हथकड़ी भी नहीं रोक पाई आरोपी के कदम, बिसंडा थाने से हुआ फरार

उत्तर प्रदेश के बांदा जिले से पुलिस सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाला एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां बिसंडा थाने में पुलिस की हिरासत में रखा गया पॉक्सो एक्ट का आरोपी हथकड़ी समेत फरार हो गया।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: उत्तर प्रदेश के बांदा जिले से पुलिस सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाला एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां बिसंडा थाने में पुलिस की हिरासत में रखा गया पॉक्सो एक्ट का आरोपी हथकड़ी समेत फरार हो गया।

सबसे हैरानी की बात यह है कि आरोपी थाने के अंदर मौजूद था और उसके हाथों में हथकड़ी भी लगी हुई थी, इसके बावजूद पुलिसकर्मी उसकी निगरानी नहीं कर सके। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में आरोपी की तलाश के लिए पुलिस की कई टीमें गठित की गई हैं। एसओजी और सर्विलांस टीम को भी इस काम में लगाया गया है। वहीं, ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

क्या है पूरा मामला?

मिली जानकारी के अनुसार, पूरा मामला बांदा जनपद के बिसंडा थाना क्षेत्र का है। यहां मलखान यादव नाम के एक आरोपी के खिलाफ नाबालिग लड़की को भगाने के मामले में पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोपी के खिलाफ थाना बिसंडा में अपराध संख्या 172/26 के तहत मामला दर्ज है।

बताया जा रहा है कि पुलिस ने शनिवार को कार्रवाई करते हुए मलखान यादव को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद पुलिस आरोपी को बिसंडा थाने लेकर पहुंची, जहां उसे पुलिस की निगरानी में रखा गया था। जानकारी के मुताबिक, आरोपी देहात कोतवाली क्षेत्र का हिस्ट्रीशीटर भी बताया जा रहा है।

पुलिस हिरासत में होने के कारण आरोपी की सुरक्षा और निगरानी की जिम्मेदारी थाने में तैनात पुलिसकर्मियों की थी। लेकिन 31 अक्टूबर की रात ऐसा हुआ, जिसकी किसी को उम्मीद नहीं थी। आरोपी पुलिसकर्मियों को चकमा देकर थाने से फरार हो गया। हैरानी की बात यह है कि फरार होते समय आरोपी के हाथों में हथकड़ी लगी हुई थी। इसके बावजूद वह थाना परिसर से बाहर निकलने में कामयाब हो गया। जब पुलिसकर्मियों को आरोपी के फरार होने की जानकारी हुई तो थाने में अफरा-तफरी मच गई। इसके बाद पुलिस अधिकारियों को घटना की सूचना दी गई।

थाने के अंदर से आरोपी के फरार होने पर उठे सवाल

पुलिस थाने को सुरक्षा और कानून व्यवस्था का सबसे महत्वपूर्ण स्थान माना जाता है। यहां गिरफ्तार आरोपियों को पुलिस की निगरानी में रखा जाता है, ताकि वे भाग न सकें। लेकिन बिसंडा थाने में हुई इस घटना ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब आरोपी के हाथों में हथकड़ी लगी हुई थी और वह पुलिस की हिरासत में था, तो आखिर वह थाने से बाहर कैसे निकल गया? क्या उस समय पुलिसकर्मी अपनी ड्यूटी पर ध्यान नहीं दे रहे थे? क्या आरोपी की निगरानी में लापरवाही बरती गई या फिर सुरक्षा व्यवस्था में कोई दूसरी चूक हुई? फिलहाल इन सवालों के जवाब सामने आना बाकी है। पुलिस प्रशासन की ओर से मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी की तलाश के साथ-साथ पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है।

आरोपी की तलाश में एसओजी और सर्विलांस टीम लगाई गई

आरोपी के फरार होने की जानकारी मिलते ही पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया। उसकी गिरफ्तारी के लिए बिसंडा थाना पुलिस के साथ एसओजी और सर्विलांस टीम को भी जिम्मेदारी दी गई है।

पुलिस की टीमें आरोपी के संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। इसके अलावा उसके परिचितों और संभावित ठिकानों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि जल्द से जल्द उसे गिरफ्तार किया जा सके। पुलिस आरोपी की तलाश के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि फरार आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस की कई टीमें लगातार काम कर रही हैं।

सीओ बबेरू ने वीडियो जारी कर दी जानकारी

इस पूरे मामले को लेकर क्षेत्राधिकारी बबेरू कृष्णकांत त्रिपाठी ने वीडियो बयान जारी किया है। उन्होंने बताया कि फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें गठित कर दी गई हैं। पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही है और जल्द ही उसे गिरफ्तार किया जाएगा।

सीओ ने यह भी स्पष्ट किया कि आरोपी की गिरफ्तारी के बाद उसके खिलाफ नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधिकारियों के इस बयान के बाद अब सभी की नजरें आरोपी की गिरफ्तारी पर टिकी हुई हैं। हालांकि, थाने के अंदर से आरोपी के फरार होने की घटना ने पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।

ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों पर भी होगी कार्रवाई

इस मामले में पुलिस प्रशासन ने केवल फरार आरोपी की तलाश तक ही कार्रवाई सीमित नहीं रखी है, बल्कि घटना के समय ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारी भी तय की जा रही है। जारी किए गए पुलिस बयान के मुताबिक, आरोपी के साथ-साथ उन पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी समुचित धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है, जिनकी ड्यूटी के दौरान यह घटना हुई।

पुलिस प्रशासन का मानना है कि हिरासत में रखे गए आरोपी की निगरानी करना संबंधित पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारी थी। ऐसे में आरोपी का थाने से फरार हो जाना ड्यूटी में लापरवाही का गंभीर मामला माना जा रहा है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच में किन पुलिसकर्मियों की लापरवाही सामने आती है और उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।

पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर खड़े हुए गंभीर सवाल

बिसंडा थाने में हुई इस घटना ने कई महत्वपूर्ण सवाल खड़े कर दिए हैं। आमतौर पर किसी आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस उसे सुरक्षित रखने के लिए जरूरी इंतजाम करती है। खासकर गंभीर मामलों में गिरफ्तार आरोपियों की निगरानी को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरती जाती है। लेकिन यहां हथकड़ी लगे आरोपी का थाने से ही फरार हो जाना पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है।

लोगों के मन में भी यह सवाल उठ रहा है कि अगर कोई आरोपी थाने के अंदर से ही फरार हो सकता है, तो पुलिस की निगरानी व्यवस्था कितनी मजबूत है? आखिर आरोपी को मौका कैसे मिला? क्या थाने में पर्याप्त पुलिसकर्मी मौजूद नहीं थे या फिर ड्यूटी के दौरान किसी स्तर पर लापरवाही हुई? इन सभी सवालों का जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ सकेगा।

अब आरोपी की गिरफ्तारी का इंतजार

फिलहाल बांदा पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती फरार आरोपी मलखान यादव को जल्द से जल्द गिरफ्तार करना है। इसके लिए एसओजी, सर्विलांस और स्थानीय पुलिस की टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं। दूसरी ओर, घटना के समय ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। पुलिस प्रशासन की कोशिश है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार किया जाए और थाने से फरार होने के इस मामले में जिम्मेदारी तय की जाए।

रिपोर्ट:- इकबाल खान,बांदा

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