कैलाश खेर के गीतों पर झूम उठा कानपुर, रामधुन से भक्तिमय हुई शरद पूर्णिमा की शाम
कानपुर के परेड रामलीला मैदान में कैलाश खेर ने सूफियाना गीतों और रामभजनों से समां बांध दिया। श्रीरामलीला सोसाइटी के 150वें वर्ष के समारोह में दर्शक झूम उठे और गायक ने शहर की व्यवस्थाओं की तारीफ की।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: कभी सूफियाना संगीत की मस्ती, तो कभी रामभक्ति की धुन—कानपुर के परेड रामलीला मैदान में शरद पूर्णिमा की शाम संगीत और आध्यात्मिकता के नाम रही। श्रीरामलीला सोसाइटी परेड के 150वें वर्ष के समारोह में मशहूर गायक कैलाश खेर और उनके कैलासा बैंड ने अपनी दमदार प्रस्तुति से दर्शकों का दिल जीत लिया। लोकप्रिय गीतों से लेकर रामभजनों तक, हर प्रस्तुति पर श्रोता झूमते नजर आए।
‘जाना जोगी दे नाल’ से शुरुआत, कैलासा के गीतों पर झूमे लोग
कैलाश खेर ने ‘जाना जोगी दे नाल’ से कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके बाद ‘आदि योगी’, ‘आओ जी आओ जी’ और ‘राम ही पार लगाएंगे’ जैसे गीतों ने माहौल को संगीतमय बना दिया। कार्यक्रम में ‘रंग दीनी रंग दीनी’, ‘तू जाने ना’ और ‘तेरे बिन नहीं लगदा दिल मेरा ढोलना’ जैसे लोकप्रिय गीत भी गूंजे। सूफियाना संगीत और भक्ति गीतों के इस संगम ने दर्शकों को देर तक बांधे रखा।
रामधुन और भजनों से आध्यात्मिक हुआ माहौल
शरद पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में कैलाश खेर ने कहा कि परमात्मा और आत्मा से जुड़े गीतों के जरिए वह लोगों को आध्यात्मिक अनुभव से जोड़ना चाहते हैं। उन्होंने दर्शकों से सिर्फ बैठकर सुनने के बजाय गीतों के साथ गाने और झूमने की अपील की। ‘राम ही पार लगाएंगे’ और ‘राम का रतजगा’ जैसे भक्ति गीतों ने पूरे आयोजन को भक्तिमय रंग में रंग दिया।
कैलाश खेर ने की कानपुर की संस्कृति और पुलिस व्यवस्था की तारीफ
कार्यक्रम के दौरान कैलाश खेर ने कानपुर की संस्कृति, शहर में आए बदलाव और दर्शकों के अनुशासन की सराहना की। उन्होंने पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल की व्यवस्थाओं की तारीफ करते हुए अपने खास अंदाज में कहा, “महाराज, गजब व्यवस्था की है, मजा आ गइस।” उन्होंने बिठूर से चंदन मंगवाने और माथे पर लगाने का भी जिक्र किया। श्रीरामलीला सोसाइटी के 150वें वर्ष के समारोह में उनकी प्रस्तुति ने शरद पूर्णिमा की शाम को यादगार बना दिया।
रिपोर्ट – प्रांजुल मिश्रा, कानपुर
यह भी पढ़ें: बरेली के सुभाषनगर में पुलिस की कार्रवाई, हत्या केस में चार आरोपी पकड़े गए



