपुर

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