गुजरात सरकार का बड़ा फैसला, 4 जिलों में सूखा घोषित

गुजरात सरकार ने किसानों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए राज्य के 4 जिलों में सूखा घोषित किया है... इस फैसले के तहत किसानों...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः गुजरात सरकार ने कम वर्षा की गंभीर स्थिति को देखते हुए चार जिलों को आधिकारिक रूप से सूखाग्रस्त घोषित कर दिया है.. मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गांधीनगर में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान देवभूमि द्वारका, पोरबंदर, जामनगर.. और कच्छ को सूखा प्रभावित क्षेत्र घोषित किया.. इस निर्णय से इन क्षेत्रों के किसानों और पशुपालकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जगी है.. राज्य में इस वर्ष औसत से कम बारिश हुई है.. खासकर सौराष्ट्र और कच्छ क्षेत्र में स्थिति चिंताजनक बनी हुई है.. सरकार ने फसल क्षति, पशु चारे और रोजगार संबंधी कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं.. ताकि प्रभावित परिवारों को आर्थिक मदद मिल सके..

जानकारी के मुताबिक कम वर्षा के कारण किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है.. मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने स्पष्ट किया कि सरकार किसानों के साथ खड़ी है.. और उनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता पर है.. फसल क्षति के लिए प्रति हेक्टेयर आठ हजार पांच सौ रुपये की सहायता राशि दी जाएगी.. यह सहायता अधिकतम दो हेक्टेयर भूमि तक सीमित रहेगी.. इस प्रावधान से छोटे और मध्यम किसानों को सीधा आर्थिक लाभ पहुंचेगा.. पात्रता और आवेदन की प्रक्रिया जल्द ही सरकारी अधिसूचना के माध्यम से स्पष्ट की जाएगी.. ताकि पात्र किसान बिना देरी के सहायता प्राप्त कर सकें..

पशुपालकों के लिए भी विशेष राहत पैकेज घोषित किया गया है.. सूखे की स्थिति में चारे की कमी पशुओं के स्वास्थ्य के लिए बड़ी चुनौती बन जाती है.. सरकार ने रियायती दरों पर चारे के वितरण की व्यवस्था पहले से ही शुरू कर रखी है.. अब तक एक करोड़ इक्कीस लाख किलोग्राम चारा दो रुपये प्रति किलोग्राम की दर से उपलब्ध कराया जा चुका है.. सरकार के पास वर्तमान में तीन करोड़ किलोग्राम चारा स्टॉक में उपलब्ध है.. आवश्यकता बढ़ने पर अतिरिक्त चारा उपलब्ध कराने की योजना भी तैयार है.. ताकि पशुओं को भूखे न रहना पड़े..

पशु शिविरों में प्रति पशु प्रतिदिन अस्सी रुपये की सहायता राशि दी जाएगी.. यह व्यवस्था पशुपालकों को आर्थिक कठिनाइयों से निपटने में मदद करेगी.. यदि आवश्यकता बनी रहती है तो सरकार अतिरिक्त सहायता प्रदान करने के लिए तैयार है.. कम वर्षा के कारण पानी और चारे की कमी की स्थिति में ये कदम पशुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए हैं.. प्रभावित क्षेत्रों में पशु शिविरों की संख्या बढ़ाने.. और उनके संचालन को सुचारू बनाने के निर्देश भी दिए गए हैं..

वहीं सूखा प्रभावित जिलों के गांवों में वीबी-जी राम जी योजना के तहत एक सौ पचास दिनों का रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा.. यह रोजगार योजना किसानों और मजदूर परिवारों को अतिरिक्त आय का स्रोत प्रदान करेगी.. सूखा घोषणा छह महीने तक लागू रहेगी.. इस अवधि के दौरान सरकार आवश्यक राहत और सहायता उपाय जारी रखेगी.. प्रभावित परिवारों को चारा, पशु शिविर.. और रोजगार व्यवस्था के माध्यम से व्यापक सहायता देने का प्रयास किया जाएगा ताकि उनकी आजीविका सुरक्षित रहे..

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि राज्य सरकार किसानों और पशुपालकों के हितों को सर्वोपरि मानती है.. संकट के समय सरकार उनके साथ खड़ी रहती है.. और हर संभव मदद प्रदान करती है.. चार जिलों में वर्षा की कमी के कारण कृषि.. और पशुधन दोनों प्रभावित हुए हैं.. इसलिए बहुआयामी राहत पैकेज तैयार किया गया है.. फसल सहायता, चारा वितरण, पशु सहायता.. और रोजगार गारंटी जैसी व्यवस्थाएं एक साथ लागू की जाएंगी.. ताकि व्यापक प्रभाव डाला जा सके.. देवभूमि द्वारका में वर्षा की स्थिति सबसे खराब रही है.. यहां औसत वर्षा का बहुत कम प्रतिशत ही दर्ज किया गया.. पोरबंदर, जामनगर और कच्छ में भी वर्षा सामान्य से काफी कम हुई है.. इन जिलों में कृषि मुख्य व्यवसाय है.. और कम वर्षा से फसल उत्पादन पर सीधा असर पड़ा है.. कई किसानों की फसलें सूख गईं या आंशिक रूप से नष्ट हो गईं.. सरकार ने केंद्र सरकार के सूखा निर्धारण दिशानिर्देशों का पालन करते हुए वैज्ञानिक आकलन के बाद यह निर्णय लिया है..

 

Related Articles

Back to top button